17 मई के बाद लॉकडाउन ? बिहार, पंजाब समेत 4 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने बढ़ाने की मांग की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोविड-19 की समीक्षा बैठक में गांवों को कोरोना संकट से दूर रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में ढील के बाद हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती गांवों को कोरोना मुक्त रखने की है और हमें इसे सुनिश्चित करना ही होगा।
पीएम ने ‘दो गज दूरी’ का मंत्र दोहरता हुए कहा कि इस लड़ाई में सोशल डिस्टैंसिंग ही सबसे कारगर हथियार है। प्रधानंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया कोरोना संकट से निपटने के लिए भारत के उठाए कदमों की तारीफ कर रहा है, इसके लिए सभी राज्यों के प्रयास सराहनीय हैं।

वही कोरोना के बढ़ते संकट को देखते हुए तेलंगाना, बिहार, पंजाब और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों ने देश में लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाने का समर्थन किया है। हालांकि पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें लॉकडाउन से बाहर आने की रणनीति बनाने की जरूरत है। वहीं, उद्धव ठाकरे ने कहा कि लॉकडाउन के बिना आगे बढ़ना मुमकिन नहीं है। राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि रेड जोन वाले लोगों को ग्रीन जोन में जाने की अनुमति ना हो। पश्चिम बंगाल की सीएम ने कहा कि इस समय हमें राजनीति नहीं बल्कि मिलकर काम करने की जरूरत है।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ 5वीं वीडियो कॉन्फ्रेंस कहा कि भारत इस कोरोना संकट से अपने आपको बचाने में काफी हद तक सफल रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में राज्यों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यदि दो गज की दूरी कम हुई तो संकट बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि देश में लॉकडाउन लागू करने में सभी पक्षों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास रहे कि जो जहां है वहीं रहे। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट गांवों तक ना पहुंचे यह बड़ी चुनौती है। बैठक में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने केंद्र पर संकट के समय में राजनीति करने का आरोप लगाया।

ममता ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से राज्य को भेजी जाने वाली चिट्ठी उन तक पहुंचने से पहले ही लीक हो जा रही है। मोदी और मुख्यमंत्रियों की मुलाकात ऐसे वक्त पर हो रही है, जब देश में कोरोना के नए मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सोमवार तक पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड 4213 नए केस सामने आए, जिसके बाद देश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 70 हजार के करीब पहुंच गई। बता दें कि अब तक कोरोना से 2206 लोगों की मौतें हो चुकी हैं। देश में कोरोना वायरस का प्रकोप शुरू होने के बाद प्रधानमंत्री की मुख्यमंत्रियों के साथ यह पांचवीं बैठक है।

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