मुरादाबाद : 6 साल की बच्ची ने दरिंदे को कराई उम्रकैद, मासूम बोली-चाचा ने घर ले जाकर किया गलत काम

मुरादाबाद में 6 साल की एक बच्ची ने अपने साथ हुए दुष्कर्म के मामले में सगे चाचा को उम्रकैद की सजा दिलाई है। करीब 4 साल पहले 32 साल का चाचा उसे टॉफी देने के बहाने घर ले गया था। जहां कमरे में बंद करके उसके साथ दुष्कर्म किया। खून से लथपथ बच्ची ने घर जाकर मां को घटना बताई तो मां ने आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज करा दी। लेकिन रिश्तेदारों की पंचायत के बाद बच्ची के मां- बाप अदालत में गवाही से मुकर गए।

बच्ची को भी कुछ नहीं कहने के लिए समझा लिया। सभी गवाहों के होस्टाइल होने के बाद जज ने दोबारा से बच्ची को अदालत बुलाने का निर्णय लिया। इस बार बच्ची ने अदालत को पूरा घटनाक्रम बयां कर दिया।

कटघर में 2017 में हुई थी घटना

ADGC मोहम्मद अकरम खां ने बताया कि घटना 22 मार्च 2017 को मुरादाबाद के कटघर थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले में हुई थी। मूल रूप से बरेली के एक गांव के रहने वाले दो सगे भाई मुरादाबाद के इस मोहल्ले में आकर रहने लगे थे। दोनों फैक्ट्रियों में काम करके अपना घर परिवार चलाते थे। घटना के दिन दोपहर में करीब 12 बजे जब बच्ची के माता-पिता नहीं थे तो आरोपी चाचा बड़े भाई के घर पहुंचा। उसने अपनी 6 साल की भतीजी को टॉफी दिलाने का लालच दिया और पड़ोस में अपने घर ले गया। उसकी पत्नी भी उस समय घर पर नहीं थी। जहां दरिंदे ने भतीजी को कमरे में बंद करके उसके साथ दरिंदगी की।

एक – एक कर सारे गवाह मुकरे

ADGC अकरम खां ने बताया कि मामले की सुनवाई स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट – 3 सुभाष सिंह की अदालत में हुई। लेकिन ट्रॉयल के दौरान एक – एक करके सभी गवाह मुकर गए। FIR दर्ज कराने वाली बच्ची की मां भी अदालत में गवाही देने से मुकर गई। उसके पिता व अन्य गवाह भी कोर्ट में होस्टाइल हो गए। जबकि बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट उसके साथ हुई दरिंदगी की चीख – चीख कर गवाही दे रही थी। परिजनों के समझाने पर दरिंदगी की शिकार बच्ची ने भी अदालत में चाचा के खिलाफ गवाही नहीं दी।

फैसला सुनाने से पहले अदालत ने बच्ची को दोबारा बुलाया

मामले में पैरवी करने वाले अपर शासकीय अधिवक्ता अकरम खां बताते हैं कि मेडिकल रिपोर्ट घटना की पुष्टि कर रही थी। विवेचना में गवाहों ने खुलकर गवाही दी थी। लेकिन कोर्ट में एक के बाद एक सभी गवाहों ने कह दिया कि पुलिस ने उनसे बात नहीं की और अपनी मर्जी से उनके बयान लिख दिए हैं। बच्ची से दरिंदगी करने वाले उसके चाचा ने भी कह दिया कि भाई से उसका जमीन के बंटवारे का विवाद है और इसीलिए भाभी ने झूठी रिपोर्ट लिखा दी थी।

इन हालात में ADGC ने कोर्ट में अर्जी देकर अनुरोध किया कि फैसला सुनाने से पहले बच्ची को एक बार फिर से कोर्ट में बुलाया जाए। बचाव पक्ष ने इसका विरोध किया, लेकिन जज ने इसकी अनुमति दे दी।

बच्ची बोली- चाचा ने घर ले जाकर किया गलत काम

ADCG का कहना है कि दोबारा बुलाए जाने पर बच्ची पहले की तरह होस्टाइल नहीं हुई। उसने अपने चाचा का नाम लेकर कहा कि चाचा उसे टॉफी के बहाने घर ले गए थे। इसके बाद उसे कमरे में बंद करके गलत काम किया। बच्ची ने अदालत को पूरी घटना बताने के साथ यह भी बताया कि वह पहले सच क्यों नहीं कह पाई थी।

हाईकोर्ट ने कहा था- जमानत नहीं देंगे

घटना के बाद से ही दरिंदा चाचा जेल में है। हालांकि पीड़िता और आरोपी सगे चाचा – भतीजी हैं। इसलिए रिश्तेदारों ने मिल बैठकर घटना के कुछ दिन बाद दोनों में समझौता करा दिया था। अदालत में गवाहों के होस्टाइल होने के बाद दरिंदे चाचा ने हाईकोर्ट में अदालत की अर्जी लगाई थी। लेकिन हाईकोर्ट ने उसकी जमानत अर्जी को यह कहकर खारिज कर दिया था कि मामला मासूम बच्ची से रेप का है। इस मामले में जमानत नहीं दी जा सकती। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को आदेश दिया था कि वह मामले को सुनकर जल्द इस पर निर्णय ले।

उम्रकैद और एक लाख रुपए का जुर्माना

बच्ची की गवाही के बाद स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट – 3 सुभाष सिंह ने मंगलवार को आरोपी को दोषी पाया। उन्होंने पीड़िता के दरिंदे चाचा को उम्रकैद और एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत के समय उसे जेल से लाकर कोर्ट में हाजिर किया गया था।

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