अलीगढ: प्रोटेस्ट मार्च में छात्र और पुलिस में नोकझोंक

राजीव शर्मा, अलीगढ। पुलिस एनकाउंटर के विरोध में अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों के प्रोटेस्ट मार्च के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झडप हो गई। रैली को रोक दिया गया।
थाना हरदुआगंज के अंतर्गत एनकाउंटर में मारे गए नौशाद और मुस्तकीम के समर्थन में एएमयू छात्रों ने प्रोटेस्ट मार्च निकाला। इस दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। छात्रों को विवि में प्रोटेस्ट निकालने के लिये अनुमति नहीं दी गई। इस पर एएमयू प्रशासन और छात्रों के बीच नोक झोंक हो गई। मौके पर पुलिस भी आ गई। मार्च को बाबे सैयद गेट पर नहीं जाने दिया और पहले ही रोक दिया। इस दौरान छात्रों ने वहीं पर सभा का आयोजन किया। वक्ताओं ने कहा कि बेगुनाह लोगों को पुलिस एनकाउंटर में खौफ पैदा कर रही है। हम इस घटना का विरोध हैै। विरोध करना हमारा फंडामेंटल अधिकार है। हम डरते नहीं है और दबते नहीं है। हम संविधान की बात करते हैं। हमें सर सैयद कलम देकर गए थे।

 

घटना -2

सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर सीबीआई ने डाला डेरा

अलीगढ। दो साल पहले सामूहिक दुष्कर्म की घटना को मारपीट बताकर चार्जशीट दाखिल करने वाली मडराक पुलिस की जांच को लेकर सीबीआई टीम ने डेरा जमा लिया है। टीम ने पीडित के बयान दर्ज कर अन्य साक्ष्य जुटा लिये है।
गौरतलब हो कि 13 सितम्बर 2016 को घर में खाना बना रही महिला के साथ गांव के अन्नू, मुकेश और मनीश ने मिलकर सामूहिक दुष्कर्म किया था। आरोप है कि पुलिस ने प्रकरण को विवेचना के समय दुष्कर्म की घटना को मारपीट में दर्ज कर दिया था और चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी थी। पीडित पक्ष ने हाईकोर्ट की शरण ली और सीबीआई जांच की मांग की। इस क्रम में सीबीआई ने पुलिस के साथ मौके पर जाकर पीडित व परिजनों के बयान दर्ज किये। टीम ने दो दिन तक घटना की जानकारी और तथ्य हासिल कर लिये हैं।

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