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	<title>उत्तराखंड &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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		<title>धामी कैबिनेट विस्तार के बाद विभाग बंटवारे पर टिकी नजरें, सियासी समीकरण होंगे तय, पुराने मंत्रियों के&#8230;.</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shanu]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 23 Mar 2026 01:35:19 +0000</pubDate>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-512231" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/03/1200-675-25573101-thumbnail-16x9-dddd.jpg" alt="" width="1200" height="675" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/03/1200-675-25573101-thumbnail-16x9-dddd.jpg 1200w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/03/1200-675-25573101-thumbnail-16x9-dddd-300x169.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/03/1200-675-25573101-thumbnail-16x9-dddd-1024x576.jpg 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/03/1200-675-25573101-thumbnail-16x9-dddd-768x432.jpg 768w" sizes="(max-width: 1200px) 100vw, 1200px" /></p>
<p>देहरादून  । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रिमंडल का विस्तार कर लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है, लेकिन इसके साथ ही राज्य की राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है। अब सबसे अहम चरण मंत्रियों के बीच विभागों के बंटवारे का है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। सत्ता के गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि मुख्यमंत्री किस मंत्री को कौन सा विभाग सौंपते हैं, क्योंकि यही फैसला सरकार के भीतर उनके प्रभाव और राजनीतिक कद को तय करेगा। विभागों का बंटवारा यह स्पष्ट करेगा कि कौन मंत्री प्रभावशाली भूमिका में रहेगा और किसे सीमित दायरे में काम करना होगा।</p>
<p>सरकार और संगठन में मंत्रियों की अहमियत का आकलन उनके पास मौजूद विभागों के आधार पर किया जाता है। पर्यटन, ऊर्जा, लोक निर्माण, शहरी विकास, समाज कल्याण, ग्राम्य विकास, आवास, गृह, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, परिवहन और शिक्षा जैसे विभागों को हमेशा से हाईप्रोफाइल माना जाता रहा है। इन विभागों की जिम्मेदारी संभालने वाले मंत्रियों को स्वाभाविक रूप से मजबूत और प्रभावशाली माना जाता है। फिलहाल इन प्रमुख विभागों का जिम्मा पुराने मंत्रियों के पास ही है। वर्ष 2023 में कैबिनेट मंत्री चंदनराम दास के निधन और मार्च 2025 में प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद उनके कई विभाग मुख्यमंत्री के पास ही हैं। हाल ही में मंत्रिमंडल में शामिल मदन कौशिक और खजान दास पहले भी कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं, जबकि भरत सिंह चौधरी, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा को पहली बार यह जिम्मेदारी मिली है। ऐसे में सभी नए और पुराने मंत्रियों की नजर अहम विभागों पर है। मुख्यमंत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती नए और अनुभवी चेहरों के बीच संतुलन बनाने की है, ताकि प्रशासनिक कार्यकुशलता के साथ-साथ स्पष्ट राजनीतिक संदेश भी दिया जा सके।</p>
<p>खासकर 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह फैसला और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। इसी बीच धामी सरकार के चार साल पूरे होने के अवसर पर 23 से 25 मार्च तक राज्यभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में विभागीय शिविरों के साथ सांस्कृतिक आयोजन भी शामिल होंगे। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों को इसके लिए आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही पुराने मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की संभावना भी जताई जा रही है। पिछले चार वर्षों से काम कर रहे मंत्रियों के प्रदर्शन की समीक्षा के बाद कुछ के विभाग बदले जा सकते हैं, जबकि कुछ को नए दायित्व भी दिए जा सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने उत्तराखंड की राजनीति में उत्सुकता और सरगर्मी दोनों बढ़ा दी है।</p>
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		<title>ट्रेफिक जाम को लेकर नया माडल होगा लागू, देहरादून में बनाए जाएंगे छह हाईटेक ट्रैफिक स्टेशन&#8230;जानिए क्या है मास्टर प्लान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shanu]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Mar 2026 05:06:43 +0000</pubDate>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-512136" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/03/fskotHgp2XHrRz_100102_news.jpg" alt="" width="1890" height="1246" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/03/fskotHgp2XHrRz_100102_news.jpg 1890w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/03/fskotHgp2XHrRz_100102_news-300x198.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/03/fskotHgp2XHrRz_100102_news-1024x675.jpg 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/03/fskotHgp2XHrRz_100102_news-768x506.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/03/fskotHgp2XHrRz_100102_news-1536x1013.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1890px) 100vw, 1890px" /></p>
<p>नई दिल्ली । देहरादून में ट्रैफिक जाम को लेकर ट्रैफिक प्रबंधन का नया माडल लागू कर रहा है। एक महीने की ग्राउंड स्टडी के बाद एसएसपी ने देश के बड़े महानगरों की तर्ज पर जिले के ट्रैफिक को नियंत्रित करने का फैसला लिया है। इसके तहत शहर के प्रमुख कोनों में छह हाईटेक ट्रैफिक स्टेशन बनाए जाएंगे, जहां ट्रैफिक इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी तैनात किए जाएंगे, जो जाम से निपटने के लिए मौके पर निर्णय ले सकेंगे, वहीं से सर्किल ड्यूटी और चालान की कार्रवाई का भी संचालन किया जाएगा। उनकी जवाबदेही सीधे तौर पर तय होगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नई योजना के तहत देहरादून शहर में चार, ऋषिकेश में एक और विकासनगर में एक ट्रैफिक स्टेशन बनाया जाएगा। इसके लिए तय स्थानों पर निर्माण व मौजूदा ढांचे के सौंदर्यीकरण का कार्य करने की तैयारी है।</p>
<p>मौजूदा समय में ट्रैफिक का संचालन शहर के बीचों-बीच स्थित ट्रैफिक ऑफिस से होता है, जहां से ट्रैफिक इंस्पेक्टर व अन्य कर्मियों को जाम वाली जगहों तक पहुंचने में कई बार समय लग जाता है। दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस-वे पूरी तरह संचालित होने के बाद ट्रैफिक कई गुना बढ़ने की आशंका है। इसको ध्यान में रखते हुए नई योजना लागू करने का फैसला लिया गया है। एसएसपी ने बताया कि सड़कों पर बेतरतीब खड़े वाहनों से निपटने के लिए संसाधनों को दोगुना किया जा रहा है। वर्तमान में शहर में केवल नौ टो-क्रेन हैं, जिन्हें बढ़ाकर 20 की जा रही है। हमारा लक्ष्य प्रतिदिन कम से कम 200 वाहनों को टो-क्रेन करने का है, जबकि अभी यह आंकड़ा केवल 19-20 तक ही सीमित है। इसके लिए ट्रैफिक स्टेशनों के आसपास ही जगहें चिन्हित कर ली गई हैं, जहां इन वाहनों को जमा किया जाएगा।</p>
<p>वहीं से निस्तारण की प्रक्रिया पूरी होने से लोगों को दूर भी नहीं जाना पड़ेगा। एसएसपी ने बताया कि एक ओर संसाधनों और इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने का खाका खींचा गया है, वहीं पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल सीमित मैनपावर को लेकर खड़ा है। वर्तमान में ट्रैफिक पुलिस पहले ही स्टाफ की कमी से जूझ रही है। ऐसे में छह नए सर्किल ऑफिस और 20 क्रेनों के सुचारू संचालन के लिए अतिरिक्त फोर्स की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती रहेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संसाधनों के विस्तार के साथ-साथ आवश्यक स्टाफ की पूर्ति की दिशा में भी काम किया जा रहा है। फिलहाल आंतरिक फेरबदल के जरिए नए स्टेशनों को पर्याप्त पुलिस बल मुहैया कराया जाएगा।</p>
