“आपदा को अवसर” में बदलने वाले कानपुर के दो युवा बने मिसाल, 70 हज़ार लोगों को 6 माह में दिया रोजगार..

-ऑनलाइन माध्यम को बनाया कामयाबी का हथियार…
-देखते ही देखते मजबूरी बन गई मजबूती…

जी पी अवस्थी, संवादाता
कानपुर ।के दो युवाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस सपने को साकार कर दिया, जिसमें उन्होंने कोरोना काल में “आपदा को अवसर” में बदलने का आग्रह देशवासियों से किया था, कानपुर के दो युवाओं ने पीएम के इसी स्लोगन को अपने बिजनेस का मूलमंत्र मान लिया और आपदा को अवसर में बदल के दिखा दिया…संक्रमण और सोशल डिस्टेंसिंग के दौर में जहां आर्थिक मोर्चे पर चुनौतियां बढ़ी पड़ी थी, वहीं इन्होंने अपना Redmil Business Mall के नाम से देश का सबसे बड़ा बी2बी फिनटेक प्लेटफॉर्म बनाकर पूरे देश के 17 राज्यों में 70 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार दे दिया।

कोरोना काल में “आपदा को अवसर में बदला”

सीएमडी आशीष पालीवाल और डायरेक्टर सागर राज सिंघल ने रेडमिल ऐप बनाकर देश के युवाओं को रोजगार देकर एक नई पहल स्थापित की, इनका कहना है कि हम अपनी जॉब छोड़ चुके थे, तभी प्रधानमंत्री मोदी के ‘आपदा में अवसर’ स्लोगन से प्रेरणा लेकर हमने सोचा क्यों न कोई ऐसा ऐप जो लोगो को घर बैठे ही रोजगार उपलब्ध करा दे। इसी दौरान हमने ये ऐप बना डाला जिसमें पहले तो कुछ ही हजार लोग जुड़े, बाद में धीरे धीरे आज 17 राज्यों के 70 हजार से अधिक लोग इस ऐप से अपना रोजगार कर रहे हैं. इन्होंने बताया कि हमने इसमें किसी भी चीनी कंपनी का सहयोग नहीं लिया है. साथ ही अपने ऐप में किसी चीनी कम्पनी को व्यापार करने की अनुमति नहीं दी है।

आशीष पालीवाल (सीएमडी रेडमील ग्रुप) ने बताया कि यह फिनटेक प्लेटफॉर्म एक मोबाइल एप्लिकेशन है जो भारत का सबसे बड़ा बी 2 बी सेवा प्रदाता फिनटेक एप्लीकेशन है। इस एप्लिकेशन में 20+ क्षेत्रों के 125+ ब्रांड शामिल हैं। कोई भी इस एप्लिकेशन को डाउनलोड करके Redmil समूह का भागीदार बन सकता है और पहले दिन से ही कमाई शुरू कर सकता है। यह एप्लिकेशन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा संचालित है और कोई भी इस ऐप का उपयोग करके पैन इंडिया काम कर सकता है। कुछ ही महीनों में 70,000 से अधिक लोगों ने ऐप डाउनलोड किया है और रेडमिल समूह का हिस्सा बन गए हैं। आज देश की हर बड़ी कंपनी चाहे रिलायंस हो या बड़ी बैंके सब हमारी एप्प की भागीदार बनी हैं, देश के किसी भी कोने में जब कोई हमारे ऐप से जुड़ता है, तो पहले हम उसकी केवाईसी लेकर NPCI के लिए भेजते हैं। जहां से मंजूरी मिलने के बाद ही हम उसे अपना एजेंट बनाते है। हम इसमें रिजर्व बैंक के सारे नियम फॉलो करते हैं. इसके बाद उनको बिज़नेस करने की ट्रेनिंग देते हैं। लोग इस ऐप के सहारे अपना रोजगार कर रहे हैं जिन बड़ी कंपनियों की वो सुविधा अपने लोगों देते हैं। उसका भी कमीशन उनको घर बैठे मिलता रहता है.

सागर राज सिंघल (डायरेक्टर रेडमील) ने हमें बताया कि इस एप्लिकेशन में प्रदान की गई सेवाओं को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि कस्बों और गांवों में रहने वाले लोग भी इस ऐप का उपयोग कर सकते हैं और पैसे कमा सकते हैं। और यही नही एप्लिकेशन को बेहतर ढंग से समझने के लिए कंपनी ने एक ऑनलाइन अकादमी भी बनाई है जो बिल्कुल मुफ्त है। इस एप्लिकेशन के माध्यम से कोई भी व्यक्ति लोन, म्युचुअल फंड, इंश्योरेंस, गोल्ड, एफडी, फास्टैग, AEPS, मनी ट्रांसफर, CA सर्विसेज, कॉपीराइट ट्रेडमार्क, आईएसओ सर्टिफिकेशन, डिजिटल मार्केटिंग, मोबाइल रिचार्ज, ट्रैवल इंडस्ट्री, लाइट बिल, वाटर बिल, etc में काम कर सकता है।

कोरोना काल में बेरोजगार हुए लोगों को मिला रोजगार

गुड़गांव, दिल्ली, बैगलोर, लखनऊ, मुंबई जैसे शहरों के तीन सौ युवा रेडमिल में जॉब कर रहे है ये लोग देश भर में फैले अपने 70 हजार एजेंटो को गाइड करके रोजगार की चेन आगे बढ़ा रहे है।

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