बड़ा खुलासा : मौत से 5 दिन पहले सुशांत ने बहन को किया था SOS, कहा था- मुझे डर लगा रहा है, वो लोग…

कमोबेश पहेली बन चुका सुशांत डेथ केस, हर दिन नए खुलासे के साथ सुर्खियों में वापस लौट रहा है। इसी मामले में हुआ एक अहम खुलासा है सुशांत के एसओएस (SOS) का। जो उन्होंने मौत से 5 दिन पहले यानी 9 जून को अपनी बहन मीतू सिंह को किया था। सुशांत ने कहा था- मुझे डर लग रहा है, मुझे मार देंगे।

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सुशांत की यह चिंता उनकी सुरक्षा को लेकर तब हुई जब रिया 8 जून को उनका घर छोड़कर और लैपटॉप, कैमरा, हार्ड ड्राइव जैसी चीजें अपने साथ लेकर चली गईं थीं।

बहन को बताया था- वे लोग फंसा देंगे मुझे

टाइम्स नाउ की खबर के अनुसार इस मैसेज में सुशांत ने पहले यह मेंशन किया था कि उन्होंने रिया को भी कई बार कॉल करने की कोशिश की थी। लेकिन रिया ने उनका कॉल रिसीव नहीं किया। इसमें लिखा था- मेरा उससे बात करना बहुत जरूरी है क्योंकि मुझे डर है कि वे लोग मुझे किसी चीज में फंसा देंगे।

पिठानी ने भी सीबीआई को यही बताया था

सुशांत के फ्लैटमेट सिद्धार्थ पिठानी ने भी यही बात सीबीआई को दिए अपने बयान में कही है। पिछले दिनों सामने आए बयान में पिठानी ने कहा था- सुशांत दिशा की मौत की खबर सुनकर बेहोश हो गए थे। जब होश में आए तो उन्होंने कहा था कि वे लोग मुझे मार डालेंगे। बाद में उन्होंने अपनी सुरक्षा बढ़ाने की भी बात कही थी। इतना ही नहीं रिया को लगातार फोन भी लगाते रहे थे, क्योंकि वे उनका लैपटॉप, हार्ड ड्राइव और कैमरा ले गईं थीं और सबके पासवर्ड जानती थीं।

24 दिन बाद जांच को गया था फोन

सुशांत की मौत के 97 दिन बाद यह जानकारी सामने आ सकी है। मुंबई पुलिस की भूमिका इस केस की जांच में शुरू से ही संदिग्ध रही है। मुंबई पुलिस ने सुशांत का मोबाइल फॉरेंसिक जांच के लिए 24 दिन बाद भेजा था। जिसमें केवल यह सामने आया था कि सुशांत मरने से पहले अपने बारे में गूगल कर रहे थे और मरने के तरीके खोज रहे थे।

क्या है SOS फीचर

SOS एक स्पेशल फीचर होता है। जिसमें पहले से वेरिफाई किए गए फोन के सिस्टम में लॉक या वॉल्यूम की को मल्टीपल टाइम प्रेस करने से आटोमैटिक इमरजेंसी संदेश भेजा जा सकता है। यह संदेश उसी व्यक्ति के फोन पर जाता है जिसे आप आपातकाल में सबसे पहले मदद के लिए बुलाना चाहते हों। एसओएस के जरिए फोटो या वॉइस मैसेज भेजा जा सकता है। जिससे सामने वाले को पता चल जाए कि आप कहां और किन हालात में हैं।

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