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		<title>चारधाम यात्रा 2026 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू&#8230;..तीन तरीकों से घर बैठे कराएं पंजीकरण</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shanu]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 08 Mar 2026 01:36:04 +0000</pubDate>
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										<content:encoded><![CDATA[<p data-path-to-node="1"><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-511389" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/03/char-dham-yatra-2026-registration-1772868506071-1280x720-1.webp" alt="" width="1200" height="675" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/03/char-dham-yatra-2026-registration-1772868506071-1280x720-1.webp 1200w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/03/char-dham-yatra-2026-registration-1772868506071-1280x720-1-300x169.webp 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/03/char-dham-yatra-2026-registration-1772868506071-1280x720-1-1024x576.webp 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/03/char-dham-yatra-2026-registration-1772868506071-1280x720-1-768x432.webp 768w" sizes="(max-width: 1200px) 100vw, 1200px" /></p>
<p data-path-to-node="1"><b data-path-to-node="1" data-index-in-node="0">देहरादून।</b> देवभूमि उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध &#8216;चारधाम यात्रा 2026&#8217; का बिगुल बज चुका है। अगर आप भी बाबा केदार, बद्री विशाल या गंगोत्री-यमुनोत्री के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। प्रशासन ने यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए <b data-path-to-node="1" data-index-in-node="266">ऑनलाइन पंजीकरण (Registration)</b> की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बार भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के मद्देनजर सभी तीर्थयात्रियों के लिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य किया गया है।</p>
<h3 data-path-to-node="2">19 अप्रैल से शुरू होगी पावन यात्रा: जानें किस धाम के कपाट कब खुलेंगे?</h3>
<p data-path-to-node="3">इस साल चारधाम यात्रा का आगाज <b data-path-to-node="3" data-index-in-node="29">19 अप्रैल 2026</b> से होने जा रहा है। अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर सबसे पहले यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।</p>
<ul data-path-to-node="4">
<li>
<p data-path-to-node="4,0,0"><b data-path-to-node="4,0,0" data-index-in-node="0">यमुनोत्री और गंगोत्री धाम:</b> 19 अप्रैल 2026</p>
</li>
<li>
<p data-path-to-node="4,1,0"><b data-path-to-node="4,1,0" data-index-in-node="0">केदारनाथ धाम:</b> 22 अप्रैल 2026</p>
</li>
<li>
<p data-path-to-node="4,2,0"><b data-path-to-node="4,2,0" data-index-in-node="0">बद्रीनाथ धाम:</b> 23 अप्रैल 2026 (सुबह 6:15 बजे)</p>
</li>
</ul>
<p data-path-to-node="5">दिलचस्प बात यह है कि चमोली स्थित भगवान बद्री विशाल के कपाट पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 11 दिन पहले खुल रहे हैं। इसकी तिथि नरेंद्रनगर राजदरबार में पंचांग गणना के बाद तय की गई है।</p>
<h3 data-path-to-node="6">घर बैठे मोबाइल से ऐसे करें रजिस्ट्रेशन: ये हैं 3 आसान तरीके</h3>
<p data-path-to-node="7">श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सरकार ने तकनीक का सहारा लिया है। अब आप लंबी लाइनों में लगे बिना इन तीन तरीकों से अपना पंजीकरण कर सकते हैं:</p>
<ol start="1" data-path-to-node="8">
<li>
<p data-path-to-node="8,0,0"><b data-path-to-node="8,0,0" data-index-in-node="0">आधिकारिक वेबसाइट:</b> उत्तराखंड सरकार की पोर्टल पर जाकर अपना अकाउंट बनाएं और यात्रा विवरण भरकर &#8216;रजिस्ट्रेशन स्लिप&#8217; डाउनलोड करें।</p>
</li>
<li>
<p data-path-to-node="8,1,0"><b data-path-to-node="8,1,0" data-index-in-node="0">मोबाइल ऐप:</b> &#8216;टूरिस्ट केयर उत्तराखंड&#8217; (Tourist Care Uttarakhand) ऐप डाउनलोड कर आसानी से अपना पास प्राप्त करें।</p>
</li>
<li>
<p data-path-to-node="8,2,0"><b data-path-to-node="8,2,0" data-index-in-node="0">वॉट्सएप (WhatsApp):</b> सबसे आसान तरीका है वॉट्सएप। आपको बस <b data-path-to-node="8,2,0" data-index-in-node="56">8394833833</b> नंबर पर &#8220;Yatra&#8221; लिखकर मैसेज भेजना होगा, जिसके बाद चैटबॉट आपसे जरूरी जानकारी लेकर पंजीकरण पूरा कर देगा।</p>
</li>
</ol>
<h3 data-path-to-node="9">ऑफलाइन सुविधा और हेल्पलाइन नंबर</h3>
<p data-path-to-node="10">जिन यात्रियों के पास इंटरनेट या स्मार्टफोन की सुविधा नहीं है, उनके लिए सरकार ने <b data-path-to-node="10" data-index-in-node="80">17 अप्रैल</b> से हरिद्वार और ऋषिकेश सहित प्रमुख पड़ावों पर बायोमैट्रिक रजिस्ट्रेशन काउंटर खोलने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, किसी भी प्रकार की असुविधा या जानकारी के लिए आप हेल्पलाइन नंबर <b data-path-to-node="10" data-index-in-node="265">0135-1364</b> पर कॉल कर सकते हैं। यहां आपको यात्रा मार्ग, मौसम और व्यवस्थाओं से जुड़ी हर अपडेट मिलेगी।</p>
<p data-path-to-node="11">प्रशासन का कहना है कि अनिवार्य पंजीकरण से न केवल यात्रियों की संख्या को नियंत्रित किया जा सकेगा, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षा एजेंसियां तुरंत मदद पहुंचा सकेंगी। अतः सभी श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे निकलने से पहले अपना पंजीकरण जरूर सुनिश्चित कर लें।</p>
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		<title>चारधाम कोई पिकनिक स्पॉट नहीं&#8230;यहां केवल हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन को ही मिलेगी एंट्री</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shanu]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 29 Jan 2026 01:36:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[देहरादून]]></category>
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					<description><![CDATA[देहरादून । उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध चारधामों—बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच मंदिर समितियों ने अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) और गंगोत्री मंदिर समिति की ओर से कहा गया है कि इन पवित्र धामों में केवल उन्हीं लोगों को ... <a title="चारधाम कोई पिकनिक स्पॉट नहीं&#8230;यहां केवल हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन को ही मिलेगी एंट्री" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/the-char-dham-is-not-a-picnic-spot-only-hindus-sikhs-buddhists-and-jains-will-be-allowed-entry-here/" aria-label="Read more about चारधाम कोई पिकनिक स्पॉट नहीं&#8230;यहां केवल हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन को ही मिलेगी एंट्री">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1017" height="530" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/NdFwSc-tCz4CpfP_100106_news.jpg" alt="" class="wp-image-509788" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/NdFwSc-tCz4CpfP_100106_news.jpg 1017w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/NdFwSc-tCz4CpfP_100106_news-300x156.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/NdFwSc-tCz4CpfP_100106_news-768x400.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 1017px) 100vw, 1017px" /></figure>



