मंत्री जी अब आप ही कुछ करे आईपीएल चीनी मिल का  शुरू करवा दे पेराई सत्र ?

 मिल प्रबंधन की लापरवाही से पिछड़ रही पिछड़ रही गेहूं की बुआई,किसानों का खेतो मे खड़ा है गन्ना

अशोक सोनी/क़ुतुब अन्सारी
जरवल/बहराइच l आइपीएल शुगर मिल प्रबन्धन और प्रशासनिक अधिकारियों के ढुलमुल रवैये के चलते गन्ना किसानों की दशा दिन पर दिन खराब होती जा रही है। मिल न चलने से किसानों का पेंडी गन्ना खेतों में खडा है।किसान अपने खेतों में गेहूं की बुवाई नही कर पा रहे है।जिससे किसानों को करोडों रुपये का नुकसान होने का अंदेशा है।सहकारिता मन्त्री मुकुट विहारी वर्मा का निर्वाचन क्षेत्र होने के बावजूद भी मिल प्रबंधन की लापरवाही किसानों पर भारी पड रही है।
किसान लगातार लगातार मिल चलाने की मांग कर रहे है।गन्ना खेतों में खडा होने से किसानों की गेहूं की बुआई का समय भी निकलता जा रहा है लेकिन चीनी मिल प्रबंधन और जिम्मेदार विभाग भी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।जिले के जरवलरोड  स्थित आइपीएल शुगर मिल क्षेत्र के अधिकांश किसान मुख्य रूप से गन्ने की खेती करते हैं।चीनी मिल क्षेत्र में करीब चार हजार बीघा पेडी और पांच हजार बीघा बुवाई गन्ना किसानों के खेतों में खडा हुआ है।
*15 नवम्बर तक मिल न चलाई गई तो किसान सड़को पर उतरेगे*
जरवल।भाकियू (जनशक्ति) के जिलाध्यक्ष धर्म चन्द महेश ने प्रशासनिक अधिकारियों को आगाह करते हुए कहा कि किसानों के नुकसान की भरपाई कौन करेगा।किसान नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि 15 नवम्बर तक आइपीएल चीनी मिल नही चली तो धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा।बताते चले कि क्षेत्र के अधिकांश किसानों का आर्थिक ढांचा गन्ने की फसल पर ही टिका है। आइपीएल शुगर मिल 2018-19 का नवीन पेराई सत्र अभी शुरू नही हो पाया है
,जिससे करीब चार हजार बीघा क्षेत्र में पेडी गन्ना काटकर गेहूं  बुवाई का समय निकला जा रहा है,जिससे किसानों को करीब तीन करोड रुपयों का आर्थिक नुकसान उठाना पड सकता है। इन परिस्थितियों में खेत खाली करने और तंगहाली से जूझ रहे गन्ना किसान अपना गन्ना कौड़ियों के भाव क्रेशर और कोल्हू पर बेचने को मजबूर हैं,जिससे किसानों की आय दुगुनी करने के केन्द्र और राज्य सरकार के दावे पर प्रश्न चिन्ह खडा हो रहा है।
Loading...
loading...
div#fvfeedbackbutton35999{ position:fixed; top:50%; right:0%; } div#fvfeedbackbutton35999 a{ text-decoration: none; } div#fvfeedbackbutton35999 span { background-color:#fc9f00; display:block; padding:8px; font-weight: bold; color:#fff; font-size: 18px !important; font-family: Arial, sans-serif !important; height:100%; float:right; margin-right:42px; transform-origin: right top 0; transform: rotate(270deg); -webkit-transform: rotate(270deg); -webkit-transform-origin: right top; -moz-transform: rotate(270deg); -moz-transform-origin: right top; -o-transform: rotate(270deg); -o-transform-origin: right top; -ms-transform: rotate(270deg); -ms-transform-origin: right top; filter: progid:DXImageTransform.Microsoft.BasicImage(rotation=4); } div#fvfeedbackbutton35999 span:hover { background-color:#ad0500; }
E-Paper
Close

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker