Gujarat News : जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या हुई 33, तीन सदस्यीय जांच समिति गठित

गुजरात के बोटाद ( Botad ) जिले में जहरीली शराब ( poisonous Liquor ) पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 33 ( 33 death ) हो गई है। इनमें से 22 बोटाद जिले के विभिन्न गांवों के निवासी थे, जबकि छह लोग पड़ोसी अहमदाबाद ( Ahmedabad ) जिले के तीन गांवों के रहने वाले थे। इनके अलावा 45 से अधिक लोगों का भावनगर, बोटाद और अहमदाबाद के अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

इस बीच गुजरात ( Gujrat ) के पुलिस महानिदेशक आशीष भाटिया ने गांधीनगर में पत्रकारों को बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बोटाद के अलग-अलग गांवों की एक महिला समेत कुछ छोटे शराब तस्करों ने मिथाइल अल्कोहल (मेथेनॉल) में पानी मिलाकर नकली शराब बनाई थी, जो बेहद जहरीली होती है। वे 20 रुपए पाउच के दाम पर उसे गांववालों को बेचते थे। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। 

डीजीपी आशीष भाटिया ने बताया कि जान गंवाने वाले लोगों के रक्त के नमूनों की जांच में इस बात की पुष्टि हुई है। भाटिया ने बताया कि 14 लोगों के खिलाफ तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और उनमें से अधिकतर लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। भाटिया ने बताया कि जहरीली शराब पीने से अभी तक 33 लोगों की मौत हो चुकी है।

तीन सदस्यीय जांच समिति गठित

गुजरात सरकार के गृह विभाग ने इस मामले की विस्तृत जांच के लिए भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी सुभाष त्रिवेदी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एक समिति का गठन किया है। समिति तीन दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

बात दें कि यह मामला सोमवार सुबह तब सामने आया जब बोटाद के रोजिड गांव और आसपास के अन्य गांवों में रहने वाले कुछ लोगों को उनकी हालत बिगड़ने पर बरवाला क्षेत्र और बोटाद कस्बों के सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। 

जयेश की लालच ने ले ली 33 की जान

अब तक पुलिस की जांच में सामने आया है कि जयेश उर्फ राजू ने अहमदाबाद में एक गोदाम से 600 लीटर मिथाइल अल्कोहल चोरी किया था। राजू उस गोदाम में बतौर प्रबंधक काम करता था। उसने बोटाद में रहने वाले अपने एक रिश्ते के भाई संजय को 25 जुलाई को इसे 40 हजार रुपए में बेच दिया था। यह जानते हुए भी कि यह एक औद्योगिक विलायक (सॉल्वेंट) है। संजय ने बोटाद के विभिन्न गांवों के मादक पदार्थ तस्करों को इसे बेचा। इन मादक पदार्थ तस्करों ने इस रसायन को पानी में मिलाकर देशी शराब के तौर पर लोगों को बेचा। इससे 33 लोगों की मौत हुई।

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