कैसे चेक करें सोना असली है या नकली?

Gold Price Today Fall: सोने की कीमतें शुक्रवार को भी गिरी हैं, लेकिन ये गिरावट बहुत ही मामूली है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के अनुसार शुक्रवार को दिल्ली में सोने की कीमत में 24 रुपये की गिरावट देखी गई है, जिसके बाद सोना 47,273 रुपये प्रति 10 ग्राम (Gold price today) के स्तर पर पहुंच गया है। पिछले सत्र में सोना 47,297 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं दूसरी ओर चांदी की कीमत में 909 रुपये की गिरावट देखी जा रही है, जिसके बाद चांदी 68,062 रुपये प्रति किलो (Silver price today) के स्तर पर पहुंच गई है। पिछले सत्र में चांदी 68,971 रुपये प्रति किलो के स्तर पर बंद हुई थी।

कल क्या था सोने-चांदी का हाल?

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के अनुसार गुरुवार को दिल्ली में सोने की कीमत में 168 रुपये की गिरावट देखी गई, जिसके बाद सोना 47,450 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। पिछले सत्र में सोना 47,618 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं दूसरी ओर चांदी की कीमत में 238 रुपये की बढ़त देखी जा रही है, जिसके बाद चांदी 69,117 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। पिछले सत्र में चांदी 68,879 रुपये प्रति किलो के स्तर पर बंद हुई थी।

मार्च में सोने का जमकर हुआ आयात

रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) ने मंगलवार को कहा कि शुल्क कम कर 7.5 प्रतिशत करने, बहुमूल्य धातु की कीमत में कमी और निर्यात बाजारों की मांग बढ़ने से मार्च में सोने का आयात बढ़कर 160 टन हो गया। यानी पहली वजह रही आयात शुल्क घटना, दूसरी वजह रही सोने के दाम कम होना और तीसरी वजह है निर्यात बाजारों की मांग। इन सबने मिलकर सोने का आयात बढ़ाया है। जीजेईपीसी के आंकड़ों के मुताबिक 2019-20 के दौरान मार्च में सोने का आयात 28.09 टन हुआ था। जीजेईपीसी ने कहा कि सोने के आयात में वृद्धि मुख्य रूप से लॉकडाऊन में ढील, भारत में शादी विवाह के मौसम, व्यापार और उपभोक्ता धारणा में सुधार आने से हुई। इसके साथ ही हाल ही में सोने की कीमतों में भारी गिरावट आने के बाद अमेरिका, ब्रिटेन जैसे निर्यात बाजारों से रत्न और आभूषण उत्पादों की मांग में वृद्धि के कारण हुई है।

ऑल टाइम हाई से करीब 9 हजार रुपये है सस्ता

कोरोना वायरस के मामले बढ़ने के बीच सोना और चांदी दोनों की कीमतों में इजाफा दर्ज किया गया है। अभी सोना 47,273 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच चुका है। वहीं अगर बात चांदी की करें तो उसकी कीमत 64,650 रुपये प्रति किलो हो गई है। देखा जाए तो सोना ऑल टाइम हाई से करीब 9 हजार रुपये सस्ता हो चुका है। अगस्त में सोने ने करीब 56,200 रुपये का ऑल टाइम हाई (Gold price all time high) लेवल छुआ था। हालांकि, कुछ ऐसे भी संकेत मिल रहे हैं जो अब सोने की कीमतें बढ़ने का इशारा कर रहे हैं।

तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस के मामले

कोरोना वायरस के मामलों में एक बार फिर से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बहुत सारे राज्यों में कोरोना वायरस का दूसरा स्ट्रेन भी पाया गया है। सिर्फ भारत ही नहीं, विदेशों में भी एक बार फिर से कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं। इन सबको देखते हुए भारत ने वैक्सीन के निर्यात पर भी रोक लगा दी है। अब जब कोरोना महामारी का खतरा एक बार फिर से बढ़ रहा है तो मुमकिन है कि लोग सुरक्षित निवेश की ओर भागें और सोने में निवेश करना शुरू कर दें। पिछले साल अगस्त में इसी वजह से सोने ने 56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम का ऑल टाइम हाई छुआ था। अगर फिर से लोग सोने में निवेश करना शुरू करते हैं तो इसके दाम को बढ़ेंगे ही, साथ ही शेयर बाजार में फिर से तगड़ी गिरावट का रुख देखने को मिल सकता है।