<p>देहरादून । उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध चारधामों—बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच मंदिर समितियों ने अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) और गंगोत्री मंदिर समिति की ओर से कहा गया है कि इन पवित्र धामों में केवल उन्हीं लोगों को प्रवेश मिलेगा जो सनातन परंपरा और देवी-देवताओं में अटूट आस्था रखते हैं। इस निर्णय के तहत हिंदुओं के साथ-साथ सिख, जैन और बौद्ध धर्मावलंबियों को भी दर्शन की अनुमति होगी।</p>



<p>बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने इस फैसले को स्पष्ट करते हुए कहा कि केदारनाथ और बदरीनाथ धाम कोई पिकनिक स्पॉट या सामान्य पर्यटन स्थल नहीं हैं। ये सनातन परंपरा के सर्वोच्च आध्यात्मिक केंद्र हैं, जिनकी अपनी एक गरिमा और मर्यादा है। उन्होंने संवैधानिक तर्कों का हवाला देते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत सिख, जैन और बौद्ध धर्म को सनातन परंपरा का अभिन्न अंग माना गया है। वहीं, अनुच्छेद 26 धार्मिक संस्थाओं को अपनी परंपराओं, पूजा-पद्धति और अनुशासन की रक्षा करने का पूर्ण अधिकार प्रदान करता है।</p>



<p>द्विवेदी ने जोर देकर कहा कि यह निर्णय किसी विशेष समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि सदियों पुरानी आस्था, अनुशासन और धामों की शुद्धता को संरक्षित करने के लिए लिया गया है। उत्तराखंड में पर्यटन के लिए हजारों अन्य स्थल खुले हैं, लेकिन धामों की मूल धार्मिक पहचान और आध्यात्मिक स्वरूप से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंदिरों में गैर-हिंदुओं का प्रवेश पहले से ही प्रतिबंधित रहा है; यह कोई नया नियम नहीं बल्कि सदियों पुरानी परंपरा का औपचारिक ऐलान मात्र है।</p>



<p>जिस तरह मस्जिद और चर्च के अपने नियम और संस्कार होते हैं, उसी तरह हिंदू मंदिरों को भी अपनी पवित्रता तय करने का अधिकार है। गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने भी इसी सुर में अपनी बात रखते हुए कहा कि जो लोग हिंदू धर्म का सम्मान करते हैं और सनातन संस्कृति में विश्वास रखते हैं, उनका स्वागत है। विशेष रूप से सिख समाज के लोग जो हमेशा से हिंदू परंपराओं के करीब रहे हैं, वे दर्शन के लिए आ सकते हैं। वर्तमान में गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर समितियों ने गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध संबंधी औपचारिक प्रस्ताव भी पारित कर दिया है। इस निर्णय का उत्तराखंड की विभिन्न धार्मिक संस्थाओं और पुरोहित समाज ने स्वागत किया है। श्री केदार सभा और श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत सहित तमाम सनातन धर्मावलंबियों ने इसे धर्म की रक्षा के लिए लिया गया एक ऐतिहासिक कदम बताया है। स्थानीय तीर्थ पुरोहितों का मानना है कि धामों की दीक्षा और संप्रदाय आधारित व्यवस्था को बनाए रखना ही देवभूमि की असली पहचान है।</p>



