देखिए दिल्ली में कैसे बढ़ रही कोरोना की रफ्तार, आकड़े देख छूट जायेंगे पसीने

नई दिल्ली :  दिल्ली में कोरोना के मामलों में काफी तेजी से उछाल आया है। दिल्ली में पिछले चार दिन से रोजाना 3,500 से ज्यादा कोरोना संक्रमण के नए केस आ रहे हैं। राजधानी में 124 दिन बाद सोमवार को इन्फेक्शन रेट बढ़कर 5% के पार चला गया है, जो महामारी के बेकाबू के होने की तस्वीर दिखा रहा है। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने राजधानी में 30 अप्रैल तक रात का कर्फ्यू लगा दिया है। इसके तहत राजधानी में रात 10 से सुबह 5 बजे तक आवाजाही पर रोक होगी।

18 दिन में पॉजिटिविटी रेट 5 परसेंट के करीब पहुंची
दिल्ली में रोजाना कोरोना के मामले बढ़ने के कारण जो पॉजिटिविटी रेट 20 अप्रैल को 1.07 परसेंट थी वह 6 अप्रैल को बढ़कर 4.93 परसेंट पहुंच गई। इस दौराना रोजाना मामलों की संख्या रोजाना करीब 800 बढ़कर 5100 तक पहुंच गई है। दिल्ली में सोमवार को 3,548 मामले और 15 मौतें, रविवार को 4,033 मामले और 21 मौतें हुई थीं। शनिवार को कुल 3,567 कोरोनावायरस के नए मामले सामने आए। शुक्रवार को 3,594 मामले सामने आए। पिछले साल 8 दिसंबर को शहर में 3,188 मामले दर्ज किए गए थे।

पिछले 24 घंटे में हुए रिकॉर्ड 1.03 लाख टेस्ट
पिछले 24 घंटों में रिकॉर्ड 1.03 लाख टेस्ट किए गए। इसमें 69,667 आरटी-पीसीआर और 33,786 रैपिड एंटीजन टेस्ट शामिल थे। पिछले कुछ हफ्तों में कोरोनोवायरस के मामलों में भारी उछाल के बीच केस पॉजिटिविटी रेट 4.93 फीसदी है। मंगलवार को कुल मामलों की संख्या 6,85,062 थी। जबकि 6.56 लाख से अधिक रोगी बीमारी से ठीक हो चुके हैं।

होम आइसोलेशन के मामले बढ़कर 8871 पहुंचे
लेटेस्ट हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, मंगलवार को एक्टिव मामलों की संख्या एक दिन पहले के 14,589 से बढ़कर 17,332 हो गई। राजधानी में होम आइसोलेशन वाले लोगों की संख्या 7,983 से बढ़कर मंगलवार को 8,871 हो गई। शहर में कंटेनमेंट जोन की संख्या 3090 से बढ़कर 3291 तक पहुंच गई है। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि राज्य सरकार महामारी की स्थिति को देखते हुए सतर्क है। पूरे मामले पर करीब से नजर रखी जा रही है।

मामले बढ़े तो बेड, प्लाज्मा की बढ़ी मांग
दिल्ली में एक्टिव मामलों में बढ़ोतरी के कारण अस्पतालों में बेड के लिए भारी भीड़ हो गई है। शहर के अस्पतालों में 8,120 कोविड बेड हैं। उनमें से, अस्पतालों द्वारा शेयर किए गए डेटा से पता चलता है कि 3,558 (44%) बेड फुल हैं। वेंटिलेटर और बिना वेंटिलेटर के वाले कोविड-19 आईसीयू बेड की ऑक्यूपेंसी क्रमशः 60% और 52% पर है। इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बायलरी साइंसेज द्वारा संचालित प्लाज्मा बैंक में भी प्लाज्मा की मांग बढ़ी है।

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