यात्रा शुरू होने से पहले चाकचौबंद व्यवस्था का दावा

जिलाधिकारी और एसपी 19 किमी पैदल चलकर पहुंचे केदारनाथ धाम

रुद्रप्रयाग। आगामी केदारनाथ यात्रा के सफल संचालन व यात्रियों को अधिक से अधिक सुविधा मुहैया कराने के लिए भारी बर्फबारी बारी में जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल, पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर द्वारा केदारनाथ धाम में पैदल पहुँचकर व्यवस्थाओ का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता डीडीएमए को गौरीकुंड में कार्यरत मजदूरों व यात्रियों के शौचालय की व्यवस्था के लिए अलग-अलग 12-12 शौचालय स्थापित करने, गौरीकुंड से भीमबली के बीच मे प्रत्येक 300 मीटर की दूरी पर कम्पोस्ट पिट तैयार करने, यात्रियों को धाम तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल संस्थान को अवस्थित पेयजल लाइन, स्टैंड पोस्ट, नल की टोंटियों की मरम्मत करने, विद्युत विभाग को क्षतिग्रस्त विद्युत लाइन की मरम्मत व खराब तारो को बदलने के निर्देश दिए। यात्रा मार्ग के निचले हिस्से में यत्र तत्र बिखरी पड़ी पानी की बोतल, प्लास्टिक, कूड़े कचरे की सफाई हेतु शीघ्र ही डीडीआरएफ के जवानों को बोरे में कूड़ा एकत्रित कर गौरीकुंड भेजने, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को 20 फरवरी से डीडीआरएफ के 44 व यात्रा के 26 जवानों को यात्रा मार्ग में तैनात करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता जलसंस्थान को घोड़े खच्चरों के लिये लगभग 400 मीटर की दूरी पर पानी की चरी बंनाने, जिला पंचायत व नगरपालिका गुप्तकाशी को सख्त हिदायत दी है कि किसी भी दशा में गौरीकुंड में घोड़े खच्चरों की गंदगी नही मिलनी चाहिये । साथ ही घोड़े खच्चरों की मृत्य होने पर घोड़े को गौरीकुंड से दूर अन्यत्र किसी जगह पर दफनाया जाय। मुख्यचिकत्साधिकारी को समस्त मेडिकल रिलीफ पोस्ट को आवश्यकतानुसार मरम्मत करवाने के साथ ही सभी एमआरपी को पानी व विद्युत से संयोजित करने के निर्देश दिये। कहा कि सभी एमआरपी में उच्च गुणवत्ता के हीटर की व्यवस्था होनी चाहिये ताकि ठंड से किसी यात्री की तबियत खराब होने पर सुविधा मिल सके। गौरीकुंड में गौरी मंदिर से आगे तप्त कुंड के समीप चल कार्यों में तेजी लाने के निर्देश कार्यदायी संस्था को भी दिए। एसडीआरएफ व डीडीआरएफ के जवान उपस्थित थे।

 

ज्यादा यात्रियों की ठहरने की होगी व्यवस्था
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम में इस दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को पहले से अधिक सुविधाएं मिलेंगी। जिलाधिकारी ने बताया कि इस बार हमारी पूरी कोशिश है कि धाम में अधिक श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की जाय। इसके लिए वहां तैयारियां शुरू कर दी गयी है।

रास्ता अभी भी जोखिम भरा
रुद्रप्रयाग। गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक का उन्नीस किमी पैदल सफर अभी बेहद मुश्किल भरा है। रास्ता कई जगहों पर टूटा है और लिनचोली के बाद 4 किमी पैदल मार्ग पूरी तरह बर्फ से अटा पड़ा हुआ है, ऐसे सबसे पहले मार्ग को दुरुस्त किया जाना है, तभी आगे की तैयारिया होंगी।

विद्युत विभाग कार्य कर रहा तेज
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम में विद्युत व्यवस्था दुरुस्त करने का कार्य तेज से चल रहा है। विभाग ने क्षतिग्रस्त पोलो को बदलने का काम शुरू कर दिया है और लाइनों को बिछाने का भी कार्य चल रहा है।

पानी की समस्या बनी चुनौती
रुद्रप्रयाग। केदारधाम में इस बार बारी बर्फवारी के चलते है पानी की विकट समस्या पैदा हो गयी है। प्रशासन की माने तो श्रोत ढूंढना पड़ेगा और इसके लिए बर्फ कम होने का इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि पूरा प्रयास रहेगा कि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकाला जाए।

मार्च अप्रैल में भी बर्फवारी की संभावना
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम हालांकि आजकल बर्फवारी नहीं हो रही है लेकिन जिलाधिकारी ने बताया कि मार्च और अप्रैल में बर्फ पड़ने की पूरी संभावना है। ऐसे व्यवस्थाओं पर इसका असर भी पड़ेगा। बावजूद इसके श्रद्धालुओ को पूरी सुविधाएं दी जाएंगी।

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