बच्चे करते रहते इंतजार, समय से नहीं खुलता प्राथमिक विद्यालय मीरपुर


किशनी/मैनपुरी – परिषदीय विद्यालयों की हालत सुधरने का नाम नहीं ले रही है। किसी स्कूल में अध्यापक आते ही नहीं हैं। कहीं आते हैं तो समय से नहीं आते। कहीं पर एक ही अध्यापक सारे स्कूल के बच्चों को घेर कर रखता है तो बाकी अपने निजी कार्य निपटाने में व्यस्त रहते हैं। जबकि कई अध्यापक तो ऐसे हैं जो प्रशासन और उच्चाधिकारियों को ठेंगा दिखाते हुये कभी स्कूल जाते ही नहीं हैं और मुफ्त में भारी भरकम तनख्वाह हर माह निकाल लेते है। ऐसे गैर जिम्मेदार अध्यापकों के रहते अच्छी शिक्षा के सरकारी वायदे सिर्फ सपने ही बन कर रह जायेंगे।  

     बीआरसी कार्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित प्राथमिक विद्यालय मीरपुर का भी यही हाल है। कड़कड़ाती सर्दी के बीच बच्चे तो स्कूल में पहुंच जाते हैं। पर अध्यापक नदारद रहते हैं। सोमवार को भी यही हुआ। ग्रामीणों को तब आश्चर्य हुआ जब 10ः50 पर कुछ बच्चे अपने अपने कन्धों पर बस्ते टांगे स्कूल के बाहर खेलते नजर आये जबकि स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लटक रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि हैडमास्टर ममता, स0अ0 सुरजीत तथा शिक्षामित्र गीता दुबे अक्सर देरी से स्कूल खोलते हंै। जिससे कई बच्चे तो स्कूल के बाहर खेलते खेलते घर चले जाते हैं कुछ रह जाते हैं वही कुछ पढाई कर पाते हंै। ग्रामीणों ने मांग की कि स्कूल समय से खुलना चाहिये।


वर्जन- विजय प्रताप सिंह बीएसए
स्कूल समय से क्यों नहीं खुल रहा इसकी जांच कराई जायेगी। जांच के बाद आवश्यक कार्यवाही भी की जायेगी।  

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