मूसलाधार बारिश से केरल में कोहराम, जानिए बाकी राज्यों में मॉनसून का हाल

नई दिल्‍ली । भारत के दक्षिणी क्षेत्र केरल में बीते दिनों मूसलाधार बारिश ने कोहराम मचा रखा है और अब हालात बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति देखी जा रही है। बारिश का सबसे ज्यादा असर इडुक्की में देखने को मिल रहा है। इस बीच आईएमडी ने केरल के पांच जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए रेड अलर्ट जारी कर दिया है। राज्‍य के पढानमथिट्टा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, इडुक्की और त्रिशूर जिले के लिए मौसम विभाग की तरफ से रेड अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के कारण जहां केरल में हालात बिगड़ गए हैं वहीं दिल्‍ली और यूपी में भी मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ ही दिनों में दिल्‍ली में ठंड का एहसास होना शुरू हो जाएगा। मौसम विभाग की ओर से जानकारी दी गई है कि दिल्‍ली समेत कई राज्‍यों में अगले दो दिन बारिश के आसार हैं।

बारिश के बाद मौसम में एकाएक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। रविवार और सोमवार को होने वाली बारिश को देखते हुए अभी से येलो अलर्ट जारी कर दिया गया है।पूर्व मध्य अरब सागर के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बने होने का असर अब कई राज्‍यों के मौसम पर दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून ने 17 सितंबर की सामान्य तारीख की तुलना में 6 अक्टूबर को वापसी शुरू की थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों में यह पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और गुजरात, बिहार और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों सहित देश के आधे हिस्से से लगभग वापस आ गया है। मानसून की वापसी का ही असर है कि कई राज्‍यों में बारिश हो रही है और कई में बारिश की पूरी संभावना जताई गई है।

गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार के अधिकांश भाग, महाराष्ट्र, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में मानसून वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं। पिछले पूरे सप्ताह उत्तराखंड में मौसम इस तरह खुला रहा कि सबको बादलों के विदा हो जाने का भरोसा हो गया था, लेकिन अब ताज़ा भविष्यवाणी से राज्य की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है। मौसम विभाग ने 17 और 18 यानी रविवार व सोमवार को राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। चार धाम यात्रियों को खासी समस्याएं पेश आ सकती हैं क्योंकि यहां हल्की बर्फबारी की भी चेतावनी है। स्काइमेट ने तो यहां तक भविष्यवाणी की है कि बारिश इतनी ज़बरदस्त हो सकती है कि भूस्खलन और मिट्टी के कटाव तक की घटनाओं से लोगों को खतरा हो सकता है।

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