नगरोटा आतंकी साजिश पर भारत ने लिया एक्शन, पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारियों की कर दी खटिया खड़ी!

जम्मू-कश्मीर के नगरोटा में इमरान के जिहादियों को भारतीय सीमा में खून खरावा वाली साजिश रचना भारी पड़ गया. क्यों कि 72 हूरों का सपना पाले आतंकी जिस मकसद से ट्रक में छिपकर 26/11 जैसा हमला करने के लिए आए थे उन्हें हमारे जवानों ने बम से उड़ाकर जहन्नुम में पहुंचा दिया. और बता दिया है कि तुम्हारी हर साजिश का अब इसी तरह मुंहतोड़ जवाब मिलेगा. तो वहीं इस आतंकी साजिश के बाद से ही मोदी सरकार एक्शन में है. और विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारियों की खटिया खड़ी कर दी है. विदेश मंत्रालय ने पाकिस्‍तान उच्‍चायोग के अधिकारी को तलब किया है. और बयान जारी करते हुए कहा कि भारत ने पाकिस्तान को उसके सरजमीं पर चल रहे आतंकी गतिविधियों को बंद करने को लेकर कड़ी चेतावनी दी है.

दरअसल जम्मू कश्मीर के नगरोटा में गुरुवार को मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों ने बड़ी मात्रा में हथियारों और गोला-बारूद के साथ घाटी में घुसने की कोशिश कर रहे जैश ए मुहम्मद के चार आतंकियों को बम से उड़ाकर ढ़ेर कर दिया था. बाद में इसके पीछे 26/11 जैसे आतंकी हमले की साजिश का पर्दाफाश हुआ. बताया जा रहा है कि आतंकी पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से लगातार संपर्क में थे.

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इस आतंकी साजिश का खुलासा होने के बाद पीएम मोदी ने शुक्रवार को सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की. बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजील डोभाल, विदेश सचिव और शीर्ष खुफिया प्रतिष्ठानों के अधिकारी मौजूद रहे.

बैठक के बाद ट्वीट कर प्रधानमंत्री ने सुरक्षा बलों की सतर्कता की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर में लोकतांत्रिक प्रक्रिया बाधित करने के खतरनाक मंसूबे फिर नाकाम कर दिए हैं. जैश ए मुहम्मद से जुड़े चारों आतंकियों के मारे जाने और उनके पास बड़ी मात्र में हथियारों और गोला-बारूद की मौजूदगी उनके खतरनाक मंसूबों का साफ संकेत देती है, लेकिन सुरक्षा बलों की सतर्कता ने उनके मंसूबों को ध्वस्त कर दिया.

जानाकारी के मुताबिक बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कर दिया कि जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया बाधित करने के पाकिस्तान के मंसूबों को किसी भी हालत में सफल नहीं होने देना चाहिए और इसके लिए सुरक्षा एजेंसियों को हर संभव कदम उठाने चाहिए. उन्होंने इस सिलसिले में सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर भी बल दिया.

बता दें कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में पहली बार जिला विकास परिषदों के चुनाव होने जा रहे हैं और इसे जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया शुरू करने की दिशा में काफी अहम माना जा रहा है. जाहिर है कि पाकिस्तान किसी भी स्थिति में घाटी में लोकतांत्रिक जड़ों को मजबूत नहीं होने देना चाहता. इसलिए वो आतंकी साजिशें रचने में लगा हुआ है. मगर भारतीय सेना उसके इन मंसूबों को किसी कीमत पर कामयाब नहीं होने दे रही है.

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