गाजियाबाद से आयी गुड न्यूज़ : कोरोना के साथ फंगल इंफेक्शन के मरीजों की संख्या भी हुई कम

गाजियाबाद :  उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में अभी तक स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक कोरोना के कुल 55366 मामले सामने आए हैं। जिनमें से 54472 लोगों को इलाज के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है और 457 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 437 मरीजों का वर्तमान में इलाज चल रहा है।लोगों को कोरोना से राहत मिल नही पाई थी। इसी दौरान जिले में ब्लैक फंगस ने भी दस्तक दे दी। ई एन टी स्पेशलिस्ट चिकित्सक के अनुसार जिले में 9 मई को ब्लैक फंगस के 12 मरीज एक साथ सामने आए। उसके बाद व्हाइट फंगस और यलो फंगस के भी केस मिले।

कोरोना के साथ फंगल इंफेक्शन के मरीजों की संख्या भी हुई कम
कोरोना के सेकेंड फेस में बड़ी संख्या में कोरोना ने लोगों को अपनी चपेट में लिया। जिसके बाद जिले के सरकारी से लेकर निजी सभी अस्पताल भर गए।कुछ लोगों को अस्पताल में बेड उपलब्ध नही हो पाया तो लोगों ने घर पर रहकर हो उपचार शुरू कर दिया।उधर जरूरत मन्द मरीजों को ऑक्सीजन की भी भारी किल्लत झेलनी पड़ी। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने भी गाजियाबाद का दौरा किया।

इस दौरान सीएम योगी ने तमाम प्रशासनिक अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कोरोना की रोकथाम के लिए कई तरह की योजनाओं पर कार्य किये जाने के निर्देश दिए।उसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने युद्ध स्तर पर कार्य शुरू किया। जिसके बाद संक्रमित लोगों की संख्या में कमी आई और रिकवरी रेट बढ़ा और मौत के आकंड़े भी जीरो हुए।लेकिन इसी दौरान ब्लैक फंगस ,व्हाईट फंगस और यलो फंगस के मामले भी आ गए। बहरहाल अनलॉक के बाद अब पूरी तरह राहत है। 


फंगल इंफेक्शन के मरीजों में 70 % कई हुई कमी
जिले के ई एन टी के निजी अस्पताल जहां फंगल इंफेक्शन के मरीजों को उपचार किया जाता है। उसके वरिष्ठ चिकित्सक (ई एन टी स्पेशलिस्ट)डॉक्टर बृजपाल त्यागी ने बताया कि जिले में 9 मई को पहली बार में ही 12 केस ब्लैक फंगस के आये।उसके बाद अभी तक कुल 48 केस सामने आए हैं। इनमें से 9 वाइट फंगस और 2 यलो फंगस, जबकि एक हर्पीज सिंपलेक्स का मरीज भी पाया गया है। इन मरीजों में से उपचार के दौरान 1 यलो फंगस और 3 ब्लैक फंगस के मरीजों की मौत हुई है। जबकि 7 मरीजों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। बाकी 28 मरीजों का घर पर ही उनके अंडर में उपचार चल रहा है। डॉक्टर बीपी त्यागी ने बताया कि पहले की अपेक्षा अब फंगल इंफेक्शन के मरीजों में 70% की कमी आई है।

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