बांदा : दलदल में तब्दील हुआ बिलगांव-मुरवल मार्ग, आवाजाही में होती दिक्कत

मुख्यालय से कटा बिलगांव, पिस्टा, घनसौल समेत दर्जनभर गांवों के लोगों का संपर्क

लोक निर्माण विभाग के अफसरों को कई बार कराया गया अवगत, नहीं होती सुनवाई

भास्कर न्यूज

बांदा। जहां एक ओर से प्रदेश की योगी सरकार गड्‌ढ़ा मुक्त सड़कों और बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के जरिए क्षेत्र के लोगों को खुशहाली की ओर ले जाने का दावा करती है, वहीं दावों के विपरीत जमीनी हकीकत सरकार की मंशा पर पलीता लगा रही है और आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।

आजादी के 75 साल बाद भी जिले की तमाम सड़कें बारिश के मौसम में दलदल में तब्दील हो जाती हैं और लोगों को तहसील, ब्लाक और जिला मुख्यालय तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसी ही हालत इन दिनांे बिलगांव से पिस्टा, घनसौल आदि गांवों से होते हुए मुरवल को जोड़ने वाली सड़क का है। इस रास्ते से होकर ब्लाक और तहसील मुख्यालय को जाने वाले लोगों की हालत खराब है। मामूली बारिश में ही सड़क पर पड़ी मिट्‌टी दलदल का रूप ले लेती है और राह चलते लोग फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे उनके शारीरिक और आर्थिक चपत भी लगती है। 

ऐसे में लोग बारिश के मौसम में बहुत जरूरी काम होने पर भी मुख्यालय की ओर रुख करने से घबराने लगे हैं। आसपास के दर्जनभर गांवों को जोड़ने वाली इस सड़क पर बाइक या कार से जाने की कोशिश जानलेवा हो सकती है। हालांकि सूत्रों की मानें तो इस सड़क के निर्माण कार्य का प्रस्ताव पास हो चुका है, लेकिन अभी तक टेंडर नहीं हो सका। उधर पीडब्लूडी प्रांतीय खंड के अफसर भी यह तय नहीं कर पा रहे कि इस सड़क को किस निधि के अंतर्गत बनना है। 

कभी प्रधानमंत्री सड़क योजना तो कभी बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे की निर्माण इकाई का नाम बताकर ग्रामीणों को बरगलाने का प्रयास करते हैं। प्रधान प्रतिनिधि पिस्टा मोहनलाल अनुरागी, पूर्व प्रधान पिस्टा संकटा प्रसाद त्रिपाठी, पूर्व प्रधान घनसौल महेंद्र सिंह यादव, प्रधान प्रतिनिधि घनसौल मनीष राजपूत आदि ने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए इस सड़क मार्ग को दुरुस्त कराने की मांग की है। कहा है कि शीघ्र ही यदि सड़क मार्ग को दुरुस्त नहीं किया गया तो वह ग्रामीणों के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन को बाध्य होंगे।

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