अब कानपुर देहात में किडनैपिंग के बाद हत्या, 13 दिन से लापता धर्मकांटा मैनेजर का कुएं से मिला शव

उत्तर प्रदेश के बर्रा इलाके में रहने वाले लैब टेक्नीशियन की अपहरण के बाद हत्या का मामला शांत ही नहीं हुआ था कि कानपुर देहात के भोगनीपुर में भी ऐसी ही घटना सामने आई है। यहां से अपहृत बृजेश पाल का शव मंगलवार की शाम कान्हाखेड़ा के एक सूखे कुएं से बरामद हुआ है। यह शव मृतक के दोस्त की निशानदेही पर मिला है। आशंका है कि, दोस्त ने ही बृजेश का अपहरण कर 20 लाख की फिरौती मांगी और उसकी हत्या कर दी थी। शव मिलने के बाद पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन का आरोप है कि, पुलिस की लापरवाही से उनका बेटा मौत के मुंह में चला गया।

बृजेश पाल।- फाइल फोटो

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थाना भोगनीपुर क्षेत्र में चौरा गांव निवासी बृजेश कानपुर-झांसी हाईवे किनारे स्थित एक धर्म कांटा में मैनेजर था। 16 जुलाई को रोज की तरह वह घर से धर्म कांटा पर ड्यूटी करने की बात कहकर निकला था। रात में 12 बजे तक वह धर्म कांटा पर मालिक गांव के ही जावेद के साथ वहां मौजूद रहा। इसके बाद वह धर्मकांटा के दफ्तर में लेट गया। इसके अलावा गलुआपुर निवासी जेसीबी आपरेटर श्रीराम और गजनेर थाना क्षेत्र के तिलौंची गांव निवासी भोला बाहर सो गए।

जब सुबह ड्यूटी के लिए रिसीवर नईम पहुंचा तो धर्म कांटे पर बाहर से ताला पड़ा देखा तो उसने इसकी जानकारी धर्म कांटे के मालिक को दी। परिजन ने आसपास बृजेश की तलाश की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। इसी बीच बृजेश के चाचा के बेटे सर्वेश ने जब उसका फोन मिलाया तो दूसरी ओर से किसी अज्ञात व्यक्ति ने 20 लाख की फिरौती मांगने के साथ पांच दिन में रुपए पहुंचाने का समय निर्धारित कर दिया। घटना की जानकारी थाना प्रभारी को दी गई। साथ ही बृजेश के भाई राजेश ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की गुहार लगाई। पुलिस ने टीम गठित कर बृजेश की तलाश शुरू की। जिस नंबर से परिजन को फिरौती का फोन आया था। उसे सर्विलांस पर लगाया गया। लेकिन, कुछ पता नहीं चला।

मंगलवार को पुलिस ने बृजेश के एक साथी को दबोचा तो उसने हत्या कर शव को कुएं में फेंकने की बात कबूली। पुलिस ने चौरा गांव से छह किमी दूर कान्हाखेड़ा में कुएं से शव को बरामद किया है। परिजनों ने उसकी बृजेश के रुप में शिनाख्त की है।

लैब टेक्नीशियन की अपहरण के बाद हुई थी हत्या

कानपुर के बर्रा इलाके में रहने वाले लैब टेक्नीशियन संजीत का 22 जून को अपहरण किया गया था। 26 जून को उसकी हत्या कर दी थी। 29 जून को उसके परिवार वालों के पास फिरौती के लिए फोन आया। 30 लाख रुपए फिरौती मांगी गई की थी। परिवार का आरोप है कि उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में 30 लाख की फिरौती दी, इसके बाद भी उनका बेटा नहीं मिला।

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