फिर से लॉकडाउन का लगना

बहुत सारे देशों में आंशिक लॉकडाउन लगाया जाने लगा है। भारत में भी कुछ राज्यों के कुछ शहरों में आंशिक लॉकडाउन लागू किया गया है। राजधानी दिल्ली तक में एक हफ्ते का लॉकडाउन लगा दिया गया है। लोगों की भीड़ जमा होने से रोकने के लिए कई जगहों पर धारा 144 भी लगाई गई है। अगर कोरोना वायरस के फैलने की दर धीमी नहीं होती है तो सख्ती और बढ़ानी पड़ सकती है। ऐसे में फिर से लॉकडाउन की आशंका भी जताई जा रही है। फ्रांस, पोलैंड और यूक्रेन में कई जगहों पर लॉकडाउन लगाए भी हैं। ऐसा होने पर लोग निवेश का सुरक्षित ठिकाना ढूंढेंगे और सोने का रुख करेंगे।

कम ब्याज दरें

मौजूदा समय में जमा पर मिलने वाले ब्याज की दरें काफी कम हैं और आने वाले समय में इसके और कम होने की आशंका जताई जा रही है। कम ब्याज दरें होने से लोन लेने वालों की संख्या तो बढ़ेगी, लेकिन जमाकर्ताओं को नुकसान होगा। इस स्थिति में वह अपने पैसे सोने में निवेश कर सकते हैं। वैसे भी सोना और ब्याज दर एक दूरे की उल्टी दिशा में चलते हैं। इस वजह से सोने की कीमतें फिर से बढ़ सकती हैं।

कम कीमत की वजह से फिजिकल गोल्ड के बढ़ सकते हैं दाम

सोने की कीमतें अपने ऑल टाइम हाई से काफी तेजी से गिरी हैं। मौजूदा समय में फिजिकल गोल्ड की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे उसके दामों में भी तेजी के आसार बन रहे हैं। शादी-ब्याह का सीजन भी आने वाला है, जिसके चलते भी लोग सोने के गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं। जैसे-जैसे लोगों का रुझान सोने के लिए बढ़ता जाएगी, इसका सीधा असर सोने के दामों पर पड़ेगा, जो बढ़ेंगे। इन संकेतों से लग रहा है कि एक बार फिर सोना महंगा हो सकता है।

सोने में निवेश करें या कहीं और?

अगर बात सोने की करें तो पिछले साल सोने ने 28 फीसदी का रिटर्न दिया है। उससे पिछले साल भी सोने का रिटर्न करीब 25 फीसदी रहा था। अगर आप लॉन्ग टर्म के लिए निवेश कर रहे हैं तो सोना अभी भी निवेश के लिए बेहद सुरक्षित और अच्छा विकल्प है, जिसमें शानदार रिटर्न मिलता है। पिछले सालों में सोने से मिला रिटर्न आपके सामने है, जो दिखाता है कि निवेश करने से फायदा ही है।

पिछले साल क्यों बढ़ी सोने की इतनी अधिक कीमत

2020 में सोने के दाम में तगड़ी तेजी की वजह कोरोना वायरस रहा, जिसकी वजह से लोग निवेश का सुरक्षित ठिकाना ढूंढ रहे थे। सोने में निवेश हमेशा से ही सुरक्षित रहा है। कोरोना की वजह से शेयर बाजार में लोगों ने निवेश कम कर दिया, क्योंकि शेयर बाजार में निवेश रिस्की होता है। पिछले साल जनवरी-फरवरी में तो सोना धीरे-धीरे बढ़ रहा था, लेकिन मार्च में भारत में कोरोना वायरस की दस्तक के बाद इसने स्पीड पकड़ ली।

कोरोना काल में सोना बना वरदान

सोना गहरे संकट में काम आने वाली संपत्ति है, मौजूदा कठिन वैश्विक परिस्थितियों में यह धारणा एक बार फिर सही साबित हो रही है। कोविड-19 महामारी और भू-राजनीतिक संकट के बीच सोना एक बार फिर रिकॉर्ड बना रहा है और अन्य संपत्तियों की तुलना में निवेशकों के लिए निवेश का बेहतर विकल्प साबित हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि उतार-चढ़ाव के बीच सोना अभी कम से कम एक-डेढ़ साल तक ऊंचे स्तर पर बना रहेगा। दिल्ली बुलियन एंड ज्वेलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विमल गोयल का मानना है कि कम एक साल तक सोना उच्चस्तर पर रही रहेगा। वह कहते हैं कि संकट के इस समय सोना निवेशकों के लिए ‘वरदान’ है। गोयल मानते हैं कि दिवाली के आसपास सोने में 10 से 15 प्रतिशत तक का उछाल आ सकता है।

मुसीबत की घड़ी में हमेशा बढ़ी है सोने की चमक!

