वास्तु शास्त्र : क्या आपको पता है पूजाघर से जुड़ी ये जरूरी बातें, नहीं तो पढ़े ये पोस्ट

हमारे घर के अंदर हमारे घर का पूजा स्थल बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है, पूजा घर के अंदर घर परिवार के सदस्य रोजाना सुबह-शाम पूजा अर्चना करते हैं, ऐसा बताया जाता है कि अगर घर में पूजा घर है तो इसकी वजह से घर के अंदर सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह हमेशा बना रहता है, इसी वजह से घर के अंदर भगवान के लिए मंदिर या पूजा घर बनाना बहुत ही जरूरी माना गया है, घर में पूजा स्थल होने की वजह से सौभाग्य का आगमन होता है।

वास्तुशास्त्र में घर के मंदिर से जुड़े हुए बहुत से नियम बताए गए हैं, जिन नियमों पर अगर व्यक्ति अमल करता है तो इससे उसके घर परिवार की परेशानियां दूर होंगी और घर परिवार के लोगों की किस्मत चमक सकती है, आज हम आपको वास्तु से जुड़ी हुई कुछ जरूरी बातें बताने वाले हैं, आपके घर का मंदिर कैसा होना चाहिए? इन सभी की जानकारी होना आपको बहुत ही आवश्यक है।

आइए जानते हैं पूजा घर से जुड़े वास्तु टिप्स
वास्तु शास्त्र के अनुसार व्यक्ति को अपने घर को 3 महीने से अधिक समय तक खाली नहीं छोड़ना चाहिए, अगर आप किसी वजह से घर से बाहर जा रहे हैं तो आप भूल कर भी पूजा घर में ताला ना लगाएं।
अगर आप किसी ऐसे मकान में प्रवेश कर रहे हैं जो काफी सालों से खाली पड़ा हुआ है तो ऐसी स्थिति में आप वास्तु शांति कराएं बिना उस घर में प्रवेश ना करें।
वास्तु शास्त्र के अनुसार व्यक्ति को कभी भी अपने घर का मंदिर रसोई घर में नहीं बनाना चाहिए, इससे घर परिवार के लोगों को हानि पहुंचती है।
आप अपने घर का मंदिर ईशान कोण में बनवाएं, इससे घर परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह हमेशा बना रहता है, इसके अलावा आप घर का मंदिर कभी भी सीढ़ियों के नीचे ना बनाएं।
आप अपने घर का मंदिर बाथरूम या शौचालय के बगल में ना बनवाएं और ना ही बेडरूम में घर का मंदिर बनवाए।
बहुत से लोग ऐसे हैं जो लकड़ी का मंदिर बनवाते हैं, अगर आपके घर का मंदिर भी लकड़ी का है तो आप इसको अपने घर की दीवार से सटाकर मत रखिए।
वास्तु नियम के अनुसार अगर आप अपने घर के मंदिर में भगवान गणेश और धन की देवी माता लक्ष्मी जी की प्रतिमा या मूर्ति रख रहे हैं तो आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि आप श्री गणेश और मां लक्ष्मी की मूर्ति कभी भी खड़ी ना रखें और ना ही पूजा स्थल अंधेरे में होना चाहिए।
वास्तु शास्त्र के अनुसार आपको इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा कि आप घर के पूजा घर में गुंबद, कलश ना बनाएं, मंदिर में जो भी भगवान की मूर्तियां आपने रखी हुई है उन मूर्तियों का चेहरा किसी भी वस्तु से ढका नहीं होना चाहिए क्योंकि यह शुभ नहीं माना जाता है, इसके अतिरिक्त एक घर के अंदर एक ही मंदिर होना चाहिए, जिस स्थान पर आपने मंदिर बनवाया है उस स्थान की तरफ पैर करके ना सोए।
पूजा घर के अंदर पूजा सामग्री और धार्मिक पुस्तकें रखी जाती हैं, आप इन चीजों को मंदिर के नीचे रख सकते हैं।

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