भारत ने किया एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल ‘नाग’ का सफल परीक्षण, ड्रैगन के टैंकों के उड़ेंगे परखच्चे

लद्दाख में चीन से तनाव के बीच भारत अपनी सामरिक ताकत बढ़ाता जा रहा है. भारत ने एक के बाद एक सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण मिसाईलों का परीक्षण किया है. भारत के इन परीक्षणों से चीन और पाकिस्तान डरा और बौखलाया हुआ है. जहां पाकिस्तान दुनिया में कहता घूम रहा है कि भारत को कोई तो रोके, वहीं चीन इन परीक्षणों को लेकर बेचैन है. चीनी भोंपू ग्लोबल टाइम्स में बढ़ती भारत की ताकत को आलोचना हो रही है.

लद्दाख में भारतीय सेना के हाथों पिटने के बाद अब चीन को भी पता चल चुका है कि हिन्दुस्तान से भिड़ने का मतलब अपना सर्वनाश करवाना है. अब भारत ने सुरक्षा दृष्टि से एक बड़ी कामयाबी हासिल की है. राजस्थान के पोखरण में नाग एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया. इस मिसाइल का टेस्ट वॉरहेड पर किया गया है. माना जा रही है कि इससे थल सेना की ताकत में जबरदस्त इजाफा हुआ है और अब चीन-पाकिस्तान के टैंक के परखच्चे उड़ने तय हो गया है

. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा निर्मित इस देसी मिसाइल का परीक्षण पोखरण में गुरुवार सुबह 06.45 बजे किया गया. गौरतलब है कि नाग मिसाइल पूरी तरह से देसी है और इस तरह की मिसाइलों में भारत द्वारा निर्मित थर्ड जेनरेशन की है. DRDO की ओर से लगातार इसके अलग-अलग ट्रायल किए जाते हैं. इससे पहले भी नाग मिसाइल के कई अन्य ट्रायल किए जा चुके हैं. साल 2017, 2018 और 2019 में अलग-अलग तरीके की नाग मिसाइलों का परीक्षण हो चुका है. जिनमें अचूक निशाना लगाने की क्षमता है और दुश्मन के टैंक को नेस्तानाबूद कर सकती है. ये वजन में काफी हल्की होती है. 

आपको बता दें कि एंटी टैंक मिसाइल दुश्मन के टैंक समेत अन्य सैन्य वाहनों को सेकेंडों में समाप्त कर सकती है. ये मीडियम और छोटी रेंज की मिसाइल होती हैं, जो फाइटर जेट, वॉर शिप समेत अन्य कई संसाधनों के साथ काम कर सकती है. भारत ने पिछले करीब एक महीने में अलग-अलग तरीके की आधा दर्जन से अधिक ऐसी ही स्वदेशी मिसाइलों का सफल परीक्षण किया है.

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