नोएडा में कातिल कोरोना : 8 +ve आखिर कैसे हो गए नेगेटिव? जाँच में उठ रहे सवाल 

नोएडा
कोरोना की जांच को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले यानी नोएडा का है। यहां आठ लोगों के नमूने की निजी लैब्स में जांच होने पर रिपोर्ट पॉजिटिव निकली थी। लेकिन जब उनकी सरकारी प्रयोगशालाओं में दोबारा जांच कराई गई तो रिपोर्ट नेगेटिव निकली।
जिला निगरानी अधिकारी सुनील दोहरे ने कहा कि इन आठ लोगों को अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई। फर्जी रिपोर्ट को लेकर अब निजी लैबों को नोटिस दिया जा रहा है। इस तरह की कई लैबरेटरीज को नोटिस भेजा जा रहा है। इन लैब्स का ब्योरा अभी पता नहीं चल सका है।

एक वरिष्ठ सरकारी डॉक्टर ने कहा, ‘निजी प्रयोगशालाओं से मिली संदिग्ध रिपोर्टों को राष्ट्रीय जीव विज्ञान संस्थान (एनआईबी) या अति विशिष्ट बाल चिकित्सा अस्पताल और स्नातकोत्तर शिक्षण संस्थान (एसएसपीएचपीजीटीआई) या सरकारी आयुर्विज्ञान संस्थान (जीआईएमएस) में सत्यापित किया जा रहा है।’ 

उन्होंने कहा, ‘जांच के लिए मरीजों का चयन करते वक्त निजी चिकित्सा संस्थानों को भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए निर्देशित किया गया है, जबकि जांच केवल आईसीएमआर-मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में ही की जानी है।’

शुक्रवार को 9 कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं। शुक्रवार को इलाज के बाद ठीक होने पर 28 मरीजों को अस्पतालों से छुट्टी दी गई है। एक व्यक्ति की मौत होने के साथ ही अबतक जिले में कोविड-19 के संक्रमण से मरने वालों की संख्या छह हो गई है।

जिला निगरानी अधिकारी डॉक्टर सुनील दोहरे ने बताया कि शुक्रवार को आई कोविड-19 जांच रिपोर्ट से नौ लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई। उन्होंने बताया कि सभी मरीजों को ग्रेटर नोएडा के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती किया गया है। जिला निगरानी अधिकारी ने बताया कि आज 28 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे हैं।

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