कानपुर : एमबीबीएस छात्र ने दो सीनियर्स पर लगाए रैगिंग के आरोप, जांच बैठी

कानपुर । जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का जिन्न एक बार फिर बाहर निकल आया है। मेडिकल कॉलेज के फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट ने सेकंड ईयर के छात्रों पर फोन से रैगिंग करने का आरोप लगाया है। पीड़ित छात्र के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं इस मामले में पहली बार जिस छात्र के मोबाइल से फोन किया गया उसे कक्षा और हॉस्टल से सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा उसे मोबाइल फोन से पीड़ित छात्र को दो और सीनियर छात्रों द्वारा भी धमकाने का मामला सामने आया है। जिस पर मेडिकल कॉलेज के प्रॉक्टर तीनों की भूमिका की जांच कर रहे हैं।

पीड़ित छात्र ने यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) की एंटी रैगिंग हेल्पलाइन पर कॉल करके रैगिंग की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद जब जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज को इसकी सूचना हुई तो उन्होंने तत्काल एक्शन लिया।

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के सूत्रों की माने तो सीनियर से अभद्र भाषा और रैगिंग होने के डर से जूनियर छात्र काफी मानसिक तनाव में आ गया और अपने छात्रावास (बीएच-5) में जाने के बाद देर रात तक अपने रूम से नहीं निकला। उसने उस दिन खाना भी नहीं खाया। उस छात्र ने अपने दोस्तों से एंटी डिप्रेशन पिल भी मंगवाई। उलझन बढ़ने पर उसने देर रात 12:30 बजे एंटी रैगिंग हेल्पलाइन पर मोबाइल से शिकायत कर दी।

सोमवार दोपहर एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक प्राचार्य प्रो संजय काला एवं प्राक्टर प्रो यशवंत राव की अध्यक्षता में हुई। इसमें कमेटी के सदस्यों के समक्ष दोनों छात्रों को बुलाया गया। जूनियर एवं सीनियर छात्र ने अपने-अपने पक्ष कमेटी के समक्ष रखे। कमेटी ने सीनियर छात्र को जांच पूरी होने तक एमबीबीएस की क्लास एवं हास्टल से निलंबित कर दिया है। साथ ही आरोपी छात्रों से हॉस्टल खाली करायें गये है। प्राचार्य ने बताया कि कमेटी को एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट देनी है।

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