केसर के नाम पर बाजार में खूब होती धोखेबाजी, आसानी से ऐसे पहचानें असली है या नकली?

भारत में केसर की खेती केवल संपन्न लोग ही कर पाते हैं क्योंकि ये काफी महंगा होता है। कई बार तो मार्केट में लोग नकली केसर बेच कर अच्छा खासा मुनाफा कमाते हैं। कई बार तो मार्केट में लोग नकली केसर बेच कर अच्छा खासा मुनाफा कमाते हैं। इसलिए खुद को ठगे जाने से बचाने के लिए असली और नकली केसर का फर्क जानना बहुत जरुरी है। नीचे बताये असली केसर पहचानने के तरीके से आप खुद आसानी से असली और नकली केसर में अंतर कर पाएँगे।

आजकल बाज़ार में सभी चीजों में मिलावट होती है और इन मिलावटी चीजों में असली और नकली की पहचान करना बहुत ही मुश्किल है। आज हम आपको केसर के बारे में बताते है। क्योंकि केसर बहुत महंगा होता है, केसर खरीदते समय, असली और नकली केसर की पहचान होना बहुत ज़रूरी है। तो चलिए आज जानते हैं शुद्ध और असली केसर कैसे पहचाने। साथ ही ये भी जान लीजिए कि केसर सेहत के लिए कितना फायदेमंद है।

स्वाद- जब भी आप केसर खरीदने जाएं तो केसर को अपनी जीभ पर रखें और हल्का चबाएं। केसर का गंध भले ही मीठा हो, लेकिन इसका स्वाद कड़वा होता है। जरा-सा केसर लेकर अपने जीभ पर रखिए अगर 15-20 मिनट के बाद आपको सिर में गर्मी महसूस होती है, तो केसर असली है। मिलावटी केसर का स्वाद मीठा होता है और इसे चखने के बाद यह आपके जीभ पर लाल रंग छोड़ती है।

रंग से पहचानें- शुद्ध केसर का रंग पानी में धीरे-धीरे नजर आता है और अगर केसर मिलावटी है, तो पानी में डालने के तुरंत बाद वह अपना लाल रंग छोड़ देता है। हल्के गरम पानी में केसर के दो रेशे डालिए। अब अगर रेशे पानी में तुरंत अपना रंग छोड़ने लगे तो समझ जाइए कि केसर नकली है। क्योंकि असली केसर जब तक पानी में रहता है या उबलता है तो धीरे-धीरे रंग छोड़ता है।

बेकिंग पाउडर में मिलाकर पहचानें- एक कटोरी में थोड़ा-सा नल का पानी लीजिए उसमें चुटकी भर बेकिंग सोडा यानी खाने का सोडा मिलाइए। अब इसमें केशर के रेशे डालिये, अब ध्यान दें कि अगर इस दौरान केसर भगवा रंग छोड़ता है तो वह नकली है, अगर यह पानी धीरे-धीरे गाढ़ा पीला होने लगता है तो केसर असली है। क्योंकि केसर का रंग भगवा होता है और केसर को किसी भी चीज में मिलाने पर केसर पीला रंग छोड़ता है।

रंग- शुद्ध केसर का रंग हमेशा लाल होता है। केसर के क़िस्मों का रंग जितना ज़्यादा गाढ़ा हो, उतना केसर अच्छा माना जाता है। कई बार केसर के डिब्बी में लाल के साथ पीले रंग की किस्मे दिखाई देती है। अगर पीले रंग की किस्मे 2 या 3 से ज़्यादा है तो उसे ना ख़रीदे। पीले रंग की क़िस्मों का वजन लाल रंग के केसर से काफी ज़्यादा होता है और डिब्बी का वजन बढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। पीले रंग की किस्मे रसोई में कोई भी मायने नहीं रखती और ना ही इनमें कोई औषधि गुण होते हैं।

सुगंध- शुद्ध केसर की सुगंध शहद और सूखे हुए घास की तरह मीठी होती है। अगर केसर सूंघने के बाद आपको कोई भी तेज या कड़वी गंध आती है तो वह केसर ना खरीदें। केसर के धागे हमेशा सूखे होते हैं, पकड़ने से टूट जाते हैं और गर्म जगह पर केसर रखने से यह खराब हो जाता है जबकि नकली केसर वैसा कै वैस ही रहता है।

कपड़े पर केसर का रंग- एक सफेद कपड़ा पानी से थोड़ा गिला कर लीजिए और उस पर थोड़ा-सा केसर रगड़ीये। अगर कपड़े पर हल्का पीला रंग आता है और केसर का रंग लाल ही रहता है, तो केसर असली है। कपड़ा धोने के बाद धीरे-धीरे यह पीला रंग कम होता है। नकली या मिलावटी केसर कपड़े पर रगड़ने से उसका लाल रंग कपड़े को लगता है और केसर का रंग लाल से सफेद हो जाता है।

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