लखनऊ : महिला ने अपने दो बच्चों के साथ ट्रेन के आगे कूदकर दे दी जान, सीएमएस स्कूल में पढ़ता था बड़ा बेटा

लखनऊ में शुक्रवार को एक महिला ने अपने दो बच्चों के साथ ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। वारदात महानगर में सेंट्रल बैंक क्रासिंग के पास की है। महिला अपने बड़े बेटे को स्कूल छोड़ने के बहाने घर से निकली थी। उसने घर के बाहर कुंडी भी लगा दी थी। घर के अंदर महिला की सास मौजूद थी। महिला घर से निकलकर रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंची। क्रॉसिंग बंद होने के कारण पहले तो महिला ने गेट खुलने का इंतजार किया। उसके बाद एकाएक ट्रेन आते ही फाटक पार करके ट्रेन के आगे कूद गई।

ट्रेन की चपेट में आने से महिला और उसके छोटे बेटे ने मौके पर दम तोड़ दिया। बड़े बेटे ने हादसे के तीन घंटे बाद अस्पताल में दम तोड़ दिया। एक साथ तीन मौतों से परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है।

सीएमएस स्कूल में पढ़ता था बड़ा बेटा
मालदा कॉलोनी की एकता बिल्डिंग में शशि भूषण रहते हैं। वे बेरोजगार हैं। शशि के पिता सूचना विभाग में थे। उनकी पेंशन मां को मिलती है। उसी से घर का खर्च चल रहा है। उनका बेटा अनय भूषण (8 साल) निशातगंज के सिटी मांटेसरी स्कूल में पढ़ता था। पत्नी मधु भूषण (36 साल) शुक्रवार सुबह 7:30 बजे छोटे बेटे अमिश भूषण (2.5 साल) को गोद में लेकर बड़े बेटे को स्कूल छोड़ने के बहाने से घर से निकलीं।

न्यू हैदराबाद कॉलोनी में रहने वाले जितेंद्र शर्मा के मुताबिक, न्यू हैदराबाद से महानगर की तरफ जाने वाली रोड पर क्रॉसिंग पर मां और दोनों बेटों की ट्रेन से कट कर मौत हो गई। क्रॉसिंग बंद होने पर महिला कुछ देर तो ट्रेन आने का इंतजार करती रही। फिर ट्रेन को देखते ही फाटक के नीचे से निकलकर ट्रेन के सामने आ गई।

ये तस्वीर मधु और शशि के बड़े बेटे अमिश भूषण की है।

ये तस्वीर मधु और शशि के बड़े बेटे अमिश भूषण की है।

ट्रेन की चपेट में आकर महिला और छोटे बेटे की मौत हो गई, जबकि बड़ा बेटा दूर जा कर गिर गया। उसे तत्काल ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 3 घंटे में उसकी भी मौत हो गई।

पड़ोसियों ने पिता को दी हादसे की सूचना

शशि भूषण ने बताया कि पड़ोसियों ने पत्नी और बच्चों के साथ हादसे की खबर दी। इसके बाद वो ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, जहां पत्नी और बेटे की मौत की सूचना मिली। रेलवे प्रशासन के मुताबिक, यह घटना सुबह 7:46 बजे की है। निरीक्षण ट्रेन लखनऊ से गोरखपुर जा रही थी। डालीगंज और बादशाहनगर स्टेशन के बीच महिला और दो बच्चे की चपेट में आकर मौत हो गई।

फिलहाल, पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि पति-पत्नी के बीच दो महीने से अनबन चल रही थी। दोनों के बीच बोलचाल भी नहीं थी। घटना वाली जगह से स्कूली बच्चे का बैग नहीं मिला है। न ही कोई मोबाइल मिला है।

घर की बाहर से कुंडी बंद कर निकली थी मधु

पुलिस पूछताछ में शशि भूषण ने बताया कि “शुक्रवार सुबह छह बजे के करीब रिश्तेदार का पीजीआई में पर्चा बनवाने के लिए निकल गया था। साढ़े सात बजे मां शकुंतला का फोन आया कि बेटा मधु घर से अनय को स्कूल छोड़ने की बात कह कर निकली है। अमिश को भी साथ ले गई है, लेकिन बाहर से दरवाजे में कुंडी लगा गई है।” अनहोनी की आशंका पर शशि तुरंत पीजीआई से घर के लिए निकला। मगर, इसी बीच पड़ोसी का फोन आया कि मधु और बच्चे ट्रेन की चपेट में आ गए हैं।

स्कूल ड्रेस से हुई पहचान, घर पर ही था बच्चे का स्कूल बैग
महानगर पुलिस के मुताबिक, बच्चे की स्कूल ड्रेस के हिसाब से स्कूल प्रबंधन से संपर्क किया गया। जहां बच्चे की फोटो देखने पर उसकी पहचान हुई। इसके बाद घर पर घटना की सूचना दी गई। जांच में सामने आया कि मधु बच्चे को स्कूल छोड़ने का बहाना करके निकले थी। उसने घर में ही बच्चे का स्कूल बैग और अपना पर्स और मोबाइल छोड़ दिया था। जिससे साफ हुआ मधु ने घर से ही सुसाइड का प्लान बना लिया था।

दो माह से पति से चल रहा था विवाद
इंस्पेक्टर केशव तिवारी ने बताया कि पूछताछ में शशि भूषण ने बताया कि पत्नी से दो माह से पारिवारिक कारणों से विवाद चल रहा है। जिसके चलते बाहर खाना खाता था। उसकी मां से भी मधु की नहीं बनती थी। कोरोना की पहली लहर में वह मुंबई अपने भाई संजय के घर चली गई थी। जहां से पुलिस थाना होने के बाद आठ माह बाद घर लौटी। घटना की जानकारी मधु के भाई को भी दे दी गई है।

घर से 900 मीटर दूर किया सुसाइड
मधु ने घर से करीब 900 मीटर सुसाइड किया है। जहां कुछ देर खड़े होने के बाद ट्रेन आते देख बच्चों के साथ पटरी पर आ गई। लोगों को लगा वह पटरी पार कर रही, लेकिन कोई कुछ समझता उससे पहले तीनों ट्रेन की चपेट में आ चुके थे।

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