सीसीएसयू के बृहस्पति भवन में हुआ पुरातन छात्र मिलन समारोह

निर्भीक पत्रकारिता से तिलक ने क्रांति करने के लिए किया प्रेरित: मित्तल

भास्कर समाचार सेवा
मेरठ। भारतीय स्वतंत्रता सग्राम को और अधिक प्रभावी बनाने में लोकमान्य तिलक के समाचार पत्र केसरी ने अग्रणी भूमिका का निर्वहन किया था। केसरी में छपे लेखों ने गणेश उत्सव तथा शिवाजी उत्सव के आयोजनों की महत्ता को लोगों के बीच स्थापित करने में उत्प्रेरक का कार्य किया। तिलक की निर्भीक पत्रकारिता ने अंग्रेजों द्वारा बनाए गए प्रेस कानूनों की परवाह नहीं की, वरन् अपने लेखों के माध्यम से समाज को सरकार के विरूद्ध क्रांति करने के लिए प्रेरित किया। यही कारण है कि अंग्रेज उनको भारत में अशांति का जनक कहते थे। यह विचार तिलक पत्रकारिता एवं जनसंचार स्कूल में पुरातन छात्र मिलन समारोह में लोकमान्य तिलक की पत्रकारिता के विषय में वरिष्ठ पत्रकार अजय मित्तल ने व्यक्त किए।

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने इस अवसर पर कहा, पुरातन छात्र विभाग और विश्वविद्यालय की धरोहर होते हैं। यह अपने कार्य क्षेत्रों में एक प्रकार से विश्वविद्यालय का प्रतिनिधत्व ही करते हैं। इसीलिए पुरातन छात्रों की यह जिम्मेदारी होती है कि अध्ययन पूरा करने के बाद विभाग से जुड़े रहें। अपने अनुभव, जानकारी, तकनीकी ज्ञान, इंडस्ट्री की आवश्यकताओं से विभाग के नए साथियों से परिचित कराते रहें। इस प्रकार की गतिविधियों से विभाग नए कीर्तिमान स्थापित करने में सफल होगा। विश्वविद्यालय की प्रतिकुलपति प्रो. वाई विमला ने कहा, पुरातन छात्र मिलन समारोह एक श्रृखंला है जिसमें न केवल विद्यार्थियों का परिचय होता है बल्कि, नए विद्यार्थियों को बहुत कुछ जानने का अवसर प्राप्त होता है। विभाग के निदेशक प्रो. प्रशांत कुमार ने इस अवसर पर कहा, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग ने अपनी स्थापना के इस वर्ष 21 साल पूरे किये हैं। वर्ष 2001 में विभाग में पत्रकारिता एवं जनसंचार विषय में स्नातोकत्तर पाठ्यक्रम शुरू हुआ था। विभाग के पूर्व समन्वयक प्रो. जेके पुंडीर ने इस अवसर पर विद्यार्थियों को समयबद्धता और अनुशासन का महत्व बताया। विभाग के पूर्व समन्वयक डा. असलम जमशेदपुरी ने इस अवसर पर विद्यार्थियों में तकनीकी और ज्ञान के सम्मिश्रण पर जोर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में पूर्व छात्र लोकेश धामा, सचिन सागर, आशीष महोश्वरी ने अपनी प्रस्तुति दी। अनुष्का, लक्ष्मी, नैना आदि ने नृत्य प्रस्तुत किए। बीनम यादव का सहयोग रहा। सभी का स्वागत विभाग के निदेशक प्रो. प्रशांत कुमार ने तथा धन्यवाद डा. मनोज श्रीवास्तव ने दिया। लव कुमार सिंह तथा सौम्या जोशी ने मंच संचालन किया।
 

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