डीएफओ डॉ० एम सेम्मारन ने बिजनौर को हराभरा रखने के लिए कार्य योजना की तैयार

शहजाद अंसारी

बिजनौर। शासन द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाई जा रही मुहिम को गम्भीरता से लेते हुए प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग बिजनौर डॉ० एम सेम्मारन ने बिजनौर वन प्रभाग को हर भरा बनाये रखने के लिए अभी से कार्य योजना बनाकर 43 लाख पौधों का वृक्षारोपण कर क्षेत्र के पारिस्थितिकी तन्त्र को बचाये रखने की कवायद शुरू कर दी है।

पूरे विश्व मे ग्रीन हाउस गैसों के प्रभाव के कारण बढ़ती ग्लोबल वार्मिंग से भारत और उत्तर प्रदेश के साथ साथ हरियाली और वन संपदा से भरपूर होने के बावजूद जनपद बिजनौर भी अछूता नहीं रहा है। शिवालिक पर्वत श्रेणी की तलहटी में होने के बावजूद यहां भी तापमान में वृद्धि दर्ज हुई है जिस कारण प्रदेश सरकार द्वारा पर्यावरण सतुंलन के लिए प्रत्येक नागरिक को अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर पर्यावरण सुरक्षा की मुहिम चलाई जा रही है। मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग बिजनौर डॉ० एम सेम्मारन ने गम्भीरता से लेते हुए पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली है पूरे जनपद में 43 लाख पौधों का वृक्षारोपण का लक्ष्य जनपद बिजनौर को दिया गया है। जिसमें अकेले वन विभाग की भागीदारी 14 लाख पौधों के वृक्षारोपण की होगी बाकी 29 लाख अन्य विभागों जैसे राजस्व विभाग, ग्राम विकास, नगर पालिका, शिक्षा विभाग, पुलिस आदि को जिम्मेदारी देने के साथ वृक्षारोपण अभियान में जनसहभागिता सुनिश्चित करने के लिए 140 ग्राम पंचायतों का चयन कर जागरूक किसानों को भी मनरेगा के अंर्तगत लाकर इस अभियान से जोड़ा जाएगा और स्कूल कालेज तथा डिग्री कालेज के छात्र छात्राओं द्वारा लोगों को प्रेरित कर अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए उत्साहित किया जाएगा। जनपद में 43 लाख से अधिक पौधों का रोपण अभियान चलाकर किया जाएगा।

 

प्रभागीय निदेशक डॉ० एम सेम्मारन ने हमारे संवाददाता शहजाद अंसारी को जानकारी देते हुए बताया कि जनपद के स्कूल, कालेज, कार्यालय और विशेषकर सड़को और हाइवे के किनारे के स्थानों का चयन कर छायादार व फलदार वृक्षों जैसे नीम, आम, पलाश, सहजन, बरगद, युकेलिप्टिस, शीशम, सागौन, पापुलर आदि सभी प्रकार के वृक्षो को लगाकर जनपद को पूरे उत्तर प्रदेश में एक उदाहरण के रूप में पेश करने का प्रयास किया जाएगा।

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