जुलाई के महीने में औषधि प्रशासन ने की ताबडतोड कार्यवाही

अनियमितता मिलने पर 18 मेडिकल स्टोर के लाइसेंस किए निरस्त

भास्कर समाचार सेवा

मथुरा। जनपद में मेडिकल स्टोर से मरीजों को सही दवाएं मिलें और उनके साथ किसी तरह की कोई धोखाधडी न हो इसके लिए औषधि विभाग लगातार कार्यवाही कर रहा है। जुलाई महीने में मेडिकल स्टोर पर लगातार कार्यवाही की गई। इस दौरान 18 मेडिलक स्टोर के लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं। बिना लाइसेंस के चलते मिले एक मेडिलक स्टोर के संचालक के खिलाफ न्यायालय में परिवाद दर्ज कराया गया है। वहीं हिमाचल प्रदेश की इसकी दवा फर्म के खिलाफ भी कार्यवाही की गई है। इस फर्म की स्पोरियस ड्रग्स नकली पाई गयी है। इसके सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। फर्म के खिलाफयह कंपनी एंटी बायोटिक दवाएं बनाती है। कार्यवाही के दौरान पांच मेडिकल स्टोर के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। ये मेडिलक संचालक लाइसेंस का दुरूपयोग कर रहे थे और मेडिलक संचालन में तमाम तरह की अनियमितताएं यहां कार्यवाही के दौरान टीम को मिली थीं। इनमें गायत्री तपोभूमि आर्यन मेडिलक स्टोर, मनकेश्वर मेडिलक स्टोर, हरिदास मेडिकल स्टोर वृंदावन, कनक राया, आर्यसम्भी टाउनशिप शामिल हैं।


“मथुरा में लगातार दवाओं के नमूने लिए जाते हैं। यदि सैंपल फेल आता है तो उसकी विवेचना कर न्यायालय में निर्माता फर्म और अन्य दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध परिवाद दाखिल किया जाता है। समस्त मेडिलक स्टोर के संचालकों से अनुरोध है कि कृपया जो भी दवाई खरीदें बिल के साथ खरीदें। जिसको भी बेचें उसे बिल अवश्य दें, जिससे जनमानस को नकली दवाओं से बचाया जा सके”।  
-एके आनंद, ड्रग इंस्पेक्टर

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