बाराबंकी : दवाओं के अभाव में रिफर हो रहे मरीज़

रामसनेहीघाट बाराबंकी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में मरीज़ों लिए भले ही हर दवा पहुंचा रहा हो किंतु जिला मुख्यालय से ग्रामीण क्षेत्रों के सी एच सी स्वास्थ्य केंद्रों पर डिमांड के बावजूद भी दवा मुहाया नही करा रहा ऐसे में दवा इंजेक्शन के अभाव में मरीजों को जिला मुख्यालय भेजा जा रहा है।

       उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार का दावा है की मरीजों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए करोड़ों रुपए की दवा जनपद के हर सी एच सी केंद्रों तथा मुख्यालय पर भेज रही है किंतु जिला मुख्यालय की लापरवाही कहे या दवाओं का अभाव जिसके कारण मरीजों को ग्रामीण क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों पर दवा वा इंजेक्शन की कमी के चलते गंभीर मामला हो या नार्मल जिला रिफर कर रहे है। 

        सीएचसी बनिकोडर पर पर्याप्त स्नेक विनम के इंजेक्शन न होने के कारण चिकित्सको द्वारा मजबूरन मरीज को रेफर करना पड़ रहा है। वैसे तो आए दिन सांप काटने के मामले सीएचसी रामसनेहीघाट पर आया करते है और सीएचसी पर तैनात डॉक्टरों द्वारा पूरी ईमानदारी से मरीज का उपचार करके उसकी बचा लिए जाने के मामले मीडिया की सुर्खियां बन चुके है, विगत महीनों में कई ऐसे सांप काटने के मरीज सीएचसी रामसनेहीघाट पर लाये गए थे जिनकी बचने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही थी लेकिन उन्हें सीएचसी के चिकित्सकों द्वारा दर्जनों सांप काटने के इंजेक्शन लगाकर उसकी जान बचाकर एक परिवार को बिखरने से बचा चुके हैं। जनपद मुख्यालय की मनमानी पूरी तरह से हावी होती दिख रही है। जिले से 200 इंजेक्शन की डिमांड पर सिर्फ 5 इंजेक्शन ही दिए गए है, ऐसे में गंभीर स्थिति वाले मरीजों को पूरा उपचार न मिल पाने के कारण उन्हें चिकित्सकों द्वारा मजबूरन जिला मुख्यालय रेफर करना पड़ रहा है ऐसे में कभी कभी उपचार के आभाव में मरीज की जान भी जा सकती है। शनिवार की सुबह थाना असन्दरा जनपद बाराबंकी के लोधपुरवा गांव निवासी करीब 44 वर्षीय सुनीता पत्नी राजेश कुमार को किसी जहरीले जंतु ने काट लिया परिजनों के मुताबिक महिला को सांप ने काटा है जिसे तत्काल सीएचसी रामसनेहीघाट परिजन लेकर गए जहां पर चिकित्सको ने उपचार करना शुरू किया लेकिन 10 ही इंजेक्शन लगाकर उसे जिला अस्पताल के।लिए रेफर कर दिया गया, इसी प्रकार कोतवाली रामसनेहीघाट क्षेत्र के कस्बा सुमेरगंज निवासी करीब 32 वर्षीय कादिर पुत्र मोहम्मद रफीक को सांप ने काट लिया, परिजन तत्काल सीएचसी ले गए जिसे 3 इंजेक्शन स्नेक के लगाकर मजबूर होकर चिकित्सक ने इंजेक्शन के आभाव में जिला मुख्यालय रेफर कर दिया। 

इस संबंध में जब डॉ अमरेश वर्मा से बात की गई तो बताया गया कि वर्तमान समय में सांप काटने के बाद मरीजो का उपचार करने वाले इंजेक्शन कम मिल रहे है इंजेक्शन के आभाव में सांप काटने के मरीजो को जिला मुख्यालय भेजना पड़ रहा था, इससे पहले इंजेक्शन मौजूद रहते थे तो मरीजो को रेफर करने के बजाय उनक समुचित उपचार करके उनकी जान को बचाया जाता था। यह ऐसी सीएचसी है जहां पर अन्य क्षेत्रों भी सांप काटने के मरीज आते है जिनका उपचार किया जाता है। 

इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी राम जी वर्मा ने बताया कि इंजेक्शनों का आभाव नहीं है जहां पर कम इंजेक्शन भेजे गए हैं वहां पर्याप्त मात्रा में इंजेक्शन जल्द ही भेजे जाएंगे।

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