अरबों का है पोर्न इंडस्ट्री का कारोबार, जानिए कैसे होती है कमाई

हैदराबाद : क्या आपने कभी पॉर्न वीडियो देखी है ? पहली बार आपने पॉर्न वीडियो कब देखी थी ? ये वो सवाल हैं जिनका जवाब पहले तो कोई देगा नहीं और देगा तो शायद झेंपते हुए बस बुदबुदा दे. दरअसल अश्लील वीडियो बनाने के आरोप में शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा की गिरफ्तारी के बाद पॉर्न को लेकर सवाल उठने लगे हैं. एक बड़ा तबका पॉर्न बैन की बात कर रहा है, लेकिन सवाल है कि क्या पॉर्न पर बैन मुमकिन है ? दुनियाभर में फैली पॉर्न इंडस्ट्री का कारोबार कितना बड़ा है, आइए इस पर एक नजर डालते हैं.

अरबों का है पॉर्न का कारोबार 

दुनियाभर में पॉर्न इंडस्ट्री करीब 100 बिलियन डॉलर से कहीं ज्यादा की हैं. हालांकि ये आंकड़ा भी अनुमानों के इर्द गिर्द ही बुना गया है. कई देशों में पॉर्न साइट्स पर बैन है तो ज्यादातर देशों में इसके निर्माण पर भी पाबंदी है. इसके बावजूद इंटरनेट के जरिये पॉर्न धड़ल्ले से देखा जाता है. इस इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा 10 से 15 फीसद हिस्सेदारी अमेरिका की है. जहां ये सबसे ज्यादा देखा भी जाता है और पॉर्न इंडस्ट्री भी है.

दुनिया के कई बड़े कारोबार पॉर्न इंडस्ट्री के सामने पानी भरते दिखते हैं यानि कई बड़े कारोबारों का टर्नओवर पॉर्न के सामने नहीं टिकता. अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा में ये इंडस्ट्री वैध है, यूरोप के भी कई देशों में पॉर्न कारोबार फल फूल रहा है. लेकिन दुनिया के अधिकतर देशों में ये अवैध है.

कैसे होती है पॉर्न साइट्स की कमाई ?

इंटरनेट के विस्तार से पहले सीडी के जरिये पॉर्न कंटेट परोसा जाता था. आज इंटरनेट पॉर्न कंटेट से भरा पड़ा है. जबकि हजारों की संख्या में ऐसी वेबसाइट्स हैं जो सिर्फ और सिर्फ पॉर्न परोसती हैं. कई लोग सोचते हैं कि इन साइट्स की कमाई कैसे होती है. कुछ पॉर्न साइट्स के लिए उनके ग्राहक यानि की यूजर कमाई का जरिया होते हैं. दरअसल कुछ साइट्स पर मेंबरशिप चार्ज या पॉर्न देखने के लिए पैसे चुकाने पड़ते हैं.इसके अलावा जिन पॉर्न साइट्स पर ज्यादा ट्रैफिक यानि ज्यादा यूजर्स आते हैं उन साइट्स पर विज्ञापन भी देखने को मिलते हैं. सेक्स टॉय या सेक्स संबंधी दवाओं की कंपनियां इन साइट्स को विज्ञापन देती हैं. जिस साइट को जितने ज्यादा लोग देखते हैं वहां विज्ञापन महंगा लगता है. इसके अलावा कुछ साइट्स डेटिंग के जरिये भी पैसे कमाते हैं.

पॉर्न इंडस्ट्री और भारत

भारत में पॉर्न बनाने पर बैन है इसलिये कोई पॉर्न इंडस्ट्री तो नहीं है लेकिन पॉर्न देखने वालों की भरमार है. हालांकि भारत में चोरी छिपे पॉर्न फिल्मों की शूटिंग होती है. राज कुंद्रा और उससे पहले ऐसे मामलों में गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. पॉर्न साइट्स देखने के मामले में पहले नंबर पर अमेरिका, ब्रिटेन और फिर भारत का नंबर था. साल 2018 में सरकार के कई पॉर्न साइट्स पर बैन लगाने के बाद भारत 15वें स्थान पर आ गया.

