शादी से पहले जिसने किया ये काम, शर्तिया पत्नी पाएगा लक्ष्मी समान

कहते हैं घर की बेटी और बहू लक्ष्मी का रूप होती हैं. ये बात बिलकुल सत्य हैं. घर में बेटी का होना मतलब साक्षात लक्ष्मी जा प्रवेश माना जाता हैं. ये बेटियां बेटों से भी ज्यादा सुख और सम्रद्धि घर वालो को देती हैं। जहाँ एक तरफ घर की बेटी शादी के बाद विदा होकर चली जाती हैं तो वहीँ दूसरी और किसी दुसरे की बेटी हमारे घर बहू बनकर प्रवेश करती हैं। इस तरह हमारे घर में लक्ष्मी का वास हमेशा बना रहता हैं।

हिन्दू धर्म में माना जाता है कि नई बहू के कदम बहुत शुभ होते हैं। कभी कुछ खराब होने पर हम कुछ कहें या न कहें लेकिन मन में बुरा भाव आता जरूर है। लेकिन यहां जानिए कि कुछ भी अच्छा या बुरा होने के लिए नई बहू क्यों जिम्मेदार नहीं होती और क्यों हम ही जिम्मेदार होते है।

शादी से पहले ही कर लें ये काम:

घर में बहू आने के साथ ही उसके लिए अलग बेडरूम निर्धारित किया जाता है। कई बार अलग बाथरूम का निर्माण भी कराया जाता है। अगर ये बदलाव करते समय आप वास्तु का ध्यान नहीं रखेंगे तो जाहिर तौर पर इनका प्रभाव परिवार पर होगा।

नई बहू के स्वागत के लिए घर में रेनोवेशन की तैयारी चल रही है तो इस बात का विशेष ध्यान रखें कि घर के स्वामी का शयन कक्ष और बेटे-बहू का शयन कक्ष सही दिशाओं में हो।

बहू के स्वागत के लिए नया कमरा बनवा रहे हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि बाथरूम घर में उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व और दक्षिण पश्चिम में भूलकर भी न बनाएं।

दक्षिण की दिशा में किसी तरह के पानी की निकासी की व्यवस्था न करें। बाथरूम के निर्माण के लिए उत्तर दिशा ही सही है।

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