इस तरह के काम करते हैं जो मर्द, वो बहुत जल्दी बन जाते नपुंसक

मेडिकल की भाषा में नपुंसकता को इंपोटेंसी भी कह सकते हैं। इस रोग में व्यक्ति मन के अंदर सेक्स के बारे में गलत विचार बनाए रखने की वजह से अपनी स्त्री को पूरी तरह से संतुष्ट नहीं कर पाता है। इस समय में युवा पुरुष सबसे ज्यादा इंपोटेंसी जैसे रोग से ही पीड़ित हैं। डॉक्‍टरों का मानना है कि इस बारे में आपको खुलकर बात करना चाहिए अपनी परेशानी को दूर करनी चाहिए न की शर्मिंदगी महसूस करनी चाहिए।

हाल ही में पुरुषों पर हुए सर्वे में ये बात सामने आया है कि दुनिया भर में लाखों लोग नपुंसकता या नामर्दी से जूझ रहे हैं। कई बार यह हमेशा के लिए नहीं होता है और कुछ लोगों को इसका सामना छोटे वक़्त के लिए भी करना पड़ता है। नपुंसकता ज़्यादा उम्र के लोगों के लिए एक सामान्य समस्या है। हालांकि इसकी चपेट में युवा भी आ जाते हैं। क्या आपको पता है कि पुरुषों में नपुंसकता के पीछे क्या कारण हैं?

आईटी सेक्‍टर में जॉब : माना जाता है कि इस सेक्‍टर में जॉब करने वाले लोगों पर रेडिएशन के अलावा दिमागी स्ट्रेस और एक्स्ट्रा काम का बोझ रहता है जिसके कारण इसका असर इनकी फर्टिलिटी पर पड़ता है।

टूरिंग जॉब : इस जॉब में व्‍यक्ति को समय नहीं मिल पाता और भाग दौड़ में वो हेल्दी डाइट नहीं ले पाता जिससे उसे कमजोरी हो जाती है और इसका सीधे असर उसकी फर्टिलिटी पर पड़ता है।

रेसलिंग : सबसे बड़ी बात अगर आपने ध्‍यान दिया होगा तो इस फिल्‍ड में रेसलिंग के लिए काफी ज्यादा फिटिंग वाली अंडरवियर पहना होता हैं जिससे आपके शरीर का टेस्टिकल्स पर दबाब बना रहता है यही कारण है कि इसका सीधे असर उसकी फर्टिलिटी पर पड़ता है।

मोबाइल टॉवर टेक्नीशियन : हम सब जानते हैं कि मोबाइल टॉवर से कई सारे रेडिएशन निकलते हैं जो हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं इसलिए हमें मोबाइल टावर से दूर रहने का सलाह दिया जाता है। लेकिन जरा सोचिए मोबाइल टॉवर टेक्नीशियन का क्‍या होता होगा जो आए दिन वहीं रहता है तो बता दें कि उससे निकलने वाले रेडियशन के कारण व्‍यक्ति के स्पर्म की क्वालिटी और मात्रा दोनों ही कमजोर हो सकती है।

नाईट शिफ्ट जॉब: रात को जॉब करने वाले लोग हमेशा स्‍ट्रेस में रहते हैं क्‍योंकि उनकी नींद सही से पूरी नहीं हो पाती। यही वजह है कि वो फिजिकल रिलेशन भी नहीं बना पाते हैं जिसके कारण स्पर्म कमजोर हो सकता है।

साइकलिंग : कहते हैं कि ज्यादा साइकलिंग करने वाले जिम में या साइकिल रिक्शा चलाने वाले लोगों के टेस्टिकल्स सीट पर घिसते हैं, जिससे उनका स्पर्म घट सकता है।

हाई टेम्प्रेचर जॉब : जिस फैक्ट्री में भट्टियों का काम होता हैं या वहां का टेमप्रेचर असहनीय होता है वहां लोगों के काम करने से भी स्पर्म काउंट पर घट सकता है।

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