कानपुर : जच्चा बच्चा अस्पताल में पोस्टिंग को लेकर बड़ा घालमेल

शिकायत मिलने पर हटाइ गई नर्साे की फिर हुई वापसी

न्यूरो विभाग और हैलट की पोस्टिंग ,लेकन काम जच्चा बच्चा अस्पताल में

कानपुर। उत्तर प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओ को लेकर निज नए आयाम कायम कर रही है। जिसका प्रमाण सामने है कि सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल बनाने में सरकार कोई कोर कसर नही छोड़ रही है। लेकिन मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध अपर इंडिया सुगर एक्सचेंज जच्चा बच्चा में सीनियर डॉक्टर अपने चहेतों को अपने हिसाब से लगा कर ट्रांस्फर निती को धता बता रही है। जच्चा बच्चा में 3 मेट्रन है, लेकिन काम उतना ही होता है जितना उनका मन करता है। 

मेडिकल कॉलेज और उससे सम्बद्ध अस्पतालों में ट्रांसफर नीति का किस प्रकार मज़ाक बना कर रखा है और सभी अपनी मनमानी करने में जुटे हुए है यह साफ तौर पर देखा जा सकता है। जिन दो नर्साे की ज्यादा शिकायत मिलने पर तत्कालीन एचओडी डॉ किरण पांडेय व सीएमएस डॉ सुबोध यादव ने उन्हें विभाग से हटा दिया था, लेकिन वर्तमान एचओडी की खासकार मानी जाने वाली दोनों नर्साे को आपस बुला लिया गया। ऐसे कई खेल जच्चा बच्चा अस्पताल में में चल रहा है। सूत्रो के अनुसार जच्चा बच्चा अस्पताल में वर्तमान समय में तीन मेट्रन जिनमें शकुन लाल, हंसमोहिनी और प्रिता रोस्टन है। इन तीनो की तिकडी से स्टाफ के कई लोग परेशान है। विभागीय सूत्रो के अनुसार प्रिता रोस्टन की पोस्टिंग न्यूरो विभाग में है,लेकिन उन्हें जच्चा बच्चा भेजा गया है। वही शकुन लाल अपनी हिटलरशाही के लिए जानी जाती है। कई ऐसी स्टाफ नर्स है जो शकुन लाल और उनकी साथी मेट्रन हंसमोहिनी से परेशान है। पीओपी और वार्ड नंम्बर एक में गन्दगी साफ तौर पर नजर आएगी,लेकिन मेट्रन साहिबा को इन सबसे से क्या करना है। जबकि मेट्रन हंसमोहिनी की पोस्टिंग हैलट एलएलआर में है, काम जच्चा बच्चा अस्पताल में कर रही है। वही पी सी पाण्डेय को मेट्रन बना कर भेजा गया जिनसे सिस्टर का काम लिया जा रहा है। आखिर इन सबको किसने बढ़ावा दिया है और किनकी शह पर इतना बडा घाल मेल चल रहा है। सूत्रो की माने तो मेट्रन शकुन लाल और हंसमोहिनी का कुछ स्टाफ नर्स और आउट सोर्सिंग नर्साे पर खास मेहरबानी है जिसके चलते उनका वर्चस्व कायम है। इस बावत सीएमएस डा0 रीता गुप्ता से बात की तो उन्होंने इस प्रकरण पर बोलने से साफ इंकार कर दिया और मीडिया प्रभारी गणेश शंकर से बात करने को कहा। 

-मुझे किसी भी बात की कोई जानकारी नही है और न ही मै बता सकती हूँ। हम सभी को मीडिया से कहने के लिए मना किया गया। आप प्राचार्य से पूछे और उन्ही से बात करे। मीडिया से हमारा कोई लेना देना नही। रही बात यहां पोस्टिंग की तो यह एसआईसी से सम्बंद्ध की गई होगी।

डॉ. रीता गुप्ता, सीएमएस (हैलट जच्चा बच्चा)

– सीएमएस व एचओडी शिकायत पर हटी दो नर्से फिर हुई वापस।

 बता दे कि तत्कालीन एचओडी डॉ. किरण पाण्डेय व सीएमएस डॉ. सुबोध यादव ने स्थाई स्टाफ नर्स संगीता पाल व आउट सोर्सिंग नर्स सोनिया गुप्ता की शिकायत मिलने पर उन्हें हटा दिया गया था,लेकिन जैसे ही एसओडी का प्रभार डॉ. नीना गुप्ता के पास पहुंचा यह दोनो नर्से पुनः वापस बुला ली गई।

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