<p>वक्फ बोर्ड ने फैसले का किया स्वागत<br>इस संवेदनशील मुद्दे पर उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने भी मंदिर समितियों के फैसले का स्वागत करते हुए पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने दो टूक कहा कि जिनकी देवी-देवताओं पर आस्था ही नहीं है, उनका चारधाम में आखिर क्या काम? शम्स ने कहा कि वर्तमान समय में सनातन संस्कृति पर वैश्विक स्तर पर प्रहार हो रहे हैं, ऐसे में इसे संरक्षित करने के लिए कड़े कदम उठाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री आस्था के केंद्र हैं, पर्यटन के केंद्र नहीं।</p>
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		<title>हरकी पैड़ी पर ‘अहिंदू प्रवेश निषेध’ के पोस्टर, उत्तराखंड में धार्मिक प्रवेश को लेकर विवाद तेज</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shanu]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 16 Jan 2026 07:57:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[देहरादून]]></category>
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					<description><![CDATA[-गंगा सभा ने की गैर-हिंदू पत्रकारों व सरकारी अधिकारियों की एंट्री पर भी रोक लगाने की मांग हरिद्वार । उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हरकी पैड़ी में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। घाटों की व्यवस्था देखने वाली संस्था गंगा सभा ने हरकी पैड़ी क्षेत्र में पोस्टर चस्पा कर दिए हैं, ... <a title="हरकी पैड़ी पर ‘अहिंदू प्रवेश निषेध’ के पोस्टर, उत्तराखंड में धार्मिक प्रवेश को लेकर विवाद तेज" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/non-hindus-not-allowed-posters-at-har-ki-pauri-controversy-over-religious-entry-intensifies-in-uttarakhand/" aria-label="Read more about हरकी पैड़ी पर ‘अहिंदू प्रवेश निषेध’ के पोस्टर, उत्तराखंड में धार्मिक प्रवेश को लेकर विवाद तेज">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="640" height="420" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/2026_1image_14_19_042510893w15-ll.jpg" alt="" class="wp-image-509256" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/2026_1image_14_19_042510893w15-ll.jpg 640w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/2026_1image_14_19_042510893w15-ll-300x197.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 640px) 100vw, 640px" /></figure>



<p> -गंगा सभा ने की गैर-हिंदू पत्रकारों व सरकारी अधिकारियों की एंट्री पर भी रोक लगाने की मांग</p>



<p>हरिद्वार । उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हरकी पैड़ी में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। घाटों की व्यवस्था देखने वाली संस्था गंगा सभा ने हरकी पैड़ी क्षेत्र में पोस्टर चस्पा कर दिए हैं, जिन पर साफ तौर पर लिखा है, कि ‘अहिंदू प्रवेश निषेध क्षेत्र’। ये पोस्टर अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन और समाज में नई बहस छिड़ गई है।</p>



<p>गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने मीडिया के सामने पोस्टर लगाए जाने का बचाव करते हुए कहा कि कानून और नियमों की जानकारी होना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक, किस क्षेत्र में क्या नियम लागू हैं, यह स्पष्ट होना चाहिए। हरकी पैड़ी क्षेत्र में पोस्टर इसी उद्देश्य से लगाए गए हैं, ताकि किसी तरह का भ्रम न रहे और धार्मिक मर्यादाओं का उल्लंघन न हो। गंगा सभा ने प्रशासन से मांग की है कि हरकी पैड़ी को सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र मानते हुए यहां 1916 के म्यूनिसिपल बायलॉज का सख्ती से पालन कराया जाए। संस्था का दावा है कि इन बायलॉज के तहत हरकी पैड़ी क्षेत्र में गैर-हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंधित है और वर्षों से इन नियमों का पालन नहीं हो पा रहा है। गंगा सभा का कहना है कि यदि नियम पहले से मौजूद हैं, तो उन्हें लागू करने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="360" height="270" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/3687d01b-49fd-49fe-b4c1-7ba856ec9a5e_1768532536.jpeg" alt="" class="wp-image-509257" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/3687d01b-49fd-49fe-b4c1-7ba856ec9a5e_1768532536.jpeg 360w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/3687d01b-49fd-49fe-b4c1-7ba856ec9a5e_1768532536-300x225.jpeg 300w" sizes="auto, (max-width: 360px) 100vw, 360px" /></figure>



<p>यही नहीं संस्था ने मांग करते हुए कहा है कि हरकी पैड़ी क्षेत्र में गैर-हिंदू पत्रकारों और सरकारी अधिकारियों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। गंगा सभा का तर्क है कि यह क्षेत्र केवल धार्मिक गतिविधियों के लिए है और यहां किसी भी प्रकार की गैर-धार्मिक या प्रशासनिक गतिविधि से सनातन परंपराओं की पवित्रता प्रभावित होती है।</p>



<p>यहां बताते चलें कि गंगा सभा की मांग केवल हरकी पैड़ी तक सीमित नहीं है। संस्था लगातार सरकार और जिला प्रशासन से हरिद्वार के अन्य प्रमुख घाटों जैसे ब्रह्मकुंड, मालवीय घाट और सुभाष घाट पर भी गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग कर रही है। हालांकि, इस मुद्दे पर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई औपचारिक बयान नहीं आया है। जानकारों का कहना है कि मामला संवेदनशील है और किसी भी निर्णय से पहले कानूनी और संवैधानिक पहलुओं पर विचार किया जाएगा। पोस्टर लगाए जाने के बाद अब निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।</p>



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		<item>
		<title>अंकिता भंडारी हत्याकांड: सरकार ने सीबीआई जांच के लिए भेजा पत्र, पूर्व विधायक नार्को टेस्ट के लिए तैयार</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/ankita-bhandari-murder-case-government-sends-letter-requesting-cbi-investigation-former-mla-ready-for-narco-test/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Shanu]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 13 Jan 2026 06:54:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[देहरादून]]></category>
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					<description><![CDATA[देहरादून । अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग और वीआईपी की भूमिका को लेकर जारी विवाद के बीच उत्तराखंड सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को सरकार ने इस संवेदनशील मामले की सीबीआई जांच के लिए औपचारिक पत्र भेज दिया है। वहीं पूर्व विधायक भी नार्को टेस्ट कराने के लिए सहमत हो ... <a title="अंकिता भंडारी हत्याकांड: सरकार ने सीबीआई जांच के लिए भेजा पत्र, पूर्व विधायक नार्को टेस्ट के लिए तैयार" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/ankita-bhandari-murder-case-government-sends-letter-requesting-cbi-investigation-former-mla-ready-for-narco-test/" aria-label="Read more about अंकिता भंडारी हत्याकांड: सरकार ने सीबीआई जांच के लिए भेजा पत्र, पूर्व विधायक नार्को टेस्ट के लिए तैयार">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="545" height="307" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/iug475uc_ankita-bhandari_625x300_06_January_26.webp" alt="" class="wp-image-509032" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/iug475uc_ankita-bhandari_625x300_06_January_26.webp 545w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/iug475uc_ankita-bhandari_625x300_06_January_26-300x169.webp 300w" sizes="auto, (max-width: 545px) 100vw, 545px" /></figure>



