चाइल्ड सेक्सुअल रैकेट चला रहा था मुंबई का एक टीवी कलाकार, CBI ने धर दबोचा

देश में आये दिन किसी न किसी बड़े आदमी का नाम किसी गिरोह या फिर किसी स्कैम में शामिल होने की खबर आती रहती है. फिर चाहे सुशांत केस में बॉलीवुड अभिनेताओं की बात हो या फिर ड्रग केस में किसी राजनेता या फिर बॉलीवुड सेलिब्रिटी की. अब एक और केस सामने आया हैं. जिसमें फिर से एक टीवी कलाकार के खिलाफ आरोपों के तहत नाबालिगों की अश्लील यौन सामग्री का लालच देने और ब्लैकमेल करने का केस दर्ज किया गया है.

बता दें कि केन्द्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मुंबई स्थित एक टीवी कलाकार के खिलाफ POCSO और IT एक्ट के आरोपों के तहत केस दर्ज किया है. आरोप है, कि टीवी कलाकार कथित रूप से अंतरराष्ट्रीय गिरोह चला रहा था. आरोपी विदेशी नाबालिगों की अश्लील यौन सामग्री लालच देकर और ब्लैकमेल कर इंस्टाग्राम पर हासिल करता था और बाद में उन्हें विदेशी ग्राहकों को बेचता था.

सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी कलाकार ने अमेरिका, यूरोप और दक्षिण एशियाई देशों के 10-16 साल के करीब एक हजार नाबालिगों से फोटो शेयर करने वाले सोशल मीडिया ऐप इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क किया. उन्होंने कहा कि एजेंसी ने टीवी धारावाहिकों में जूनियर आर्टिस्ट होने का दावा करने वाले आरोपी के घर की हालही में तलाशी ली थी और वहां से उसका मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त किया गया.

अधिकारियों ने बताया, कि उसके उपकरणों के फॉरेंसिक जांच से ऑनलाइन यौन शोषण संबंधी सामग्री मिली जिसे आरोपी बाद में व्हाट्सऐप और अन्य एप्स का इस्तेमाल करते हुए अपने अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों को बांटा करता था. अधिकारियों ने कहा, कि हरिद्वार का रहने वाला आरोपी खुद को फिल्मी सितारा बताकर नाबालिगों को ऑनलाइन संबंधों के लिए बहलाता-फुसलाता था और इस दौरान उनसे अश्लील तस्वीरें और वीडियो देने को कहता था. जिनका इस्तेमाल वह उन्हें अवैध धंधे के जाल में फंसाने का काम करता था.

सीबीआई के अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी उनका व्हाट्सऐप नंबर लेकर उनसे चैट करता और वीडियो कॉल के दौरान उनसे अश्लील हरकतें करने को कहता जिन्हें इंस्टाग्राम के जरिए अलग-अलग देशों में स्थित उसके ग्राहकों से शेयर किया जाता था. अधिकारी ने कहा कि अगर पीड़ित आरोपी से संपर्क खत्म करने की कोशिश करते तो आरोपी उनकी तस्वीरें परिवार और दोस्तों से साझा करने की धमकी देता. जांच एजेंसी ने आरोपी के खिलाफ पोस्को एक्ट और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है.

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