बांदा : ऐतिहासिक घुम्मा तालाब के अस्तित्व पर मडरा रहा खतरा

डीएम के अभियान पर नगर पालिका लगा रही पलीता, गंदगी से पटा तालाब

कस्बा समेत आसपास के तालाबों के भीटों पर दबंगों ने किया अतिक्रमण

भास्कर न्यूज

अतर्रा, बांदा। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी व प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर जिलाधिकारी अनुराग पटेल तक जिले के तालाबों का अस्तित्व बचाने के लिए अभियान छेड़े हुए हैं, वहीं नगर पालिका के कर्मचारी मनमाना रवैया अपनाते हुए तालाबों का अस्तित्व मिटाने में जुटे हैं। कस्बे के प्रसिद्ध तीर्थ गौराबाबा धाम स्थित ऐतहासिक घुम्मा तालाब (राम सरोवर) के भीटा पर जहां दबंगों का कब्जा कायम है, वहीं तालाब गंदगी से पटा पड़ा है। तालाब का पानी किसी काम के लायक नहीं बचा। नगर पालिका का निगम बाबू जिलाधिकारी के आदेश को लगातार ठेंगा दिखा रहा है और मनमाने तरीके से दबंगों से मिलीभगत करके तालाब को अवैध अतिक्रमण का अड्‌डा बनाने में जुटा है। तालाब की दुर्दशा को देखकर कस्बे के लोगों में आक्रोश पनप रहा है।

आजादी के अमृत महोत्सव के तहत जिले के 85 तालाबों के सुंदरीकरण का बीड़ा उठाने वाले जिलाधिकारी अनुराग पटेल जहां तालाबों काे अतिक्रमण से मुक्त कराने और उनका अस्तित्व बचाने के लिए खुद तालाबों से जलकुंभी हटाने और सिर पर कचरा उठाकर तालाबों को नया स्वरूप देने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं अतर्रा तहसील क्षेत्र के तालाब आज भी अपनी दुर्दशा पर अांसू बहाने को मजबूर हैं। कस्बे समेत अासपास के लोगों के लिए आस्था का केंद्र गौराबाबा धाम जहां श्रद्धालुओं की आमद से गुलजार रहता है, वहीं गौराबाबा धाम में स्थित घुम्मा तालाब (राम सरोवर) अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। नगर पालिका की नाक के तले स्थित राम सरोवर में अवैध अतिक्रमण कारियों की चांदी है। तालाब के भीटों पर दबंगों ने अवैध तरीके से मिट्टी डाल कर अतिक्रमण कर रखा है, वहीं तालाब के दूसरे छोर पर लोगों ने उपले पाथने का काम शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं लाेग अपने घरों से निकलने वाला कचरा भी तालाब की गहराई में डालने लगे हैं। गौराबाबा धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं ने गंदगी से परेशान होकर कई बार नगर पालिका के सफाई व्यवस्था प्रभारी से शिकायत दर्ज कराई और तालाब की हालत सुधारने की मांग की, लेकिन वह अभी तक मामले के संज्ञान पर आने पर जांच का कोरा आश्वासन ही दे रहे हैं। सूत्रांे की मानें तो नगर पालिका का कथित निगम बाबू जांच के नाम अतिक्रमणकारियों से अवैध वसूली करके शिकायती पत्र रद्दी की टोकरी में डाल देता है। तालाब में व्याप्त अतिक्रमण और गंदगी से वहां धार्मिक आयोजन कराने वाले श्रद्धालुूओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन पालिका प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही। गौरा बाबा के महंत पुरुषोत्तम दास महाराज उर्फ मुन्ना भैया ने तालाब पर फैली गंदगी व दबंगों द्वारा डाली गई मिट्टी हटाने को लेकर कई बार आवाज उठाई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मोहल्ला वासी छोटू त्रिपाठी रामप्रकाश चंद्रशेखर आदि ने बताया कि कई बार पालिका में तालाब पर फैली गंदगी व अतिक्रमण के बारे में सूचना दे चुके हैं लेकिन देखने पालिका के कर्मचारियों को अतिक्रमणकारियों के घर पर चाय पीने और अवैध वसूली करने से फुरसत नहीं मिलती। उधर जब जिम्मेदार निगम बाबू से का कहना है कि तालाब में अतिक्रमण काे लेकर शिकायत मिली है, इस संबंध में जांच लंबित है। उनका कहना है कि जांच करने में समय लगता है, जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं अधिशासी अधिकारी राम सिंह ने कहा है कि तत्काल अतिक्रमण हटाया जाएगा, अगर कोई कर्मचारी अतिक्रमणकारियों से मिलीभगत का दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

समाजसेवी के स्वच्छता अभियान फिरा पानी

कस्बे के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल गौरा बाबा धाम के घुम्मा तालाब रामसरोवर में सफाई अभियान चलाकर साफ और स्वच्छ बनाने वाले अधिवक्ता सूरज बाजपेई ने आक्रोश जताते हुए कहा कि लगभग एक माह पहले समाजसेवियों व अधिवक्ताओं की मदद से श्रमदान कर तालाब की सफाई की गई थी। लेकिन डेढ़ माह बीत जाने पर पालिका प्रशासन ने उस सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कोई कार्य नहीं किया। एक सफाई से यहां कोई कर्मचारी एक दिन भी झाड़ू लगाने नहीं गया। कहा कि पालिका कार्यालय में सफाई व्यवस्था का प्रबंधन देख रहे संतोष निगम पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। नगर के तमाम तालाबों के अतिक्रमण की जानकारी के बावजूद अतिक्रमणकारियों से मोटी रकम वसूल करता है। उन्होंने जिलाधिकारी से कस्बे के तालाबों का रखरखाव और स्वच्छता अभियान चलाने की मांग की है।

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