आजम खान को 89वें मामले में मिली अंतरिम जमानत, 27 महीने बाद जेल से बाहर आ सकते हैं सपा नेता

समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता आजम खान की अंतरिम जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस एस गोपन्ना की पीठ सुनवाई कर रही थी। आजम के लिए ये बड़ी राहत है। वो 27 महीने जेल में रहने के बाद बाहर आ सकते हैं। उन पर दर्ज 88 मामलों में पहले ही जमानत मिल चुकी है। अब 89वें मामले में भी आजम खान को अंतरिम जमानत मिल गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि ट्रायल कोर्ट से रेगुलर बेल मिलने तक अंतरिम आदेश लागू रहेगा। सामान्य जमानत के लिए आजम को सक्षम न्यायालय में दो हफ्ते के अंदर अर्जी लगानी होगी।

कोर्ट में आजम की पैरवी करते हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि आजम के खिलाफ एफआईआर उन्हें जेल में रखने के लिए लिखवाई गई है। इस पर एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि शत्रु संपत्ति पर कब्जे के इस मामले के मुख्य आरोपी आजम ही हैं। उनके खिलाफ अवैध रूप से जमीन कब्जे का चार्ज है। जिसमें मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के तहत चलने वाले 3 स्कूल आते हैं। उनकी गिरफ्तारी जमीनों की जांच होने के बाद ही की गई है।

यूपी सरकार ने किया जमानत याचिका का विरोध
सुप्रीम कोर्ट ने 17 मई को उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के कोतवाली थाने से जुड़े एक मामले में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान की अंतरिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने जेल में बंद समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान की जमानत याचिका का विरोध किया था और उन्हें जमीन कब्जाने वाला और आदतन अपराधी करार दिया था।सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को लगाई थी फटकार

उत्तर प्रदेश राज्य की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने भी आजम खान की याचिका का विरोध किया। सुप्रीम कोर्ट ने पहले आजम खान की जमानत याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा फैसला सुनाए जाने में लंबी देरी पर नाराजगी व्यक्त की थी और इसे न्याय का उपहास कहा था।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दे दी थी जमानत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते जमीन पर गलत तरीके से कब्जा करने से जुड़े एक मामले में आजम खान को अंतरिम जमानत दे दी थी। फिलहाल आजम खान को रामपुर के कोतवाली से जुड़े एक अन्य मामले में न्यायिक हिरासत में रखा गया है। आजम खान अपने खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर फरवरी 2020 से सीतापुर जेल में बंद है।

कपिल सिब्बल ने लगाए यूपी सरकार पर आरोप
सपा नेता आजम खान को जमानत देने को लेकर उनके वकील कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया था कि यूपी सरकार उनके मुवक्किल को राजनीतिक द्वेष का शिकार बना रही है। साथ ही कहा था कि आजम खान दो साल से जेल में हैं, उन्हें अब जमानत दे दी जानी चाहिए। कोर्ट के आज फैसला आने पर साफ हो जाएगा कि आजम खान जेल रहेंगे या अब खुली हवा में सांस लेंगे और या फिर अभी उनको अभी जमानत के लिए और लड़ाई लड़नी होगी

रामपुर कोर्ट में 24 मई को होगी पेशी

रामपुर के एमपी एमएलए कोर्ट में 2 मुकदमों में आज़म खान के खिलाफ चार्ज फ्रेम होंगे। सपा शासन काल में डूंगरपुर के पास आसरा कालोनी बनाई गई थी। उस वक्त वहां पर कुछ लोग घर बनाकर रह रहे थे। आरोप है कि वहां रह रहे लोगों के घर पर बुलडोजर चलवा दिया था और उनके साथ मारपीट, लूट और छेड़खानी आदि की गई थी।

इस मामले में पिछले साल गंज थाना में करीब 12 अलग-अलग रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अब इस मामले में चार्ज फ्रेम करने की कार्यवाही होगी, जिसके लिए 24 मई को अंजाम खान रामपुर कोर्ट में पेश किए जाएंगे।

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