जिस विलेन की शक्ल देखकर ही डर जाते थे दर्शक, बॉलीवुड ने उसे क्यों भुला दिया ?

वैसे तो आज कल बॉलीवुड की फिल्मो में विलेन का खौफ इतना नहीं दिखाया जाता, जितना पहले के समय में दिखाया जाता था. पर अगर हम बॉलीवुड के सबसे खतरनाक विलेन की बात करे तो सबसे पहले दिमाग में बस एक ही नाम आता है. जी हां हम यहाँ रामी रेड्डी की बात कर रहे है. जिन्हे आप कई फिल्मो में विलेन के तौर पर देख चुके है. गौरतलब है, कि न केवल फिल्मो में बल्कि असल जिंदगी में भी लोग रामी रेड्डी के नाम से डरने लगे थे और यही वजह है, कि उनकी एंट्री होते ही लोगो के दिल दहल जाते थे. हालांकि आज वो हमारे बीच नहीं है, पर फिर भी हम आपको उनके जिंदगी के आखिरी पलों के बारे में कुछ बताना चाहते है.

बता दे कि रामी रेड्डी का जन्म चित्तूर जिले के वाल्मीकीपुरम में हुआ था. इसके इलावा उन्होंने जर्नलिस्म में डिग्री भी प्राप्त की थी. यही वजह है कि फिल्मो में काम करने से पहले रामी रेड्डी एक पत्रकार के रूप में काम करते थे. इसके बाद उन्होंने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत एक तेलुगु फिल्म से की. बता दे कि रामी रेड्डी ने तमिल, कन्नड़, भोजपुरी, मलयालम और हिंदी फिल्मो को मिला कर करीब 250 फिल्मो में काम किया था. अगर हिंदी फिल्मो की बात करे तो उन्होंने गुंडा, वक्त हमारा है, दिलवाले, अंत, तलाश, प्रतिबंध और खुद्दार आदि फिल्मो में काम किया है.

वैसे रामी रेड्डी का एक प्रसिद्ध डायलाग कि टेंशन लेने का नहीं देने का, आज भी लोगो की जुबान पर कायम है. इससे आप अंदाजा लगा सकते है, कि लोग उन्हें खलनायक के रूप में कितना पसंद करते थे. हालांकि उन्हें खलनायक के रूप में गुंडा फिल्म से बड़ी पहचान मिली. इसके इलावा उन्हें निर्माता और निर्देशक के रूप में भी हाथ आजमाने की सोची, पर इसमें उनको कुछ खास सफलता नहीं मिल सकी. शायद लोग उन्हें खलनायक के रूप में ही ज्यादा पसंद करते थे. इसलिए उन्हें फिल्मो में खलनायक के इलावा दूसरे किरदार निभाने को कम ही मिलते थे.

गौरतलब है, कि गलियों का बादशाह रामी रेड्डी की आखिरी हिंदी फिल्म थी, जो 2001 में आयी थी. जी हां इसके बाद वो कभी हिंदी फिल्मो में नहीं दिखे, क्यूकि इसके बाद उन्हें बॉलीवुड में काम मिलना बंद हो गया. हालांकि इसके बाद उन्होंने कन्नड़, मलयालम और तमिल आदि भाषाओ में कई फिल्मे की. मगर अफ़सोस कि 2011 को हैदराबाद में उनका निधन हो गया.

बता दे कि जब उनका निधन हुआ तब उनकी किडनी का इलाज चल रहा था और उस समय उनकी उम्र 52 साल थी. इसके इलावा आखिरी समय में इस विलेन की हालत इतनी बुरी हो गई थी, कि इन्हे पहचान पाना भी मुश्किल था. जी हां इन्हे देख कर ऐसा लग रहा था जैसे बॉलीवुड ने 2001 के बाद इन्हे बिलकुल ही भुला दिया. बता दे कि रामी रेड्डी के दो बेटे और एक बेटी है, जो फ़िलहाल फ़िल्मी दुनिया की चकाचौंध से दूर है.

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