सीतापुर : बाढ़ पीडि़तों के लिए सरकार हर वक्त तैयार


  • जल शक्ति मंत्री ने किया हवाई सर्वे, सीतापुर में बैठक कर अफसरों व पार्टी जनप्रतिनिधियों को दिए दिशा निर्देश
  • सभी लेखपालों व पंचायत सेक्रेटरी को बाढ़ प्रभावित गांवों का बनाया जाएगा नोडल अधिकारी
  • खाना, पानी, दवाएं, कपड़े, उजाला सभी के प्रबंध करने के निर्देश

सीतापुर। बाढ़ से निपटने के लिए सरकार तथा प्रशासन दोनों पूरी तरह से मैदान में उतर आए है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में किसी भी प्रकार की कोई भी परेशानी बाढ़ पीडि़तों को ना हो इसको लेकर सरकार व प्रशासन ने मिलकर कमर कस ली है। खाना, पानी, दवाएं, जानवरों के चारा आदि तमाम आवश्यक वस्तुओं को मुहैया कराने के लिए सरकार व प्रशासन तत्पर हो उठा है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को बाढ़ से प्रभावित उत्तर प्रदेश के कई जिलों का हवाई सर्वे करने निकले जल शक्ति मंत्री डा.ॅ महेन्द्र सिंह सीतापुर आए। राजकीय इंटर कालेज के हेलीपैड पर उतरने के बाद वह सीधे कलेक्ट्रेट सभागार पहुंुचे। जहां विधायकों, जिला पंचायत अध्यक्ष, डीएम-एसपी, सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी महत्तवपूर्ण बैठक की।

 
जल शक्ति मंत्री डा.ॅ महेन्द्र सिंह ने कहा कि बाढ़ पीडि़तों को हर सुविधा मुहैया कराने की नियत से अफसर पूरी ताकत से जुट जाएं। जिले भर के सभी पंचायत सेक्रेटरी तथा लेखपालों को बाढ़ क्षेत्र में उतार दिया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की कोई कोताही नहीं होगी। यही नहीं इस कार्य में केवल प्रशासन ही नहीं बल्कि जिले के सभी विधायक व पार्टी के पदाधिकारी भी जुटे। सभी मिलकर बाढ़ पीडि़तों को भोजन पहुंचाए। जिनके पास कपड़े नहीं है उन्हें कपड़े मुहैया कराए जाए। उजाला की व्यवस्था हर कीमत पर की जाए। चाहे जनरेटर चलाए जाएं या फिर किसी भी तरह लैंप, मोबाइल आदि से उजाला किया जाए। बैठक के बाद जल शक्ति मंत्री डॉ0 महेन्द्र सिंह पत्रकारों से भी रूबरू हुए। उन्होंने पत्रकारों के सवालों के जबाब देते हुए कहा कि बाढ़ पीडि़तों को कोई समस्या न हो इसके लिए सभी अफसरों को कड़े दिशा निर्देश दिए गए है। उन्होंने कहा कि 90 वर्षो बाद इतनी बडी आपदा बाढ़ के रूप में कई जिलों में आई है। जिससे पीलीभीत, लखीमपुर, सीतापुर, बहराइच, बाराबंकी आदि कई जिले प्रभावित हुए है। इस विपदा से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार है। बाढ़ पीडि़तों की हर संभव मदद की जाएगी। खाना, कपड़ा, पानी, दवाइयां, जानवरों के लिए चारा आदि की संपूर्ण व्यवस्था कर दी गई है।


संपूर्ण फसल क्षतिग्रस्त माना जाए-ज्ञान

सेउता विधायक ज्ञान तिवारी ने जल शक्ति मंत्री डा. महेन्द्र सिंह को आठ बिन्दुओं का एक पत्र दिया। जिसमें कहा गया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में संपूर्ण फसल को क्षतिग्रस्त मानते हुए पीडि़तों को मुआवजा दिया जाए। इतना ही नहीं सर्वे के दौरान लेखपाल जमकर भ्रष्टता करते है। ऐसे लेखपालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। बाढ़ के पानी के तेज बहाव से सड़के कट भी गई और क्षतिग्रस्त भी हो गई है। इनका सर्वे करा इन्हें दुरूस्त कराने के लिए लोक निर्माण विभाग को आदेशित किया जाए। मवेशियों को चारा की कोई कमी न हो इसको लेकर आदेशित किया जाए। बाढ़ क्षेत्र में महिलाओं के शौच जाने की बड़ी समस्या है इसके लिए नगर पालिकाओं के टंपरेरी शौचालयों को बाढ़ क्षेत्र में भेजा जाए। अस्थाई रैन बसेरा बनाए जाए जिनमें खाना आदि मुहैया कराया जाए। जो रैन बसेरा तक नहीं आ सकते हैं उन्हें गांव जाकर खाना पानी मुहैया कराया जाए। बाढ़ बैठक के दौरान प्रशासन द्वारा 15 गांवों को बाढ़ से ग्रसित दिखाया गया था इस पर विधायक सेवता ने नाराजगी जताई और मंत्री से कहा कि बाढ से 42 ग्राम पंचायतें के सैकड़ों गांव प्रभावित है।

 
 
बाढ़ पीडि़तों के लिए आगे आया अग्रवाल सभा
बाढ़ पीडि़तों की मदद करने के लिए सबसे पहले अग्रवाल सभा आगे आया है। अग्रवाल सभा के अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने कहा कि संगठन द्वारा जो भी मदद बाढ़ पीडि़तों की हो सकेगी वह सीधे उन्हें पहुंचाई जाएगी। इसके लिए अध्यक्ष ने सबसे पहले अग्रवाल समाज के लोगों से बाढ़ पीडि़तों को कपड़े मुहैया कराने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि सभी समाज के लोग अपने घरों में रखे कपड़ों को एक जगह एकत्रित करें और उन्हें ले जाकर बाढ़ पीडि़तों को मुहैया कराया जाएगा।

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