चीन के बाद अब तुर्की के हथियारों से कश्मीर में आतंक की साजिश रच रहा पाकिस्तान

दुनिया के दो देश पाकिस्तान और तुर्की इस्लामिक आतंकवाद के पोषक के तौर पर उभर कर सामने आए हैं. दोनों ही मुस्लिम कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वाले देश हैं. इन देशों की प्राथमिकता विकास नहीं है बल्कि विनाश है. कश्मीर मुद्दे पर ये देश भारत के खिलाफ हैं. चीन ये दोनों ही चीन के इशारे पर नाचने वाले खिलौने हैं. चीन ने कर्ज देकर इन पर शिकंजा कस रखा है और भारत के खिलाफ अपने लिए इस्तेमाल कर रहा है.

अब चीन के बाद तुर्की ने भी पाकिस्तान को हथियारों की सप्लाई शुरू कर दी है. तुर्की अब पाकिस्तान को आर्थिक मदद यानी पैसों के साथ-साथ हथियार भी मुहैया करा रहा है. इसके अलावा उस्मानिया सल्तनत (ऑटोमन एम्पायर) को फिर से कायम करने के प्रयास में जुटा तुर्की कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ाने के लिए भी पाकिस्तान की सहायता कर रहा है. मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तान, तुर्की से पैरिमीटर सर्विलांस रडार सिस्टम लेने जा रहा है. रैटीनार पीटीआर-एक्स पैरिमीटर सर्विलांस रडार सिस्टम की खास बात ये है कि ये पोर्टेबल होता है, यानी इस सिस्टम को दो लोग आसानी से कहीं भी ले जा सकते हैं और इसे चलाने के लिए सिर्फ एक आदमी की जरूरत होती है.

 बता दें कि ये सिस्टम पूरी तरह से ऑटोमैटिक तरीके से बड़े इलाके को स्कैन कर सकता है और इसके इस्तेमाल से लगातार दूरबीनों और कैमरों की मदद से निगरानी करने की कोई जरूरत नही होती. पाकिस्तान, तुर्की से इस सिस्टम को इसलिए ले रहा है क्योंकि एलओसी पर भारतीय सेना की मजबूत ग्रिड के चलते घुसपैठ की उसकी कोशिशें नाकाम हो रही हैं. ऐसे में इस रडार के जरिए वो उन इलाकों को स्कैन करके ढूंढने की कोशिश करेगा, जहां से उसे घुसपैठ करने में आसानी हो, ताकी घुसपैठ के नए रास्ते तलाशे जा सकें. इसके अलावा तुर्की ने कश्मीर के लिए भी पाकिस्तान को बड़ी आर्थिक मदद दी है. इसकी प्लानिंग पाकिस्तान और तुर्की ने पिछले साल के आखिर से ही शुरू कर दी थी, जब पाकिस्तान सेना के आला अधिकारी तुर्की गए थे. 

इस प्लानिंग के तहत कश्मीर के युवाओं को तुर्की स्कॉलरर्शिप देने के बहाने अपना एजेंडा पूरा कर रहा है. वहीं तुर्की कश्मीर में कई NGO को भी काफी पैसा दे रहा है. मालूम हो कि नया खलीफा बनने का इच्छुक तुर्की कश्मीर मसले पर पहले भी भारत की खिलाफत कर चुका है और पाकिस्तान का नया साथी बनकर उभरा है. लेकिन तुर्की की आवाम को पता नहीं है कि उनका शासक जिस रास्ते पर देश को लेकर जा रहा है, उससे उसकी भी हालत पाकिस्तान जैसी होने वाली है.

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