अलीगढ़ में इंटरैक्टिव हेल्थ टॉक कार्यक्रम किया गया आयोजित

भास्कर समाचार सेवा

अलीगढ़। गंभीर बीमारियों का भी उपचार है संभव, लोगों को जानकारी होना जरूरी
समय पर इलाज होने से हमेशा ही बेहतर ‌परिणाम मिलते हैं। आज के समय में कठिन से कठिन बीमारी का भी इलाज मौजूद है लेकिन लोगों को जानकारी न होने या फिर घबराहट और भ्रामक जानकारी पर भरोसा करने से उपचार में देरी होती है। यह स्थिति मरीज के जोखिम को और बढ़ा सकती है। यह कहना है नई दिल्ली स्थित इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के डॉ. अमित मित्तल का।
नई दिल्ली स्थित इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स ने अलीगढ़ में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में प्रतिमानों को आगे बढ़ाने के लिए एक इंटरैक्टिव हेल्थ टॉक कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें गैस्ट्रो से लेकर कार्डियोलॉजी और न्यूरोसर्जरी तक के विशेषज्ञों ने सहभागिता की। इस दौरान अलीगढ़ और उसके आसपास के क्षेत्रों में पेट, दिल, मस्तिष्क इत्यादि से जुड़ी बीमारियां और उनके उपचार को लेकर जानकारियां दी।
शनिवार को होटल ऑर्किड ब्लू में आयोजित इस कार्यक्रम में नई दिल्ली स्थित इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ हितेंद्र गर्ग, ब्रेन एंड स्पाइन सर्जरी विभाग से डॉ सुधीर त्यागी और कार्डियोलॉजी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ अमित मित्तल शामिल हुए।
कार्यक्रम में डॉ हितेंद्र गर्ग ने कहा, अपोलो अस्पतालों में हम हमेशा महानगरों के अलावा छोटे शहर, कस्बा और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की स्वास्थ्य जांच में भी विश्वास रखते हैं। हम रोगी की चिकित्सा यात्रा का एक विश्वसनीय साथी बनने का प्रयास करते हैं और उपचार से लेकर मरीज के ठीक होने तक उसकी देखभाल सुनिश्चित करते हैं।
वहीं डॉ. सुधीर त्यागी ने कहा, महानगरों से अलावा अन्य क्षेत्रों में भी सर्जिकल प्रक्रियाएं इत्यादि के बारे में जानकारियां उपलब्ध कराने का हमारा प्रयास रहता है। हमारा लक्ष्य अलीगढ़ और उसके आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न बीमारियों को लेकर एक उन्नत चिकित्सा देखभाल प्रदान करना है। किसी भी मरीज के लिए मस्तिष्क और रीढ़ की सर्जरी का वि‌कल्प बेहद गंभीर होता है और इसके लिए अनुभवी डॉक्टर का होना भी जरूरी है। मरीज की रिकवरी जल्दी होने से लेकर उपचार के दौरान आने वाली जटिलताओं से उसकी रक्षा करना और उपचार के बाद मरीज का जीवन बेहतर बनाया जा सकता है।
इसी बीच एक सवाल पर डॉ अमित मित्तल ने कहा, अपोलो अस्पतालों में हम निदान से लेकर इलाज और रिकवरी तक मरीज की यात्रा के विश्वसनीय साथी बनने का प्रयास करते हैं। हमारा उद्देश्य मरीज का यह सफर आसान सुरक्षित और बेहतर बनाना है। हम हृदय रोग और इसके मौजूदा उपचार विकल्पों के बारे में जागरूकता पर जोर दे रहे हैं ताकि हर मरीज अपना सामान्य जीवन जी सके। हमारा उद्देश्य रोगियों को समय पर निदान और शीघ्र उपचार का लाभ प्रदान करना है।”
डॉक्टरों के अनुसार, आज भारत में सबसे जटिल बीमारियों के भी उपचार उपलब्ध हैं। ऐसे में किसी भी रोगी को जटिल बीमारी के निदान के डर से देरी नहीं करनी चाहिए। रोगी के ठीक होने के मामले में जल्दी इलाज की गई बीमारी के हमेशा बेहतर परिणाम होते हैं।
इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के बारे में:
इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल, भारत का पहला जेसीआई मान्यता प्राप्त अस्पताल, दिल्ली सरकार और अपोलो अस्पताल एंटरप्राइज लिमिटेड के बीच एक संयुक्त उद्यम है। जुलाई 1996 में कमीशन किया गया, यह अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप द्वारा स्थापित तीसरा सुपर-स्पेशियलिटी टर्शियरी केयर हॉस्पिटल है। 15 एकड़ में फैले, इसमें 300 से अधिक विशेषज्ञों और 700 से अधिक ऑपरेशनल बेड, 19 ऑपरेशन थिएटर, 138 आईसीयू बेड, चौबीसों घंटे फार्मेसी, एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं, 24 घंटे आपातकालीन सेवाओं और एक सक्रिय एयर एम्बुलेंस के साथ 57 विशेषता हैं। सर्विस। अपोलो हॉस्पिटल्स दिल्ली का देश में किडनी और लीवर ट्रांसप्लांट में अग्रणी कार्यक्रम है। भारत में पहला सफल बाल रोग और वयस्क यकृत प्रत्यारोपण इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में किया गया था। चिकित्सा प्रौद्योगिकी और विशेषज्ञता के मामले में अस्पताल सबसे आगे है। यह अपने रोगियों की देखभाल के लिए नवीनतम नैदानिक, चिकित्सा और शल्य चिकित्सा सुविधाओं की एक पूरी श्रृंखला प्रदान करता है। अस्पताल ने 64 स्लाइस सीटी और 3 टेस्ला एमआरआई, नोवालिस टीएक्स और एकीकृत पीईटी सूट की शुरुआत के साथ भारत में सबसे परिष्कृत इमेजिंग तकनीक पेश की है। इंद्रप्रस्थ अपोलो ने निवारक स्वास्थ्य जांच कार्यक्रमों की अवधारणा का भी बीड़ा उठाया है और दशकों से एक संतुष्ट ग्राहक आधार बनाया है। पिछले कुछ वर्षों से द वीक सर्वे द्वारा अस्पताल को लगातार भारत के सर्वश्रेष्ठ 10 अस्पतालों में स्थान दिया गया है।

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