<p>देहरादून । अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग और वीआईपी की भूमिका को लेकर जारी विवाद के बीच उत्तराखंड सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को सरकार ने इस संवेदनशील मामले की सीबीआई जांच के लिए औपचारिक पत्र भेज दिया है। वहीं पूर्व विधायक भी नार्को टेस्ट कराने के लिए सहमत हो गए हैं। मुख्यमंत्री के सचिव शैलेश बगौली ने इस कदम की पुष्टि करते हुए बताया कि अंकिता के माता-पिता की भावनाओं और उनकी मांग का सम्मान करते हुए, विशेष रूप से उस वीआईपी की भूमिका की जांच का अनुरोध किया गया है जिसका नाम बार-बार इस प्रकरण में सामने आता रहा है। सरकार द्वारा भेजे गए इस पत्र में हत्याकांड का पूरा ब्योरा दिया गया है और केंद्रीय जांच एजेंसी से गहन पड़ताल का आग्रह किया गया है। उल्लेखनीय है कि अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और माता सोनी देवी ने हाल ही में देहरादून में मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी।</p>



<p>इस दौरान उन्होंने वीआईपी की संलिप्तता की जांच सीबीआई से और सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में कराने की गुहार लगाई थी। कानूनी पहलुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद, मुख्यमंत्री ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार अंकिता को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जांच की आंच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं दूसरी ओर, इस मामले से जुड़े एक कथित ऑडियो-वीडियो के वायरल होने के बाद कानूनी शिकंजा कसता नजर आ रहा है। इस प्रकरण में आरोपों के घेरे में आए पूर्व विधायक सुरेश राठौर सोमवार देर रात नेहरू कॉलोनी थाने पहुंचे, जहां पुलिस अधिकारियों ने उनसे लंबी पूछताछ की। पुलिस का मुख्य ध्यान उस ऑडियो क्लिप पर रहा जिसमें कथित तौर पर पूर्व विधायक की आवाज होने का दावा किया जा रहा है। पूछताछ के दौरान राठौर ने स्वीकार किया कि आवाज उनकी हो सकती है, लेकिन उन्होंने तर्क दिया कि उस समय वे पूरी तरह होश में नहीं थे।</p>



<p>उन्होंने स्वास्थ्य कारणों और नींद की दवाओं के सेवन का हवाला देते हुए कहा कि यह बातचीत उनकी सहमति के बिना रिकॉर्ड की गई थी, इसलिए इसे प्रमाणित नहीं माना जाना चाहिए। पुलिस प्रशासन पूर्व विधायक के जवाबों से पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आया, जिसके बाद जांच को वैज्ञानिक दिशा देने की कवायद शुरू की गई। पुलिस ने सुरेश राठौर के सामने वॉयस सैंपल देने और नार्को टेस्ट कराने का विकल्प रखा। पूर्व विधायक ने नार्को टेस्ट के लिए अपनी लिखित सहमति दे दी है। अब पुलिस फॉरेंसिक लैब के माध्यम से आवाज के मिलान और नार्को टेस्ट की प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाएगी। सरकार और पुलिस दोनों ही इस मामले में निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच का भरोसा दे रहे हैं, ताकि लंबे समय से चले आ रहे इस हत्याकांड के रहस्य से पर्दा उठ सके और असल दोषियों को कानून के कठघरे में खड़ा किया जा सके।</p>
]]></content:encoded>
					
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		<title>चमोली में दर्दनाक हादसा : विष्णुगढ़ जल विद्युत परियोजना में लोको ट्रेनों की टक्कर, मचा हड़कम</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/tragic-accident-in-chamoli-two-loco-trains-collide-at-the-vishnuprayag-hydroelectric-project-causing-chaos/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Shanu]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 31 Dec 2025 01:36:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[चमोली]]></category>
		<category><![CDATA[देहरादून]]></category>
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					<description><![CDATA[चमोली, 30 दिसंबर 2025 (हि.स.)। उत्तराखंड के जनपद चमोली के पीपलकोटी स्थित निर्माणाधीन टीएचडीसी विष्णुगढ़ जल विद्युत परियोजना की टीबीएम (टनल बोरिंग मशीन) साइट पर मंगलवार को शिफ्ट परिवर्तन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। टनल के भीतर मजदूरों को लाने-ले जाने वाली दो लोको ट्रेनें आपस में टकरा गईं, जिससे 60 मजदूर घायल हो ... <a title="चमोली में दर्दनाक हादसा : विष्णुगढ़ जल विद्युत परियोजना में लोको ट्रेनों की टक्कर, मचा हड़कम" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/tragic-accident-in-chamoli-two-loco-trains-collide-at-the-vishnuprayag-hydroelectric-project-causing-chaos/" aria-label="Read more about चमोली में दर्दनाक हादसा : विष्णुगढ़ जल विद्युत परियोजना में लोको ट्रेनों की टक्कर, मचा हड़कम">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="570" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/42a758a121d56016424c0b862a13dc21_1084973307-1024x570.jpg" alt="" class="wp-image-508400" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/42a758a121d56016424c0b862a13dc21_1084973307-1024x570.jpg 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/42a758a121d56016424c0b862a13dc21_1084973307-300x167.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/42a758a121d56016424c0b862a13dc21_1084973307-768x428.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/42a758a121d56016424c0b862a13dc21_1084973307.jpg 1284w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>चमोली, 30 दिसंबर 2025 (हि.स.)। उत्तराखंड के जनपद चमोली के पीपलकोटी स्थित निर्माणाधीन टीएचडीसी विष्णुगढ़ जल विद्युत परियोजना की टीबीएम (टनल बोरिंग मशीन) साइट पर मंगलवार को शिफ्ट परिवर्तन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। टनल के भीतर मजदूरों को लाने-ले जाने वाली दो लोको ट्रेनें आपस में टकरा गईं, जिससे 60 मजदूर घायल हो गए।</p>



<p>हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार एवं पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायलों का हालचाल जाना और चिकित्सकों को सभी घायलों को बेहतर एवं त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।</p>



<p>जिलाधिकारी ने बताया कि प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना के समय लगभग 100 लोग मौके पर मौजूद थे, जिनमें से करीब 60 लोग घायल हुए हैं। इनमें 42 घायल मजदूरों का उपचार जिला अस्पताल गोपेश्वर में और 17 घायल मजदूरों का उपचार स्वामी विवेकानंद अस्पताल, पीपलकोटी में किया जा रहा है। अन्य लोगों की स्थिति सामान्य बताई गई है।</p>



