कानपुर :  84 मीटर की टनलिंग के बाद टनल बोरिंग मशीन का प्रारंभिक ड्राइव हुआ पूरा

कानपुर। मेट्रो रेल परियोजना के 23 किमी. लंबे पहले कॉरिडोर के अंतर्गत चुन्नीगंज और नयागंज के बीच निर्मित हो रहे 4 किमी. लंबे भूमिगत सेक्शन में नाना टनल बोरिंग मशीन ने अपना पहला मील का पत्थर हासिल कर लिया। 84 मीटर की टनलिंग प्रक्रिया पूरी करने के साथ ही उसका प्रारंभिक ड्राइव पूरा हो गया। इसके बाद अब मशीन के बैकअप सिस्टम को टीबीएम के शील्ड से जोड़ने के लिए 17.5 मीटर गहरे आयताकार लॉन्चिंग शाफ़्ट में उतारा जाएगा जिससे पूरी तरह ऑटोमैटिक तरीके से खुदाई का काम पूर्ण गति से किया जाएगा। 

बैकअप सिस्टम यूनिट को टीबीएम का कंट्रोल रूम भी कहा जा सकता है जहां मशीन की सभी सहायक प्रणालियां मौजूद होती हैं। बैकअप सिस्टम यूनिट के माध्यम से मशीन 24 घंटे काम करती है। यह रोलिंग संरचना टीबीएम से जुड़कर उसके साथ आगे बढ़ती है। टनल में मशीन के आगे बढ़ने के साथ ही बैकअप सिस्टम तक रिग सेग्मेंट पहुंचाने के लिए रेल की पटरियां लगाई जाती हैं। 

टीबीएम ख़ुदाई के साथ-साथ टनल रिंग सेग्मेंट्स को भी लगाती चलती है। टनल में लगाए जाने वाले ये रिंग सेग्मेंट्स कॉन्क्रीट के बने होते हैं और इन्हें कास्टिंग यार्ड में प्रीकास्ट किया जाता है।  भूमिगत सेक्शन में, 6 सेग्मेंट्स से एक टनल रिंग बनती है। लगभग 4 किमी. लंबे इस सेक्शन में अप-लाइन और डाउन लाइन को मिलाकर कुल 5.4 किमी. की टनल का निर्माण होना है, जिसका व्यास 5.8 मीटर होगा।’

यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के एमडी सुशील कुमार ने भूमिगत मेट्रो के निर्माण कार्य की प्रगति पर संतोष जताया है। उन्होंने कहा कि समयबद्ध तरीके से पूरी सुरक्षा के साथ टनल निर्माण कार्य चल रहा है। मोतीझील के आगे, चुन्नीगंज से नयागंज और कानपुर सेंट्रल से ट्रांसपोर्ट नगर के बीच, दो भागों में भूमिगत सेक्शनों का निर्माण किया जा रहा है। इसके आगे, बारादेवी से नौबस्ता के बीच लगभग 5 किमी. लंबा उपरिगामी सेक्शन बनना है।

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