चोरी का डीजल देने की मना करने पर अपहरण कर जान लेने का किया प्रयास

भास्कर समाचार सेवा

मुरादनगर। निर्माणाधीन दिल्ली मेरठ रैपिड रेल के कर्मचारियों के चोरी से डीजल बेचने पर इंकार करने से तेल माफियाओं ने एनसीआरटीसी के दो कर्मचारियों को अपहरण कर जान लेने का प्रयास किया। वह गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है ।
करण सिंह पुत्र राजवीर निवासी सहावर जिला कासगंज, तथा दूसरी शिकायत आकाश पुत्र राम सिंह निवासी सुल्तानपुर ने थाने में दर्ज कराई है। आरोप है कि पीड़ितों को आरोपी का ठीक नाम पता नहीं है उनका कहना है कि उसे लोग त्यागी जी कहते हैं। उसने यहां अबूपुर के निकट अवैध रूप से तेल का गोदाम बनाया हुआ है। वह एनआरटीसी के कार्यों में चल रहे ट्रकों के चालकों से चोरी छुपे कम रेट में डीजल आदि खरीद कर आगे भेज रहे थे। तेल एकत्र करने के लिए यही गोदाम बनाया हुआ है ।आरोप है कि दोनों पीड़ितों से पहले डीजल देने के लिए कहा गया मना करने पर इन्हें अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में डालकर दूर जंगलों में ले गए मारपीट की यातनाएं दी और धमकाया कि यहां काम करना है तो जैसे हम कहेंगे वैसे करना पड़ेगा अन्यथा जान भी जाती रहेगी। हाईवे किनारे ऐसे माफियाओं ने होटलों या अन्य माध्यमों से ऐसे ठिकाने बनाए हुए हैं। जहां वह ट्रकों के चालकों से बहुत कम दामों में डीजल खरीद कर यहां एकत्र कर मोटा मुनाफा लेकर आगे भेजते हैं। आरोप है कि जो भी ट्रक चालक उनकी मनमानी से इनकार करता है उसके साथ ऐसा ही किया जाता है। सूत्रों का कहना है कि इनके गोदामों में हजारों लीटर पेट्रोल डीजल हर वक्त रहता है। जिसका कोई लाइसेंस नहीं होता। लेकिन यह लोग धड़ल्ले से डकैती डाल रहे हैं। इतना बड़ा काम हो रहा है पुलिस प्रशासन को जानकारी न हो यह संभव नहीं है ।कौन कहां क्या कर रहा है पुलिस उस से मतलब नहीं रखती पुलिस को मतलब होता है कि पैसा कहां से मिलेगा। दोनों ही पीड़ितों ने उनको अगवा करने में एक ही गाड़ी का इस्तेमाल करना बताया है। थाना प्रभारी सतीश कुमार, ने बताया कि दोनो पक्षों में समझौता हो गया है।

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