बिल्डर द्वारा सोसाइटी में आवश्यक सुविधाएं न देने पर जिला अधिकारी से की शिकायत

कॉलोनी वासियो ने बिल्डर पर लगाया दोखादडी का आरोप

भास्कर समाचार सेवा

मथुरा। चंदा ग्रीन सोसाइटी की व्यवस्थाओं के संचालन से पहले बिल्डर द्वारा सोसायटी में आवश्यक सुविधायें देने,अधूरे कार्यों को पूरा कराने एवं माधव इंफ्राटेक कंपनी के पास बचे हुए फंड को सोसाइटी के खाते में स्थानांतरित कराने के लिए शुक्रवार को जिला अधिकारी कार्यालय पहुंच कर ज्ञापन दिया।जिसकी जांच के लिए अपर जिला अधिकारी ने आदेश कर दिए हैं। चंदा ग्रीन्स सोसाइटी ट्रांसपोर्ट नगर मथुरा सोसाइटी का निर्माण माधव इंफ्राटेक कंपनी ने कराया है।सोसाइटी आज भी बिल्डर के अधीन है।इस सोसाइटी में काफी लोग वरिष्ठ नागरिक हैं जिन्होंने अपने जीवन की पूरी कमाई इसमें लगा दी है लेकिन सोसाइटी के हालात देख कर हम अपने को ठगा ठगा सा महसूस करते हैं। सोसाइटी में अग्नि शमन सिस्टम के नाम पर कहीं कहीं सांकेतिक ढांचे लगे हुए हैं वे चालू हालत में नही हैं। यदि कभी घटना हुई तो सोसाइटी के लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। कॉलोनी के मुख्य द्वार के पास सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के नाम पर एक ढांचा खड़ा है वह भी चालू हालत में नहीं है। सोसाइटी के सीवेज का गंदा पानी पंप सेटों से बाहर फेंका जाता है। इससे वायु प्रदूषण के साथ ध्वनि प्रदूषण भी होता है। बिल्डर के द्वारा एक सोसायटी ऑफिस बनाकर देना चाहिए था लेकिन कोई ऑफिस नहीं बनाया।कॉलोनी के अधूरे एवं वायदा किए गए कार्य। कॉलोनी के अधूरे अथवा वायदा किए कार्यों की सूची चंदा ग्रीन वासियों ने बिल्डर को एक साल पहले ही दे दी थी लेकिन कोई कार्य नहीं किया। सभी कार्य जस की तस हैं कई बार समय समय पर बिल्डर को कार्यों को पूरा कराने हेतु आग्रह करते रहे और बिल्डर हम को झूठे आश्वासन देते रहे। कुछ कार्य जैसे रोड लाइट के टूटे हुए खम्बों को ठीक कराना। जर्जर एवं टूटी हुई बाउंड्री वॉल की मरम्मत कराना एवं उस पर कांटे दार तारों को लगवाना।सोसाइटी की सड़कों पर जल भराव की समस्या का निराकरण कराना। जिम को चालू करवाना। क्लब हाउस के आस पास उखड़े हुए फर्श की मरम्मत कराना। किड्स पूल की मरम्मत करवाना।चिल्ड्रेन पार्क में पर्याप्त मात्रा में झूले आदि लगवाना । हाई रेजोल्यूशन कैमरे लगवाना। डक्टो की स्थिति में सुधार कराना। बिल्डर द्वारा ग्राहकों को प्रलोभन देकर गुमराह करना | बिल्डर ने सोसायटी की सुरक्षा एवं रखरखाव के नाम पर 1BHK वाले फ्लैट स्वामियों से चालीस हजार रूपये, 2BHK वालों से पैंशठ हजार रूपये एवं 3BHK वालों से अस्सी हजार रुपए एक मुस्त यह कहकर लिए थे कि यह फंड वन टाइम इन्वेस्टमेंट होगा इससे सोसाइटी का दीर्घ कालीन संचालन होता रहेगा अलग से मासिक पैसा देने की आवश्यकता नहीं है। इस प्रलोभन में आकर लोगों ने यहां फ्लैट खरीदे । माधव इंफ्राटेक से बचे हुए फंड को सोसाइटी के खाते में स्थानांतरित करना। इस समय सोसायटी में कुल एक सौ छियानवे फ्लैट्स हैं जोकि एक करोड़ चौतीस लाख नब्बे हजार रुपए का फंड बनता है। बिल्डर ने सोसायटी को पचास लाख रुपए तथा कुछ फ्लैट स्वामियों ने लगभग पांच लाख पैतालीस हजार रुपए दिए हैं और उन्हेत्तर लाख पैतालीस हजार रुपए की शेष धनराशि बिल्डर के पास है जिनको बिल्डर द्वारा सोसाइटी के खाते में भेजना है। सोसायटी के कैंपस में बिल्डर की तेरह दुकानें भी हैं उनका कोई फंड इसमें शामिल नहीं है। दुकानों से कितना फंड लेना चाहिए यह नियमानुसार तय किया जाना जरूरी है। दुकानों का जो भी बनता है उसे भी बिल्डर को सोसाइटी के खाते में भेजें। सोसाइटी के आवश्यक एवं अधूरे कार्यों को बिल्डर द्वारा पूरे कराए जाएं तथा बचे हुए पूरे फंड के साथ चंदा ग्रीन्स सोसाइटी को यहां की कमेटी को हस्तांतरित कराने की अपील की है ताकि हम अपनी सोसाइटी को अच्छी तरह से चला सकें। ज्ञापन सौंपने वालों में सोसाइटी अध्यक्ष नवरत्न सिंह, सचिव एस पी सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता विनोद दीक्षित, ओमप्रकाश , शिवराज सिंह तोमर, रवि कुमार , मनोज कुमार, विष्णु बहादुर ,सी बी खड़के आदि मुख्य रूप से रहे शामिल रहे।

Back to top button