<p>प्रशासन के अनुसार सभी घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर है तथा जिला प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी रखी जा रही है।</p>
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		<title>उत्तराखंड में दर्दनाक हाड़सा : अल्मोड़ा में खाई में गिरी बस, सात की माैत व 12 घायल</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/tragic-accident-in-uttarakhand-bus-falls-into-a-gorge-in-almora-seven-dead-and-12-injured/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Shanu]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 30 Dec 2025 08:03:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[देहरादून]]></category>
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					<description><![CDATA[अल्माेड़ा । उत्तराखंड राज्य के अल्माेड़ा जिले में भिकियासैंण के सिलापानी में एक बस गहरी खाई में गिरने से सात लाेगाें की माैत हाे गई, जबकि 12 लाेग घायल हुए हैं। घायलाें काे भिकियासैंण के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गंभीर रूप से दो घायलों को रामनगर रैफर किया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर ... <a title="उत्तराखंड में दर्दनाक हाड़सा : अल्मोड़ा में खाई में गिरी बस, सात की माैत व 12 घायल" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/tragic-accident-in-uttarakhand-bus-falls-into-a-gorge-in-almora-seven-dead-and-12-injured/" aria-label="Read more about उत्तराखंड में दर्दनाक हाड़सा : अल्मोड़ा में खाई में गिरी बस, सात की माैत व 12 घायल">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="705" height="852" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/5ff12e9ebb5d0cd8cb88d423342380aa_1798931657.jpg" alt="" class="wp-image-508359" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/5ff12e9ebb5d0cd8cb88d423342380aa_1798931657.jpg 705w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/5ff12e9ebb5d0cd8cb88d423342380aa_1798931657-248x300.jpg 248w" sizes="auto, (max-width: 705px) 100vw, 705px" /></figure>



<p>अल्माेड़ा । उत्तराखंड राज्य के अल्माेड़ा जिले में भिकियासैंण के सिलापानी में एक बस गहरी खाई में गिरने से सात लाेगाें की</p>



<p>माैत हाे गई, जबकि 12 लाेग घायल हुए हैं। घायलाें काे भिकियासैंण के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गंभीर रूप से दो घायलों को रामनगर रैफर किया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुर्घटना पर दुख जताया। उन्हाेंने पीड़िताें की हरसंभव मदद करने और जरूरत पड़ने पर</p>



<p>घायलाें काे एयर लिफ्ट कर ऋषिकेश एम्स भिजवाने के निर्देश दिए हैं।</p>



<p>एसएसपी देवेन्द्र पींचा ने बताया कि एक प्राइवेट बस संख्या द्वाराहाट से रामनगर जा रही थी। भिकियासैंण के सिलापानी में बस अनियंत्रित हाेकर एक गहरी खाई में गिर गई। सूचना मिलने पर पुलिस और एसडीआरएफ ने त्वरित रेस्क्यू अभियान चलाया और लाेगाें काे खाई से निकाला। इस</p>



<p>दुर्घटना में सात लाेगाें की माैत हाे गई। इनमें चार पुरुष और तीन महिलाएं हैं। पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान जमोली निवासी गोविन्द बल्लभ पुत्र कुलमणि मठपाल (80 वर्ष), उनकी पत्नी पार्वती देवी (75 वर्ष), जमोली के ही सूबेदार नन्दन सिंह पुत्र भूपाल सिंह अधिकारी, (65वर्ष), बाली निवासी तारा देवी पत्नी महेश चन्द् (50 वर्ष), गणेश पुत्र भीमबहादुर, (25 वर्ष), उमेश (25वर्ष) और घुघुती द्वाराहाट निवासी गोविन्दी देवी पत्नी हरी सिंह (58 वर्ष) की मौत हो गई।</p>



<p>इनके अलावा 10 पुरुष और दाे महिलाएं सहित 12 लोग घायल हो हुए हैं। घायलों में नौगाड़ निवासी नन्दा बल्लभ पुत्र सदानन्द, उम्र 50 वर्ष, राकेश कुमार पुत्र महावीर प्रसाद, उम्र 55 वर्ष निवासी जीआईसी द्वाराहाट, नंदी देवी पत्नी देवेंद्र सिंह, उम्र 40 वर्ष, निवासी नौगाड़, हंसी सती पत्नी रमेश चन्द्र, उम्र 36 वर्ष, निवासी सिंगोली, मोहित सती उम्र 16 वर्ष, निवासी नौघर, बुधि बल्लभ भगत उम्र 58 वर्ष, निवासी अमोली,नरेश चन्द्र, उम्र 62 वर्ष, निवासी पाली, भूपेन्द्र सिंह अधिकारी, उम्र 64 वर्ष, निवासी जमोली, जितेन्द्र रेखाड़ी, उम्र 37 वर्ष, निवासी विनायक, नवीन चन्द्र पुत्र दुर्गादत्त तिवाड़ी, उम्र 55 वर्ष, ड्राइवर, हिमांशु पालियाल पुत्र महेश चन्द्र पालियाल, उम्र 17 वर्ष,प्रकाश चन्द्र पुत्र रामदत्त, उम्र 43 वर्ष, निवासी चचरोटी (सिमालदे) शामिल हैं। इनमें नंदी देवी और राकेश कुमार को रामनगर रैफर किया गया है। बस में 19 लोग सवार थे।</p>



