मृतक बीर सिंह के घर पहुंचकर परिवार को सांत्वना देती नगरायुक्त गजल भारद्वाज

मृतक बीर सिंह के परिवार को सीएलसी से दी जायेगी पेंशन

मृतक की दोनों बहनों को किया जायेगा सीएलसी के माध्यम से समायोजित

भास्कर समाचार सेवा

सहारनपुर। आऊट सोर्स सफाई कर्मचारी (सीएलसी) बीर सिंह की एक दुर्घटना में मृत्यु हो जाने पर नगरायुक्त गजल भारद्वाज ने दुख व्यक्त किया है। नगरायुक्त बुधवार की शाम बीर सिंह के घर पहुंची और बीर सिंह के निधन पर दुख व्यक्त करते बीर सिंह की मृत्यु को दुर्भाग्य पूर्ण बताया। उनके साथ अपर नगरायुक्त राजेश यादव व नगर स्वास्थय अधिकारी डॉ.कुनाल जैन भी मौजूद रहे। नगरायुक्त ने मृत कर्मचारी बीर सिंह की तीनों बहनों को सांत्वना देते हुए कहा कि दुर्घटना वाले दिन से ही नगर निगम आपके परिवार के साथ खड़ा है और आगे भी खड़ा रहेगा। बीरसिंह की बड़ी बहन ने नगरायुक्त से अनुरोध किया कि उसकी दोनों छोटी बहनों को सेवा में समायोजित किया जाए। नगरायुक्त ने भरोसा दिलाया कि दोनों को सीएलसी के माध्यम से सेवा में समायोजित किया जायेगा। उन्होंने तीनों बहनों से कहा कि वे आधार कार्ड, ट्रीटमेंट के पर्चे, मृत्यु प्रमाण पत्र आदि कागज तैयार कर अधिकारियों को दे दें, परिवार की हर संभव मदद की जायेगी। उन्होंने अपर नगरायुक्त राजेश यादव को निर्देश दिए कि वह स्वयं इस मामले को देखें और जो भी परिवार के लिए किया जा सकता है वह करें।
आऊट सोर्स सफाई कर्मचारी (सीएलसी) बीर सिंह कांवड यात्रा के दौरान सफाई कार्य करते हुए करंट से झुलस गया था जिसका दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार चल रहा था। लेकिन गत दिवस उपचार के दौरान बीर सिंह की मृत्यु हो गयी। नगरायुक्त ने बताया कि घटना होने पर उसी दिन निगम ने ऐम्बुलेंस से बीर सिंह को उपचार के लिए सफदर जंग अस्पताल दिल्ली भेजा गया था। उन्होंने कहा कि बीर सिंह के परिवार से उनकी व पूरे नगर निगम की सहानुभूति है। नगरायुक्त ने बताया कि आज सुबह भी जब बीर सिंह के परिवार के लोग उनसे मिले थे तो उन्होंने उन्हें बताया था कि मृत आश्रित परिवार को सीएलसी द्वारा पेंशन दी जायेगी और परिवार के सदस्य को सीएलसी के माध्यम से सेवा में समायोजित किया जायेगा। मृतक आश्रित परिवार को शासन से आर्थिक सहायता दिलाने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र भी भेजा जायेगा।
उधर आज वाल्मीकि समाज के लोगों ने नगर निगम पहुंचकर मृत बीर सिंह के आश्रित परिवार को नकद मुआवजा और परिवार के सदस्यों को नौकरी देने की मांग की। वाल्मीकि समाज के नेताओं से वार्ता करते हुए अपर नगरायुक्त राजेश यादव ने उन्हें बताया कि दुर्घटना के दिन से ही नगर निगम की टीम बीर सिंह के परिवार के संपर्क में रही है। दुर्घटना के बाद बीर सिंह को तुरंत दिल्ली सफदर जंग अस्पताल भिजवाने के साथ ही इलाज में मदद के लिए दस हजार नकद भी दिए गए थे। इसके अलावा सीएलसी द्वारा अंतिम संस्कार के लिए 15 हजार रुपये की सहायता राशि दी गयी है। मृत आश्रित पारिवारिक सदस्यों को तीन से चार हजार रुपये तक पेंशन लाभ तथा इश्योरेंस की धनराशि अधिकतम छह लाख रुपये तक शीघ्रता से उपलब्ध करायी जायेगी। इसके अलावा परिवार के सदस्य को सीएलसी द्वारा आज ही सेवा में समायोजित किया जायेगा तथा मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता हेतु शासन को पत्र लिखा जायेगा। अपर नगरायुक्त ने वाल्मीकि नेताओं को बताया कि मृतक आश्रित परिवार को बीर सिंह का दो-दो माह का वेतन दो बार यानि 38 हजार रुपये भी दिया जा चुका है। वार्ता के दौरान तय किया गया कि निगम के कर्मचारियों व अधिकारियों द्वारा व्यक्तिगत धनराशि एकत्र कर बीर सिंह के परिवार को आर्थिक सहायता दी जायेगी।

वार्ता के दौरान अपर नगरायुक्त राजेश यादव, सिटी मजिस्ट्रेट विवेक चतुर्वेदी, एसडीएम सदर किंशुक श्रीवास्तव व एसपी सिटी राजेश कुमार तथा वाल्मीकि समाज की ओर से वाल्मीकि समाज के जिला अध्यक्ष विनोद घावरी, महामंत्री राकेश कल्याण, सफाई कर्मचारी यूनियनों के नेता सोनी आजाद, धीरज आजाद, राहुल वाल्मीकि, अजय बिरला, राजकमल व बृज मोहन आदि शामिल रहे।

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