बांदा : जिले में तेजी से फर्राटा भर रही डीएम की निरीक्षण एक्सप्रेस, कई पर कार्रवाई

महुआ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधिकारी समेत आठ कर्मचारियों का रोका वेतन

निरीक्षण में मिली खामियाें पर डीएम ने जताई नाराजगी, दुरुस्त करने की दी गई हिदायत

भास्कर न्यूज

बांदा। जिलाधिकारी अनुराग पटेल की निरीक्षण एक्सप्रेस एक बार फिर से पटरी पर दौड़ने लगी है। डीएम लगातार सरकारी कार्यालयों का निरीक्षण करके वहां व्यवस्थाएं परख रहे हैं और लोगों को मिलने वाली सुविधाओं को दुरुस्त कराने की कोशिश में जुटे हैं। डीएम की यह कार्यशैली से जहां अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं आम जनता उनके इस कदम की सराहना करते नहीं थक रही।

मंगलवार को जिलाधिकारी का काफिला सुबह 10 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महुआ पहुंच गया। जहां प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.देव तिवारी समेत महिला हेल्थ सुपरवाइजर शशिकला, स्टाफ नर्स पुष्पा सचान, बीपीएम प्रवीण कश्यप, ऑप्टोमेट्रिस्ट प्रवीण कुमार, वार्ड ब्वाय सुरेंद्र पाल सिंह अनुपस्थित पाए गए। चिकित्साधिकारी समेत पूरा स्टाफ अनुपस्थित मिलने पर डीएम का पारा सातवें आसमान पहुंच गया। उन्होंने तत्काल सभी कर्मचारियों का स्पष्टीकरण तलब करते हुए एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। डीएम ने स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्साधिकारी कक्ष, वैक्सीनेशन कक्ष, डॉट्स सेंटर, प्रसव केंद्र, महिला वार्ड, लेबर रूम, शौचालय आदि का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पूरे परिसर मंे गंदगी का अंबार मिला, जिस पर उन्होंने कड़ी फटकार लगाते हुए सफाई अभियान चलाने और सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की हिदायत दी। डीएम ने वैक्सीनेशन की कोल्ड चेन का भी सघन निरीक्षण किया। कोल्ड चेन कक्ष में रखे डीप फ्रीजरों का नियमित रखरखाव ठीक न मिलने पर हेल्थ वर्कर नीतेश गुप्ता का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए और डीप फ्रीजरों के तापमान की नियमित देखभाल करने की हिदायत दी। इसके बाद डीएम औषधि कक्ष में पहुंचे तो वहां स्टाक रजिस्टर में एक अप्रैल के बाद से अद्यतन नहीं पाया गया। जिस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए लापरवाह फार्मेसिस्ट सुशील कुमार तिवारी का स्पष्टीकरण तलब किया और एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। साथ ही हिदायत दी कि स्टाक रजिस्टर में सभी दवाओं का स्पष्ट लेखाजोखा दर्ज किया जाए।

डीएम ने तुर्रा प्राथमिक विद्यालय में लगाई क्लास


जिलाधिकारी अनुराग पटेल की निरीक्षण एक्सप्रेस से महुआ से चलकर नरैनी क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय तुर्रा द्वितीय में पहुंची, जहां डीएम ने कक्षा पांच के बच्चों की एक घंटे की क्लास ली। बच्चों को पहाड़ा, गिनती और सामान्य ज्ञान से संबंध में पढ़ाया और बाद में सवाल जवाब किए। विद्यालय की शिक्षा मित्र राजरानी के अनुपस्थित मिलने पर स्पष्टीकरण तलब किया और एक दिन का मानदेय रोक दिया। डीएम के निरीक्षण में सभी कक्षाओं में बच्चों की उपस्थिति कम रही, जिस पर डीएम ने प्रधानाध्यपक व शिक्षकों को हिदायत दी। कक्षा पांच के छात्र शिवशंकर, छात्रा काजल, अनीता, प्रिया, गीता से 16 का पहाड़ा सुना। वहीं बच्चों को प्रदेश के मुख्यमंत्री और राष्ट्रपति का नाम भी पता नहीं था। डीएम ने कक्षा पांच की हिंदी की किताब से एक पाठ लिखवाया, लेकिन छात्र शिवशंकर को छोड़कर कोई भी शुद्ध हिंदी नहीं लिख सका। डीएम ने विद्यालय में पठन पाठन की स्थित खराब मिलने पर शिक्षकों को कड़ी फटकार लगाई और एक माह के अंदर व्यवस्था में सुधार लाने की हिदायत दी। कहा कि शिक्षण कार्य की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

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