लखनऊ एयरपोर्ट का संचालन अब करेगा अडानी ग्रुप, 55 से 60 लाख घरेलू और इंटरनेशनल यात्री करते हैं सफर

कामर्शियल एक्टिविटी संभालेगा अडानी ग्रुप
55 से 60 लाख घरेलू और इंटरनेशनल यात्री करते हैं सफर
प्रतिदिन संचालित होती हैं 50 से 55 घरेलू उड़ानें

लखनऊ।  राजधानी के सरोजनीनगर क्षेत्र में स्थित चौधरी चरण सिंह अंतरर्राष्‍ट्रीय हवाई अड्डे को आगामी एक नवंबर से पचास सालों के लिए अडानी ग्रुप  संभालने जा रहा है। जिसके चलते एक नवंबर से कामर्शियल सुविधाओं में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। यात्री सुविधाओं के साथ कामर्शियल गतिविधियों के विकास की का जिम्मा अडानी ग्रुप का होगा. वहीं एयर ट्रैफिक कंट्रोल पहले की तरह एटीसी और सुरक्षा का जिम्मा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) पर होगा। एयरपोर्ट पर कमर्शियल सेवाओं से  जुडे एक अधिकारी ने बताया कि लखनऊ एयरपोर्ट के वर्तमान घरेलू इंटरनेशनल टर्मिनल की यात्री सुविधाओं को अडानी ग्रुप कई गुना बेहतर करने जा रहा है। आपको बता दें कि लखनऊ एयरपोर्ट खास उद्योगपतियों और सरकार के इस्तेमाल के लिए सन 1986 में बना था।  हालांकि, इस एयरपोर्ट को 17 जुलाई 2008 को यात्रियों के लिए विकसित किया गया।  मई 2012 में लखनऊ एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा दिया गया।  दो जून 2012 से नया थ्री टियर का करीब दो हजार यात्रियों की क्षमता वाला घरेलू टर्मिनल भी शुरू हो गया।

आपको बता दें कि यूपी की राजधानी लखनऊ में स्थित चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर एक नवंबर से कई बदलाव होने जा रहे हैं।  इसे निजीकरण की प्रक्रिया के तहत अडानी ग्रुप को सौंपा गया है। इसे कमर्शियल सर्विसेज की बेहतरी के लिए बेहद आवश्‍यक कदम बताया जा रहा है। आपको बता दें कि प्रत्येक वर्ष लखनऊ एयरपोर्ट से करीब 55 से 60 लाख घरेलू और इंटरनेशनल यात्री सफर करते हैं।  लगभग 50 से 55 घरेलू उड़ानें लखनऊ से प्रति दिन भरी जाती हैं। कोविड 19 से पहले लगभग 6 से 7 इंटरनेशनल विमानों की संख्या थी।  खास बात यह है कि दिल्ली एयरपोर्ट पर बाधा होने पर लखनऊ में विमानों की आपातकालीन लैंडिंग होती है।

लखनऊ एयरपोर्ट के पूर्व निदेशक रहे एससी होता अब अडानी लखनऊ इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. (एएलआइएएल) के सीईओ पद की कमान संभाली है।  इंटरनेशनल टर्मिनल भवन में पुराना निदेशक ऑफिस ही एएलआइएएल का मुख्यालय होगा। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के 300 कर्मचारी लखनऊ एयरपोर्ट पर तैनात हैं,  जबकि कामर्शियल के कर्मचारी दो साल अडानी ग्रुप के साथ काम करेंगे।

छ: कंपनियों ने लगाई थी बोली
लखनऊ एयरपोर्ट के लिए छह कंपनियों ने बोली लगाई थी। प्रति यात्री शुल्क के आधार पर अडानी ग्रुप ने 171 और एएमपी कैपिटल ने 139 रुपये की बोली लगाई थी।  यह अहमदाबाद के 177 रुपये प्रति यात्री के बाद किसी एयरपोर्ट के लिए अडानी ग्रुप की सबसे बड़ी बोली थी। इसके चलते अडानी ग्रुप को लखनऊ एयरपोर्ट सौंपा जा रहा है।

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