<p>जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर गहरा दुख जताया है साथ ही घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और गंभीर घायलों को एअर लिफ्ट कर हायर सेंटर भेजने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार गंभीर घायलों को एअरलिफ्ट कर ऋषिकेश एम्स भेजने की व्यवस्था की जा रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
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		<item>
		<title>देहरादून हत्याकांड: एंजेल के पिता ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर उठाए सवाल, आरोपी का नेपाल कनेक्शन उजागर !</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/dehradun-murder-case-angels-father-raises-questions-about-the-post-mortem-report-accuseds-nepal-connection-revealed/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Shanu]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 29 Dec 2025 07:44:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[देहरादून]]></category>
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					<description><![CDATA[त्रिपुरा के एक 24 साल के युवा छात्र एंजेल चकमा की देहरादून में दर्दनाक मौत हो गई. यह घटना नस्लीय भेदभाव और हिंसा की वजह से हुई, जिसने पूरे पूर्वोत्तर भारत में गुस्सा और दुख की लहर पैदा कर दी है. एंजेल चकमा त्रिपुरा के उनाकोटी जिले के नंदनगर गांव के रहने वाले थे. वे देहरादून ... <a title="देहरादून हत्याकांड: एंजेल के पिता ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर उठाए सवाल, आरोपी का नेपाल कनेक्शन उजागर !" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/dehradun-murder-case-angels-father-raises-questions-about-the-post-mortem-report-accuseds-nepal-connection-revealed/" aria-label="Read more about देहरादून हत्याकांड: एंजेल के पिता ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर उठाए सवाल, आरोपी का नेपाल कनेक्शन उजागर !">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p> <img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-7147" src="https://voiceofindia.online/wp-content/uploads/2025/12/162071-2025-12-29t092311285-1024x576.webp" alt="" width="618" height="348" /></p>
<p><b><span style="color: #ff0000;">त्रिपुरा </span></b>के एक 24 साल के युवा छात्र एंजेल चकमा की देहरादून में दर्दनाक मौत हो गई. यह घटना नस्लीय भेदभाव और हिंसा की वजह से हुई, जिसने पूरे पूर्वोत्तर भारत में गुस्सा और दुख की लहर पैदा कर दी है. एंजेल चकमा त्रिपुरा के उनाकोटी जिले के नंदनगर गांव के रहने वाले थे. वे देहरादून में एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी में एमबीए की अंतिम साल की पढ़ाई कर रहे थे. उनकी मौत 25 या 26 दिसंबर 2025 को अस्पताल में इलाज के दौरान हुई. इससे पहले 9 दिसंबर 2025 को देहरादून के सेलाकुई इलाके में उन पर हमला हुआ था.</p>
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<p>एंजेल के पिता तरुण प्रसाद चकमा, जो बीएसएफ में जवान हैं, बहुत दुखी हैं. उन्होंने कहा कि उनका बेटा सिर्फ सब्जी खरीदने गया था, लेकिन नस्लीय गालियों का विरोध करने पर उसे मार डाला गया. वे नहीं चाहते कि पूर्वोत्तर का कोई और बच्चा ऐसी घटना का शिकार बने. उन्होंने उत्तराखंड सरकार से पूर्वोत्तर के छात्रों की सुरक्षा बढ़ाने की अपील की. पिता ने पोस्टमार्टम पर भी सवाल उठाए और जल्द न्याय की मांग की. पूर्वोत्तर के छात्र संगठनों ने प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं.</p>
<p>&nbsp;</p>
<h3><b>मजबूत कानून बनाने की मांग</b></h3>
<p>वे नस्लीय घृणा अपराधों के खिलाफ पूरे देश में एक मजबूत कानून बनाने की मांग कर रहे हैं. वे कहते हैं कि पूर्वोत्तर के लोग बाहर पढ़ाई या नौकरी करने जाते हैं, लेकिन अक्सर ऐसे भेदभाव का सामना करते हैं. यह घटना हमें याद दिलाती है कि नस्लीय भेदभाव कितना खतरनाक हो सकता है. एंजेल जैसे युवा सिर्फ बेहतर भविष्य के लिए पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन एक छोटी सी बात ने उनकी जिंदगी छीन ली. उम्मीद है कि दोषी जल्द सजा पाएं और पूर्वोत्तर के लोगों के लिए सुरक्षित माहौल बने. एंजेल के परिवार को इस दुख की घड़ी में बहुत हिम्मत मिले.</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="en" dir="ltr"><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f6a8.png" alt="🚨" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" />Dehradun, Uttarakhand</p>
<p>&gt;Anjel Chakma, a 24-year-old MBA student from Tripura<br />&gt;He was studying at a university in Dehradun<br />&gt;He went out to buy groceries with his brother<br />&gt;A group of men began hurling racist &amp; derogatory slurs.<br />&gt;They referred to them using insulting terms as they… <a href="https://t.co/66TbbBxtru">pic.twitter.com/66TbbBxtru</a></p>
<p>&mdash; Mohit Chauhan (@mohitlaws) <a href="https://twitter.com/mohitlaws/status/2005285079510327482?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">December 28, 2025</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h3><b>सरकार और नेताओं की प्रतिक्रिया</b></h3>
<p>उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना को बहुत गंभीरता से लिया है. उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसी घटनाएं बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएंगी. अराजक तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. राज्य में रहने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है. सीएम धामी ने एंजेल के परिवार को सांत्वना दी और फरार आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए. त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने भी उत्तराखंड सीएम से बात की और न्याय की मांग की. उन्होंने कहा कि दोषियों को सजा मिलनी चाहिए.</p>
<h3><b>घटना कैसे हुई?</b></h3>
<p>9 दिसंबर की शाम को एंजेल अपने छोटे भाई माइकल चकमा के साथ सेलाकुई बाजार में सब्जी या घर का सामान खरीदने गए थे. वहां कुछ स्थानीय युवक नशे में थे और वे बर्थडे की पार्टी मना रहे थे. इन युवकों ने एंजेल और माइकल को देखकर नस्लीय गालियां दी. उन्हें &#8220;चीनी&#8221;, &#8216;चिंकी&#8217;, &#8216;मोमो&#8217; जैसे अपमानजनक शब्द कहे. पूर्वोत्तर के लोगों को अक्सर उनकी आंखों और चेहरे की बनावट की वजह से ऐसे अपशब्द सुनने पड़ते हैं. एंजेल ने शांतिपूर्वक इसका विरोध किया. उन्होंने कहा, &#8216;हम चीनी नहीं हैं, हम भारतीय हैं. हमें यह साबित करने के लिए कौन सा प्रमाण पत्र दिखाना पड़ेगा? लेकिन इसके बजाय स्थिति और बिगड़ गई. आरोपियों ने दोनों भाइयों पर हमला कर दिया. एक आरोपी ने माइकल के सिर पर भारी कड़ा (ब्रेसलेट) से मारा. एंजेल जब अपने भाई को बचाने आए, तो मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी ने उन पर चाकू से कई बार वार किए. चाकू गर्दन, सिर, पीठ और रीढ़ की हड्डी पर लगा. एंजेल गंभीर रूप से घायल हो गए और वहीं गिर पड़े. माइकल ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन 16-17 दिनों तक जिंदगी और मौत से लड़ने के बाद एंजेल की मौत हो गई. माइकल भी घायल हुए, लेकिन उनकी हालत अब ठीक है</p>
<h3><b>पुलिस ने क्या कार्रवाई की?</b></h3>
<p>पुलिस ने माइकल की शिकायत पर मामला दर्ज किया. पहले हमले और घायल करने के आरोप लगे, लेकिन एंजेल की मौत के बाद हत्या का केस जोड़ दिया गया. कुल छह आरोपियों में से पांच को गिरफ्तार कर लिया गया है. इनमें दो नाबालिग हैं, जिन्हें बाल सुधार गृह भेजा गया है. बाकी तीन को जेल भेजा गया है. मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी नेपाल का रहने वाला है. वह घटना के बाद फरार हो गया और पुलिस को शक है कि वह नेपाल भाग गया. उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है. पुलिस की एक टीम नेपाल गई है और दूसरी टीम हरिद्वार में तलाश कर रही है, क्योंकि वह पहले हरिद्वार में पढ़ाई कर रहा था. नेपाल पुलिस से भी मदद मांगी गई है. उत्तराखंड पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी जल्द पकड़ा जाएगा.</p>
<p>&nbsp;</p>
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			</item>
		<item>
		<title>देहरादून में त्रिपुरा के छात्र की हत्या: 17 दिन अस्पताल में जिंदगी–मौत से जूझने के बाद तोड़ा दम&#8230;</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/tripura-student-murdered-in-dehradun-he-succumbed-to-his-injuries-after-battling-for-his-life-for-17-days-in-the-hospital/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Shanu]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 29 Dec 2025 07:09:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[देहरादून]]></category>
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					<description><![CDATA[देहरादून/त्रिपुरा । उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में त्रिपुरा के एक छात्र की हत्या के मामले में चौंकाने वाले नए खुलासे सामने आए हैं। 24 वर्षीय अंजेल चकमा, जो देहरादून में एमबीए के अंतिम वर्ष का छात्र था, पर चाकू और लोहे के कड़े (कड़ा) से जानलेवा हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल अंजेल ... <a title="देहरादून में त्रिपुरा के छात्र की हत्या: 17 दिन अस्पताल में जिंदगी–मौत से जूझने के बाद तोड़ा दम&#8230;" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/tripura-student-murdered-in-dehradun-he-succumbed-to-his-injuries-after-battling-for-his-life-for-17-days-in-the-hospital/" aria-label="Read more about देहरादून में त्रिपुरा के छात्र की हत्या: 17 दिन अस्पताल में जिंदगी–मौत से जूझने के बाद तोड़ा दम&#8230;">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/tripura-student-1766936043992-1024x576.webp" alt="" class="wp-image-508277" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/tripura-student-1766936043992-1024x576.webp 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/tripura-student-1766936043992-300x169.webp 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/tripura-student-1766936043992-768x432.webp 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/tripura-student-1766936043992.webp 1200w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<ul class="wp-block-list">
<li>एफआईआर दर्ज करने में देरी का आरोप</li>



