अयोध्या दहलाने की बड़ी साजिश, पैरामिलिट्री फोर्स की निगरानी में प्रमुख मंदिर

कार्तिक मेला में आतंकी खतरे के इनपुट से सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस अलर्ट हो गई हैं। पूरे प्रदेश में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अयोध्या में आतंक निरोधक दस्ता पुलिस के सहयोग के लिए पहुंच चुका है। वहां कुछ स्थानों पर पैरामिलिट्री फोर्स के साथ एटीएस कमांडो तैनात कर दिए गए हैं। पुलिस के जिम्मेदार एटीएस के उच्चाधिकारियों से लगातार संपर्क में है।

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अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने वाला है। इसे लेकर अयोध्या में पहले से ही सरगर्मी है। इसके साथ ही खुफिया अलर्ट के बाद पूरे प्रदेश में पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। अयोध्या में मंगलवार से 14 कोसी परिक्रमा के साथ कार्तिक मेले का उल्लास भी शुरू हो चुका है। यहां राज्य के साथ केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने डेरा डाल रखा है। नेपाल के रास्ते सात आतंकियों के भारत में घुसने का संकेत मंगलवार को सार्वजनिक हुआ है। रामनगरी पहले से ही आतंकियों के निशाने पर है। सीओ अयोध्या का कहना है कि एटीएस कमांडो लगाए गए हैं। उन्हें अलग-अगल तैनाती दी गई है।

अयोध्या में चप्पे-चप्पे पर निगरानी के लिए ड्रोन के साथ सीसीटीवी लगाए गए हैं। इसके अलावा रेलवे स्टेशनों पर पुलिस गहन तलाशी अभियान चला रही है। अयोध्या में 18 हजार से अधिक स्थानों पर पुलिस अधिकारियों के फोन नंबर पहले लिखवाए जा चुके हैं। पुलिस सोशल मीडिया का सहारा लेकर आम लोगों से सूचना संकलन कर रही है।

जानकारी के लिए बता दे कि अगले 10 दिनों के भीतर राम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला आने वाला है। ऐसे में, अयोध्या में बड़े आतंकी हमले की साजिश रची जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्तर प्रदेश में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों का एक जत्था घुस गया है, जो राम मंदिर मामले के बीच दहशत फैलाना चाहता है। बता दें कि राम मंदिर मामले में अगस्त महीने में शुरू हुई नियमित सुनवाई अक्टूबर में ख़त्म हो गई थी। इस महीने सीजेआई रंजन गोगोई रिटायर होने वाले हैं और उससे पहले फ़ैसला आना तय है। सुनवाई ख़त्म होने के बाद 5 सदस्यीय पीठ ने फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था।

अयोध्या मामले की सुनवाई ख़त्म होने के बाद से विभिन्न ख़ुफ़िया एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नेपाल के रास्ते 7 आतंकवादी उत्तर प्रदेश में घुस चुके हैं। ख़ुफ़िया सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि ये सभी पाकिस्तानी आतंकवादी हैं, जिन्हें अयोध्या में आतंक फैलाने के लिए भेजा गया है। सम्भावना जताई जा रही है कि ये आतंकी अयोध्या, फ़ैजाबाद और गोरखपुर में छिपे हो सकते हैं। सात में से पाँच आतंकियों की पहचान भी हो गई है।

जिन 5 आतंकियों की पहचान हुई है, उनके नाम है

– मोहम्मद याकूब, अबू हमजा, मोहम्मद शाहबाज, निसार अहमद और मोहम्मद कौमी चौधरी। ख़ुफ़िया विभाग सभी जानकारियों को जुटा रहा है और इन आतंकियों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए लगातार लगा हुआ है। सोमवार (नवंबर 4, 2019) को ख़ुफ़िया विभाग ने पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त में स्थित नरोवाल में आतंकी कैम्पों का पता लगाया है। इन कैम्पों में आतंकियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। यह भी जानने लायक बात है कि जिस सीमावर्ती जिले में ये आतंकी जमे हुए हैं, करतापुर साहिब गुरुद्वारा भी वहीं पर स्थित है।

पंजाब में स्थित डेरा बाबा नानक साहिब और नरोवाल में स्थित करतारपुर साहिब गुरुद्वारा को कनेक्ट करते हुए पाकिस्तान ने सिख श्रद्धालुओं को वहाँ दर्शन करने की अनुमति दे दी है। ख़ुफ़िया सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान के सीमावर्ती जिलों में स्थित अंडरग्राउंड आतंकी कैम्पों में कई महिलाओं को भी ट्रेनिंग दी जा रही है। अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद से आतंकी पहले से ही बौखलाए हुए हैं लेकिन सुरक्षा बलों की सक्रियता के कारण वो किसी आतंकी हमले में सफल नहीं हो पाए। इसके बाद आतंकियों ने जम्मू कश्मीर में निर्दोष ट्रक ड्राइवरों व मजदूरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।

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