सोना हमेशा ही मुसीबत की घड़ी में खूब चमका है। 1979 में कई युद्ध हुए और उस साल सोना करीब 120 फीसदी उछला था। अभी हाल ही में 2014 में सीरिया पर अमेरिका का खतरा मंडरा रहा था तो भी सोने के दाम आसमान छूने लगे थे। हालांकि, बाद में यह अपने पुराने स्तर पर आ गया। जब ईरान से अमेरिका का तनाव बढ़ा या फिर जब चीन-अमेरिका के बीच ट्रेड वॉर की स्थिति बनी, तब भी सोने की कीमत बढ़ी।

कैसे चेक करें सोना असली है या नकली?

सोने की कीमतें गिरने से सोने के गहनों की ओर लोगों का रुझान तेजी से बढ़ा है। बहुत सारे ठग भी ऐसे ही मौकों के इंतजार में रहते हैं कि लोग सस्ता सोना देखकर जल्दबाजी में उसे खरीदें और नकली चीज को सोना कहकर बेच दिया जाए। सस्ते सोने के इस दौर में अगर आप भी सोना खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आइए जानते हैं नकली सोने की पहचान करने के 5 आसान से तरीके।

1- हॉलमार्क जरूर देखें

सोना खरीदते समय सबसे पहले आपको उस पर हॉलमार्क जरूर देखना चाहिए। हॉलमार्क सर्टिफिकेशन का मतलब है कि सोना असली है। यह सर्टिफिकेशन ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड की तरफ से दिया जाता है। जाने-माने ब्रांड्स में तो आपको सभी गहने हॉलमार्क वाले ही मिलेंगे, लेकिन स्थानीय ज्वैलर्स कई बार बिना हॉलमार्क के गहने भी बेचते हैं, जिनके असली या नकली होने की पहचान आपको खुद करनी होगी।

2- चुंबक से टेस्ट करें सोना

ध्यान रहे कि सोने में चुंबकीय गुण नहीं होते या यूं कहें कि वह चुंबक की ओर आकर्षित नहीं होता है। अगर आपका गहना चुंबक की ओर खिंचने लगे तो समझ लीजिए कि वह नकली है, जबकि अगर उस गहने पर चुंबक का कोई असर ना हो तो वह टेस्टिंग के पहले दौर में पास हो जाएगा। सोने पर कभी जंक भी नहीं लगता है, तो अगर सोने पर जंक लगा दिखे तो समझ जाइए कि वह नकली है और ऐसा नकली सोना चुंबक की ओर खिंचेगा।

3- फ्लोटिंग टेस्ट

सोने की एक खास बात होती है कि वह हार्ड मेटल है, इसलिए इसका फ्लोटिंग यानी तैरने का टेस्ट किया जा सकता है। एक बाल्टी में थोड़ा पानी लीजिए और फिर अपने सोने के गहने को उस पानी में डाल दीजिए। अगर आपकी ज्वैलरी डूब गई, तो समझिए वह फ्लोटिंग टेस्ट में भी पास हो गई, लेकिन अगर वह तैरने लगी तो समझ जाइए कि दुकान वाले ने आपको असली बोलकर नकली सोना बेच दिया है।

4- एसिड टेस्ट

असली सोने पर नाइट्रिक एसिड का कोई असर नहीं होता है। हालांकि, अगर वह कॉपर, जिंक, स्टरलिंग सिल्वर या कुछ और है तो उस पर नाइट्रिक एसिड का असर देखने को मिल जाएगा। टेस्ट करने के लिए गहने को थोड़ा सा स्क्रैच करें और उस पर नाइट्रिक एसिड डालें। अगर वह सोना है तो उस पर कोई असर नहीं होगा। हालांकि, ये टेस्ट करते समय पूरी सावधानी बरतें, वरना एसिड से आपको नुकसान हो सकता है।

5- विनेगर टेस्ट

लगभग हर किचन में विनेगर आसानी से उपलब्ध होता है। अगर आप अपने सोने के गहने पर विनेगर की कुछ बूंदें डालें तो आपके गहने पर कोई असर नहीं होगा, बशर्ते वह असली सोना हो। अगर वह नकली सोना हुआ तो विनेगर की बूंदें जहां भी पड़ेंगी, गहने का रंग बदल जाएगा। तो अगर आप भी सस्ता सोना खरीदने की सोच रहे हैं तो इन 5 तरीकों को ध्यान में रखें और असली सोना खुद टेस्ट कर लें।

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