बांदा : पेयजल संकट से परेशान लोगों ने स्टेट हाइवे पर लगाया जाम

सड़क पर खाली बाल्टी और डिब्बा रखकर किया विरोध-प्रदर्शन

नगर मजिस्ट्रेट के आश्वासन पर माने प्रदर्शनकारी

एक घंटे बाद लोगों ने खत्म किया जाम

भास्कर न्यूज

बांदा। पिछले कई दिनों से पेयजल संकट से जूझ रहे कांशीराम कालोनी व आसरा आवास योजना के लाभार्थियों ने बांदा-बहराइच स्टेट हाइवे पर खाली बाल्टी और डिब्बा समेत अन्य अवरोध लगाकर जाम लगा दिया। इस दौरान लोगों ने शासन और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जाम लगने से मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। जाम लगने की खबर मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंच गए। लगभग एक घंटे बाद सिटी मजिस्ट्रेट के आश्वासन पर लोगों ने जाम खत्म कर दिया।

कांशीराम कालोनी आसरा आवास के बांशिदों ने बताया कि यहां पर पिछले कई दिनों से जलापूर्ति न होने के कारण लोगों को पानी की गंभीर समस्या से जूझना पड़ रहा है। जल संस्थान को अगवत कराने के बाद भी जब पानी की आपूर्ति जारी नहीं हुई और लोगों को बूंद -बूंद पानी के लिए परेशान होना पड़ा तो विवश होकर जाम का रास्ता अख्तियार करना पड़ा। पिछले कई दिनों से व्याप्त पानी की गंभीर समस्या को लेकर मोहालवासियों में व्यापक आक्रोश व्याप्त हो गया और उन्होंने मंगलवार को बांदा-बहराइच स्टेट हाइव स्थित इंदिरा नगर के गेट नंबर एक के सामने खाली बाल्टी, टिन, डिब्बे रखकर जाम लगा दिया। जाम में महिलाओं ने मोहालवासियों के साथ सक्रिय भागीदारी की। राज्यमार्ग पर लगे जाम के कारण बसे समेत अनेक वाहन दोनों ओर फंस गए और इन वाहनों की लंबी कतारे लग गई। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे नगर मजिस्ट्रेट केशवनाथ गुप्त व सीओ सिटी ने जाम लगाए मोहालवासियों को समझाया और उन्होंने विभागीय अभियंता से बात की। जिस पर उन्होंने जल्द ही समस्या का समाधान किए जाने की बात कहीं। नगर मजिस्ट्रेट ने जाम लगाए मोहालवासियों को आश्वासन दिया कि 2-3 दिन में जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी। नगर मजिस्ट्रेट के इस आश्वासन के बाद मोहालवासियों ने अपना जाम समाप्त कर दिया। हालांकि मौके पर सिविल लाइन चौकी प्रभारी भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए थे। करीब एक घंटे के बाद राष्ट्रीय राज्यमार्ग पर यातायात बहाल हो सका।

डेढ़ माह से जलापूर्ति बाधित, गहराया पेयजल संकट

कमासिन कस्बे में जल संस्थान कर्मियों की लापरवाही के चलते पंद्रह हजार से अधिक की आबादी बूंद बूंद पानी को मोहताज है। कस्बे निवासी उपभोक्ता बबलू तिवारी, राजनरायन द्विवेदी, बच्छराज गुप्ता, गंगाधर गुप्ता, मोती यादव आदि ने बताया कि पिछले डेढ़ महीने से जलसंस्थान कर्मियों व अधिकारियों की लापरवाही के कारण पंद्रह हजार से ज्यादा आबादी पानी को तरस रही है। जलसंस्थान कर्मी जल जीवन मिशन योजना का कार्य कर रही कंपनी पर आरोप लगा कर अपने दायित्वों से पल्ला झाड़ रहे हैं। जबकि जल जीवन मिशन योजना अधिकारियों का कहना है कि पाइप लाइन मरम्मत के बाबत कई बार बुलाया गया, लेकिन जल संस्थान अधिकारियों ने कोई तवज्जो नहीं दी। जबकि अवर अभियंता कौशल कुमार का कहना है आधा दर्जन से ज्यादा स्थानों का काम देख रहे हैं। कस्बा में जलापूर्ति ठप होने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उपभेक्ता दूसरे के घरों में लगे सबमर्सिबल पंपों से पानी ढोने को मजबूर हैं। सरकारी हैंड पंपों पर लंबी लाइने लग रही हैं। 

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