युवतियों के यौन शोषण के मामले में दबोची गई बाबा सच्चिदानंद की शिष्या, 50 हजार का इनाम था घोषित

बस्ती संत कुटीर आश्रम में युवतियों से यौन शोषण के लंबे समय से फरार चल रही बाबा सचिदानंद की शिष्या कमला बाई उर्फ प्रियंका श्रीवास्तव को UPSTF ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया। प्रियंका पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उसे लखनऊ के काकोरी थानाक्षेत्र में आगरा एक्सप्रेस वे से पकड़ा गया है। कमलाबाई बाबा सच्चिदानंद के दिल्ली में नरेला स्थित भोगमोड़ श्रीसंत कुटीर आश्रम न्यू ननोट आश्रम में छिपकर रह रही थी।

कमला बाई मूलरूप से बस्ती कटरा की रहने वाली है। मुकदमे की पैरवी के लिए रविवार को वह लखनऊ होकर बस्ती जा रही थी। कमला पर बस्ती सदर में दो और बस्ती के लालगंज थाने में एक मुकदमा दर्ज है। STF के DSP विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि 20 दिसंबर 2017 को सच्चिदानंद और अन्य पर युवतियों को बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में कोतवाली में दो केस दर्ज किया गया था। बाबा ने अमरोहा की ब्रजघाट पुलिस चौकी के ठीक पीछे गंगा किनारे अद्वैत स्वरूप महिला संत आश्रम बनाया था। उसके झारखंड और बिहार में भी आश्रम होने की जानकारी मिली हैं। आश्रम की कुर्की तक हुई और बलात्कारी बाबा सच्चिदानंद उर्फ दयानंद व उसकी शिष्या कमला बाई पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। बाबा सच्चिदानंद का एक शिष्य परमचेतानंद और सेविका उर्मिला बाई को पांच अगस्त 2018 में बभनान रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया था। एक जुलाई को अमरोहा आश्रम से तीन साल से फरार चल रहे बाबा सच्चिदानंद उर्फ दयानंद को भी गिरफ्तार किया गया था। बाबा की सहयोगी उसकी शिष्या कमला बाई उर्फ प्रियंका श्रीवास्तव फरार चल रही थी।

आश्रमों में छिपकर कर रही थी मुकदमों की पैरवी

कमला ने पूछताछ में बताया कि श्रीसंत कुटीर आश्रम नरेला, दिल्ली में छुपी हुई थी। यही से खुद पर दर्ज मुकदमों में जमानत कराने के सिलसिले मे वह लखनऊ व बस्ती में अपने वकीलों व पैरोकारों से मिलने जा रही थी। गिरफ्तारी से बचने के लिये वह श्रीसंत कुटीर महिला संत आश्रम, सुहडी, थाना गोविन्दपुर, नवादा (बिहार), श्री संत कुटीर आश्रम अमहट घाट, पटवानगर थाना कोतवाली, जनपद बस्ती और श्रीटीर आश्रम गढ़मुक्तेश्वर, थाना गढ़ जनपद अमरोहा मे जगह बदल-बदल कर कर रही थी।

बस्ती जिले में दर्ज हुआ था पहला केस

दिसंबर 2017 में यौन शोषण का मामला तब प्रकाश में आया था। आश्रम की कुछ युवतियों को धक्के मारकर निकाल दिया गया था। इसके बाद युवतियों ने बस्ती पुलिस को तहरीर दी थी। तत्कालीन एसपी संकल्प शर्मा के निर्देश पर कथित बाबा के अलावा उसके तीन शिष्यों परमचेतानंद, विश्वासानंद, ज्ञान वैराग्यानंद तथा दो मुख्य सेविकाओं पर 2008 से लगातार यौन शोषण व सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज किया गया था। महिलाओं का आरोप था कि सत्संग व प्रवचन के नाम पर महिलाओं और कम उम्र की लड़कियों को आश्रम में बुलाया जाता है। कुछ लड़कियों को साध्वी का दर्जा देकर आश्रम में रख लिया जाता था। उन्हें अनुष्ठान के जरिए विशेष कृपा दिलाने का दिलासा देते थे। उनका विश्वास जीतने के बाद दिल्ली स्थित आश्रम के मुख्यालय या कथित बाबा व चेलों के निर्देश पर अलग-अलग शहरों में प्रवचन- सत्संग के बहाने भेजकर उनका यौन शोषण किया जाता था।

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