बांदा : दिव्यांग महिला चिकित्साधिकारी को कैद कर सील किया सरकारी आवास

नरैनी सीएचसी में आयुष विभाग में तैनात है चिकित्साधिकारी डा.स्नेहलता

एसडीएम ने चिकित्साधिकारी को बताया गलत, मुकदमा दर्ज करने के आदेश

नरैनी। कस्बा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा अधीक्षक व महिला आयुष चिकित्साधिकारी के बीच का विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। सरकारी आवास पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए चिकित्साधीक्षक ने दिव्यांग महिला चिकित्साधिकारी को उनके आवास में कैद करते हुए सरकारी सील लगा दी है। महिला सुबह से सरकारी आवास में कैद है और मदद की गुहार लगा रही है। उधर एसडीएम नरैनी रावेंद्र कुमार ने उल्टा महिला पर सरकारी आवास पर अनाधिकृत कब्जा करने का आरोप लगाया है। कहा है कि महिला चिकित्साधिकारी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरैनी में आयुष विभाग में तैनात चिकित्साधिकारी डा.स्नेहलता उस समय मुसीबत में फंस गई, जब सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डा.लवलेश पटेल ने उनके सरकारी आवास में गुरुवार की सुबह 11 बजे ताला डलवाकर सरकारी सील लगा दी। उन्होंने इस बात की भी परवाह नहीं की कि महिला चिकित्साधिकारी घर के अंदर कैद है। महिला चिकित्साधिकारी डा.स्नेहलता ने पूरा प्रकरण बताते हुए कहा कि आयुष विभाग में तैनाती के दौरान उन्हें ट्रेनिंग सेंटर में अावासीय व्यवस्था उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन सरकारी आदेश का हवाला देते हुए उनसे वह आवास खाली करवा लिया गया। इसके बाद तत्कालीन चिकित्साधीक्षक की मदद से उन्होंने दूसरे सरकारी आवास में अपना ठिकाना बना लिया। इसके पहले 30 जून को आवास के संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी और सीएमओ को पत्र भेजकर बताया है कि वह पैरों से दिव्यांग हैं और स्वास्थ्य केंद्र में अपने सरकारी आवास में रहती है। लेकिन चिकित्साधिक्षक डा.लवलेश सिंह अपने वर्चस्व को कायम करने के लिए उन पर आवास खाली करने को लेकर दबाव बना रहे हैं। गुरुवार को महिला चिकित्साधिकारी की बात पर मुहर लगाते हुए चिकित्साधिक्षक ने उन्हें सरकारी आवास के अंदर कैद कर दिया। उधर चिकित्साधिक्षक डा.पटेल का कहना है कि संविदा कर्मचारियों को सरकारी आवास उपलब्ध कराने का कोई प्रावधान नहीं है और महिला चिकित्साधिकारी अवैध तरीके से आवास पर कब्जा किए हुए है। उन्हें आवास खाली करने के लिए कई बार कहा जा चुका है। उनका कहना है कि महिला ने 27 जुलाई को ही पूर्व चिकित्साधीक्षक के खाली पड़े आवास पर कब्जा कर लिया है। बताया कि उन्होंने आवास का ताला अवैध तरीके से खुला पाए जाने पर ताला बंद करके सील कर दिया है।

मामले को लेकर एसडीएम रावेंद्र कुमार का कहना है कि महिला आयुष विभाग में संविदा पर कार्यरत है, ऐसे में उसे सरकारी आवास की सुविधा नहीं दी जा सकती। पहले वह ट्रेनिंग सेंटर में रहती थी। बताया कि महिला ने आवास में पीछे के रास्ते से घुस कर ड्रामा करने का प्रयास किया है। इस संबंध में सरकारी संपत्ति में कब्जा करने को लेकर महिला चिकित्साधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कार्रवाई की जाएगी।

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