2018 में एक पॉर्न साइट की रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में पॉर्न साइट देखने वालों का औसत 10 मिनट 13 सेकेंड है, भारत में ये औसत 8 मिनट 23 सेकेंड है. देश की राजधानी दिल्ली से सबसे ज्यादा 39 फीसदी ट्रैफिक इन साइट्स पर पहुंचता है, यहां औसत 9 मिनट 29 सेकंड है.भारत में कई पॉर्न साइट बैन लेकिन…

भारत में कई पॉर्न साइट्स को बैन किया गया था लेकिन इंटरनेट के मकड़जाल में अब भी सैंकड़ों पॉर्न साइट्स खूब देखी जा रही हैं. लॉकडाउन के दौरान साल 2020 में इन साइट्स को देखने वालों की तादाद में 95 फीसदी का इजाफा हुआ. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भारतीय टेलीकॉम ऑपरेटर्स ने कई पॉर्न साइट्स को ब्लॉक कर दिया लेकिन डोमेन में थोड़ा सा बदलवा कर उस साइट का कंटेट देखा जा रहा है.

भारत सरकार ने साल 2018 में 827 पॉर्न साइट्स पर बैन लगाया था. वहीं साल 2015 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 850 पॉर्न साइट्स ब्लॉक की गई थी. लेकिन कुछ वक्त बाद ही डोमेन नेम में मामूली बदलाव के साथ ये फिर से उपलब्ध हो गईं. 2014 में भारत पॉर्न देखने के मामले में 5वें स्थान पर था, 2017-18 में तीसरे स्थान पर पहुंच गया.

पॉर्न पर कानून क्या है ?

भारत में पॉर्न बनाने, प्रसारित, प्रकाशित करने और इलेक्ट्रॉनिक या अन्य माध्यमों से लोगों तक पहुंचाना कानूनन अवैध है. हालांकि इसे देखना, पढ़ना, सुनना अवैध नहीं है. लेकिन चाइल्ड पॉर्नोग्राफी देखना भी गैर कानूनी है.

भारत में एंटी पॉर्नोग्राफी लॉ है. पॉर्न से जुड़े मामलों में आईटी (संशोधन) कानून 2008 की धारा 67(ए) और आईपीसी की धारा 292, 293, 294, 500, 506 और 509 के तहत सजा का प्रावधान है. आईटी एक्ट की धारा 67(ए) और 67(बी) गैर जमानती हैं. पहली बार अपराध करने पर 5 साल तक की जेल और 10 लाख रुपये का जुर्माना चुकाना पड़ सकता है. वहीं दोबारा गिरफ्तारी पर 7 साल की सजा का प्रावधान है. वहीं चाइल्ड पॉर्नोग्राफी से जुड़े मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत भी कार्रवाई होती है.

क्या पॉर्न पर बैन या नियंत्रण संभव है ?

भारत में ही कई पॉर्न साइट पर बैन लगाया गया लेकिन वो डोमेन बदलकर या नई वेबसाइट के जरिये फिर से वापसी कर लेते हैं. प्रतिबंध के बावजूद कई वेबसाइट पॉर्न परोस रहे हैं.

दरअसल भारत में विदेशी वेबसाइट पॉर्न कंटेंट मुहैया करवाती है. जिसके चलते वो भारत के कानून के तहत नहीं आती और अगर किसी पर बैन लगाया भी जाता है तो इंटरनेट के मकड़जाल के सामने वो बैन बेइमानी साबित हो जाता है. बैन हुई पॉर्न साइट्स मामूली फेरबदल के साथ फिर से उपलब्ध हो जाती हैं. ऐसे में जानकार मानते हैं कि भारत जैसे लोकतंत्र में इंटरनेट पर किसी सामग्री को रोक पाना बहुत मुश्किल है.

पॉर्न कारोबार से जुड़ी कुछ और बातें

-एक पॉर्न साइट के मुताबिक 75 फीसदी लोग अपने स्मार्टफोन में पॉर्न देखते हैं. जबकि बाकी 25 फीसदी लैपटॉप या डेस्कटॉप पर देखते हैं.

-स्मार्ट फोन का चलन बढ़ने और मोबाइल डेटा का सस्ता होने से पॉर्न तक लोगों की पहुंच बढ़ी है.

– पॉर्न साइट्स पर सबसे ज्यादा ट्रैफिक आधी रात में होता है यानि सबसे ज्यादा आधी रात में सर्च होता है.

-महिलाओं ने सबसे ज्यादा ‘लेस्बियन पॉर्न’ सर्च किया, फिलीपीन्स और ब्राजील की महिलाओं ने पॉर्न सबसे ज्यादा सर्च किया.

-2007 में शुरू हुई एक पॉर्न साइट ने 10 साल में 1 करोड़ से ज्यादा पॉर्न वीडियो अपलोड किए. जो 6 लाख 84 हजार 352 जीबी के हैं. 2017 तक उस साइट पर अपलोड सभी वीडियो देखने के लिए 173 साल का वक्त लगेगा.

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