हरियाली अमावस्या के दिन करें 4 कार्य, मिलेगा सुख सौभाग्य और धन

Hariyali Amavasya 2022 : हिंदू धर्म में पूजा पाठ का बड़ा महत्व माना गया है। लोगों मे धर्म तथा उससे जुड़े हुए कार्यों में आस्था भी है। धार्मिक पूजा पाठ के माध्यम से किए गए कार्यों पर लाभ भी खूब प्राप्त होता है। 28 जुलाई को हरियाली अमावस्या है। अमावस्या तो हर माह नहीं पड़ता है लेकिन सावन के महीने की हरियाली अमावस्या बहुत हितकर और सौभाग्य देने वाली होती है। कहा गया है कि हरियाली अमावस्या पर अगर 4 तरह के कार्य कर लिए जाएं तो जीवन में सुख सौभाग्य तथा धन की प्राप्ति होती है। जीवन के अभाव दूर हो जाते हैं। वहीं पितृदोष से भी मुक्ति मिलती है। आइए जाने हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya) पर हमें क्या करना चाहिए।

पितृ शांति के उपाय-Pitra Dosh Shanti Ke Upay: कहा गया है कि अगर आपकी कुंडली में पित्र दोष (Pitra Dosh) है तो हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya) के दिन विशेष उपाय करें। इसके लिए करना सिर्फ इतना है कि दक्षिण मुखी होकर पितरों का तर्पण करें। अवश्य ही पित्र दोष से मुक्ति मिल जाएगी। अगर हो सकता है तो किसी पवित्र नदी में स्नान करें और विधि विधान से पितरों का तर्पण करें। साथ ही बताया गया है पितृसूक्ति का पाठ भी करें। अवश्य ही शुभ फल प्राप्त होंगे जीवन में बनने वाले तनाव दूर हो जाएंगे।

दीपदान करें-हरियाली अमावस्या के दिन दीप दान करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं घर में सुख समृद्धि आती है। अगर शनिदेव के समक्ष दीप जलाकर आराधना की जाए तो शनिदेव प्रसन्न होते हैं। आटे का दीपक जलाकर नदी में प्रवाहित कर दीपदान करें। तीर्थ में पवित्र नदियों में दीपदान करने से जीवन का अंधकार मिटता है। विकास के नए मार्ग खुलते हैं। देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसलिए दीपदान अवश्य करना चाहिए।

करें अन्नदान-हरियाली अमावस्या के दिन अन्नदान करने का अपना विशेष महत्व बताया गया है। कहा गया है हरियाली अमावस्या के दिन किसी ब्राह्मण को भोजन करवाएं। साथी ही जरूरतमंदों को 3 या 4 तरह के अन्न दान अवश्य करना चाहिए। अन्न दान करने से कई ग्रहों की शांति होती है।

पौधरोपण अवश्य करें-हरियाली अमावस्या के दिन पवित्र पौधों का रोपण करने से जन्म जन्मांतर के पापों का नाश होता है और पुण्य फल प्राप्त होता है। आ गया है कि हरियाली अमावस्या के दिन आंवला, पीपल, बरगद, तुलसी तथा नीम का पौधा लगाना चाहिए। इन पौधों को लगाने के बाद की देखरेख करने से पित्र दोष समाप्त होता है।

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