<li>नस्लीय भेदभाव पर भी गंभीर सवाल</li>
</ul>



<p>देहरादून/त्रिपुरा । उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में त्रिपुरा के एक छात्र की हत्या के मामले में चौंकाने वाले नए खुलासे सामने आए हैं। 24 वर्षीय अंजेल चकमा, जो देहरादून में एमबीए के अंतिम वर्ष का छात्र था, पर चाकू और लोहे के कड़े (कड़ा) से जानलेवा हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल अंजेल ने 17 दिन तक अस्पताल में इलाज के दौरान जिंदगी और मौत से संघर्ष किया, लेकिन 26 दिसंबर को उसने दम तोड़ दिया।</p>



<p>यह घटना 9 दिसंबर को देहरादून के सेलाकुई इलाके में हुई। जानकारी के अनुसार, अंजेल अपने छोटे भाई माइकल चकमा के साथ था, तभी छह युवकों के एक समूह ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने पहले माइकल पर नस्लीय टिप्पणी की। जब अंजेल ने अपने भाई का बचाव किया, तो हमलावरों ने उस पर बेरहमी से हमला कर दिया।</p>



<p>जांच में सामने आया है कि अंजेल पर चाकुओं के साथ-साथ एक लोहे के कड़े से भी वार किया गया। सीएनएन-न्यूज़18 के मुताबिक, पुलिस के पास वह कड़ा भी मौजूद है, जिसका इस्तेमाल हमले में किया गया था। अंजेल के सिर, गर्दन और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। उसके पिता तरुण चकमा ने बताया कि हमले में अंजेल की गर्दन टूट गई थी, जो अंततः उसकी मौत का कारण बनी। तरुण चकमा, जो बीएसएफ में जवान हैं और मणिपुर में तैनात हैं, ने इस हमले को बेहद क्रूर बताया। उन्होंने कहा, “मेरे बेटे ने अपने भाई को बचाने की कोशिश की, लेकिन उसे बेरहमी से पीटा गया। मैंने अपना बेटा खो दिया है, अब उसे न्याय मिलना चाहिए।”</p>



<p>पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने तुरंत शिकायत दर्ज नहीं की। तरुण चकमा के अनुसार, पुलिस ने दो से तीन दिन तक एफआईआर दर्ज करने से इनकार किया। बाद में ऑल इंडिया चकमा स्टूडेंट्स यूनियन और वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही मामला दर्ज हुआ।<br>उत्तराखंड पुलिस ने इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन वयस्क सूरज ख्वास (22) निवासी मणिपुर, अविनाश नेगी (25) और सुमित (25) शामिल हैं। इसके अलावा दो नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया है। एक अन्य आरोपी नेपाल भागने में सफल रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है और एक टीम नेपाल भेजी गई है।</p>



<p>17 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद अंजेल चकमा की 26 दिसंबर को मौत हो गई। उसका अंतिम संस्कार त्रिपुरा के उनाकोटी जिले के मछमारा गांव में किया गया। इस घटना के बाद त्रिपुरा और देश के अन्य हिस्सों में न्याय की मांग तेज हो गई है। लोग आरोपियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग कर रहे हैं।</p>
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