दिल्ली में बढ़ रहा डेंगू-मलेरिया का खतरा, अब तक इतने मामले आए सामने

राजधानी दिल्ली में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी खतरनाक जल जनित बीमारियां फैल रही हैं. दिल्ली में अब तक डेंगू के कुल 273 मामले सामने आ चुके हैं. बीते सप्ताह दिल्ली के अंदर 62 मामले सामने आए थे. इस वर्ष किसी भी हफ्ते में सामने आए मामलों में सबसे ज्यादा है. चिकनगुनिया के भी अब तक राजधानी में 52 मामले सामने आ चुके हैं.

नई दिल्ली : राजधानी में लगातार जल जनित बीमारियां अपने पैर पूरी तरह से पसारती जा रही हैं. अब डेंगू के साथ बड़ी संख्या में मलेरिया के मामले भी सामने आ रहे हैं. बीते सप्ताह अकेले डेंगू के 62 मामले सामने आए हैं. इसके बाद राजधानी में डेंगू के कुल मामले 273 हो गए हैं, जबकि पिछले वर्ष इसी समय तक दिल्ली में महज 212 डेंगू के मामले सामने आए थे. हैरानी की बात तो यह है कि दिल्ली के अंदर निगम जो जल जनित बीमारियों के मद्देनजर सर्वे करती है. वह डेंगू के 273 मामलों में से 150 मामलों को ट्रेस ही नहीं कर पाई है. वहीं दूसरी तरफ बीते सप्ताह राजधानी में मलेरिया के 16 मामले सामने के आने के साथ ही दिल्ली में मलेरिया के मामलों का भी शतक लग गया और मलेरिया के अब तक 102 मामले सामने आ चुके हैं. वहीं चिकनगुनिया के 52 मामले दिल्ली में आ चुके हैं.


जिस तरह से नगर निगम और दिल्ली सरकार के द्वारा जल जनित बीमारियों पर पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी लगाम लगाए जाने की बात की कही थी, वह फेल होते हुए नजर आ रहे हैं. वहीं निगम के द्वारा जल जनित बीमारियों पर इस वर्ष लगाम लगाए जाने को लेकर अपनी तरफ से कई बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं. निगम का कहना है कि जल जनित बीमारियों के ऊपर लगाम लगाने के लिए लगातार सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. जबकि मच्छरों की उत्पत्ति को रोकने के लिए भी दवाइयों का छिड़काव किया जा रहा है.

साउथ एमसीडी के मेयर मुकेश सूर्यान का कहना है कि निगम अपने स्तर पर जिम्मेदारी को अच्छे से निभा रही है, लेकिन दिल्ली सरकार के द्वारा निगम को बिल्कुल भी सहयोग नहीं किया गया. निगम का फंड दिल्ली सरकार रोक कर बैठी है. दिल्ली सरकार सिर्फ विज्ञापन के माध्यम से डेंगू मलेरिया चिकनगुनिया से खतरनाक बीमारियों को रोकने का प्रयास कर रहे हैं, जो संभव नही है. दरअसल, जमीनी स्तर पर निगम कर्मचारी ही हैं जिनकी वजह से जल जनित बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सकता है और वह अच्छे से काम कर रहे हैं.

वहीं, नॉर्थ एमसीडी स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन जोगीराम जैन का कहना है कि जल जनित बीमारियों के मामले पिछले वर्ष की भांति अधिक संख्या में इस साल दिल्ली के अंदर अब तक सामने आए हैं. इसको लेकर निगम चिंतित भी हैं और अपनी तरफ से हर संभव प्रयास भी कर रही है. ताकि जल जनित बीमारियों के ऊपर लगाम लगाई जा सके. इसे लेकर निगम के द्वारा कड़े कदम उठाए जा रहे हैं. इसी कड़ी में निगम लगातार अपने पूरे क्षेत्र में मच्छरों की उत्पत्ति को रोकने के लिए दवाइयों का न सिर्फ छिड़काव करवा रही है, बल्कि हर एक वार्ड में निगम अपने संसाधनों का प्रयोग करके फॉगिंग भी करवा रही है. इन बीमारियों से जनता को बचाने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी जागरूकता अभियान को तेज गति से चलाना है. इसको लेकर निगम के द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और जनता को हैंड बिल और मुनादी के माध्यम से जागरूक भी किया जा रहा है.

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